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सोशल मीडिया पर पत्रकार रविश कुमार का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें वह झारखंड प्रोटेस्ट को लेकर अभिजीत दीपके और CJP पर कटाक्ष करते दिख रहे हैं, यह वीडियो AI की मदद से बनाया गया है, इसी तरह बांग्लादेश का एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह वीडियो नेपाल में मुस्लिमों की पिटाई का है.
बीते हफ्ते सोशल मीडिया पर इसी तरह के अलग-अलग भ्रामक और फर्जी दावे शेयर किए गए हैं. वेबकूफ के इस वीकली RECAP में हम आपको इस हफ्ते वायरल हुए कुछ ऐसी ही भ्रामक दावो और फर्जी खबरों के बारे में बताएंगे.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है, जिसमें सड़क पर भारी जनसैलाब देखा जा सकता है. दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो राजस्थान के जयपुर का है, जहां UGC की हालिया गाइडलाइंस के विरोध में भारी संख्या में लोग सड़क पर उतर गए हैं और ये लोग दिल्ली की तरफ बढ़ रहे हैं.
वायरल वीडियो असली नहीं बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाया गया है.
पूरी पड़ताल यहां पढ़ें.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि ईरानी लोग इजरायली और अमेरिकी झंडों के साथ भारतीय झंडे को भी जला रहे हैं।
क्या है दावा?: वायरल पोस्ट में से एक के कैप्शन में लिखा है, 'ईरानी इजरायली और अमेरिकी झंडों के साथ भारतीय झंडा क्यों जला रहे हैं?'
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है, जिसमें एक फ्लाइट में भयानक टर्बुलेंस आने के चलते यात्री परेशान दिख रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि ये 4 अगस्त 2026 की उस हालिया घटना का वीडियो है, जब एयर इंडिया की फ्लाइट AI2379 उड़ान में आए टुर्बुलेंस में 17 लोग घायल हो गए.
वायरल वीडियो एयर इंडिया की फ्लाइट में हुई हालिया घटना का नहीं बल्कि 8 साल पुरानी घटना का है.
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें लड़कों का एक ग्रुप पेड़ से बंधे एक आदमी के साथ मारपीट करता दिख है. यूजर्स का दावा है कि इस वीडियो में नेपाल में एक मुस्लिम व्यक्ति के साथ बुरा बर्ताव होते हुए दिखाया गया है.
यह दावा दक्षिणी नेपाल में हाल ही में हुई सांप्रदायिक झड़पों के बीच सामने आया है, जहां हिंदू और मुस्लिम समुदायों के बीच अशांति के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई थी.
यह वीडियो बांग्लादेश के कुमिला का है और नेपाल में हुई सांप्रदायिक झड़पों से पहले का है.
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सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में बड़ी संख्या में भीड़ कहीं जाती दिख रही है. वीडियो में ज्यादातर लोगों के सिर पर वो टोपी है जो मुस्लिम समुदाय में पहनी जाती है.
दावा: किया जा रहा है कि ये वीडियो नेपाल का है, जहां चेतावनी के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग देश छोड़ रहे हैं.
पोस्ट का अर्काइव यहां देखें
सोर्स : स्क्रीनशॉट/इंस्टाग्राम
वायरल वीडियो पश्चिम बंगाल के धनियाखाली का है.
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि एक मुस्लिम शख्स भगवा कपड़ा पहनकर अपनी पहचान छिपाने की कोशिश कर रहा है और हिंदू लड़की का मोबाइल चोरी कर रहा है.
इस घटना में कोई सांप्रदायिक एंगल नहीं है. वायरल दावा गलत है.
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें बीजेपी के कुछ कार्यकर्ताओं को पत्थरबाजी करते हुए देखा जा सकता है.
दावा: इस पोस्ट को झारखंड में चल रहे JPSSC प्रोटेस्ट से जोड़कर हालिया घटना का बताकर शेयर किया जा रहा है.
यह दावा सही नहीं है. वायरल वीडियो हालिया JPSC प्रदर्शनों से जुड़ा नहीं है बल्कि पुराना है.
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें एक उग्र और हिंसक भीड़ को कुछ मुस्लिम लोगों के साथ मारपीट करते हुए देखा जा सकता है.
दावा: इस वीडियो को नेपाल की घटना का बताकर शेयर किया जा रहा है और दावा किया जा रहा है कि इस वीडियो में नेपाल के हिंदुओ को मुसलमानों को पीटते हुए देखा जा सकता है.
यह दावा सही नहीं है. यह वीडियो नेपाल का नहीं बल्कि बांग्लादेश का है.
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सोशल मीडिया पर पत्रकार रविश कुमार का एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें उन्हें कतिथ तौर पर झारखंड में चल रहे प्रोटेस्ट को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेताओं की गैर-मौजूदगी को लेकर सवाल खड़े करते हुए देखा जा सकता है.
यह दावा सही नहीं है.यह वीडियो असली नहीं है, बल्कि इसमें AI की मदद से छेड़छाड़ की गई है.
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है, जिसमें देखा जा सकता है कि जलभराव में डूबी एक क्षतिग्रस्त मस्जिद की छत पर खड़ा शख्स अजान दे रहा है. वीडियो को असम की बाढ़ का बताकर शेयर किया जा रहा है.
वायरल वीडियो असली नहीं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बना है.
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सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें एक महिला को भीड़ घेरे हुए है. फिर वीडियो के अगले हिस्से में महिला को पुलिस हिरासत में देखा जा सकता है. आगे वीडियो में छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा पर महिला चप्पल फेकती दिख रही है. वीडियो को सांप्रदायिक दावे के साथ शेयर कर कहा जा रहा है कि ये महिला मुस्लिम है.
छत्रपति शिवाजी की प्रतिमा पर चप्पल फेंके जाने की घटना सच है. पर इस घटना में आरोपी महिला मुस्लिम समुदाय से नहीं है. महिला का नाम अश्वनी दागड़े है.
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(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)