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SIR के खिलाफ और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर, INDIA ब्लॉक की तमाम पार्टियों ने 01 नवम्बर 2026 को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रदर्शन किया था. बीते हफ्ते ईरान और अमेरिका के बीच जारी तनाव के दौरान अमेरिका ने ईरान पर हवाई स्ट्राइक का दावा किया है. ऐसे मुद्दों से जुड़ी असली खबरों के बीच सोशल मीडिया पर कई फेक न्यूज और भ्रामक दावे भी शेयर किए गए.
वेबकूफ के इस वीकली RECAP में हम आपको सोशल मीडिया पर बीते दिनों वायरल हुए कुछ ऐसे ही दावों के बारे में बताएंगें.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि एक नई-नवेली दुल्हन साड़ी पहने हुए लोको पायलट के तौर पर अपनी ड्यूटी कर रही है.
'The Times of India', 'NewsX' और 'News18 Hindi' जैसी न्यूज वेबसाइट्स ने भी इन वीडियो को शेयर किया है.
यह दावा गलत है, क्योंकि यह वीडियो AI की मदद से बनाई गई है.
पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो काफी शेयर किया जा रहा है, जिसमें एक व्यक्ति किसी मीडियाकर्मी से एक रैली में शामिल होने के बारे में बात कर रहा है.
दावा क्या है?: यह वीडियो इस दावे के साथ शेयर किया गया है कि 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित 'फ्लॉप रैली' के दौरान कांग्रेस ने 'फर्जी प्रदर्शनकारियों' का इंतजाम किया था. यह रैली मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन के बीच आयोजित की गई थी.
क्या यह सच है?: नहीं, यह दावा भ्रामक है.
पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि उत्तरप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी (SP) प्रमुख अखिलेश यादव ने भारत की आज़ादी का श्रेय मोहम्मद अली जिन्ना को दिया. बीजेपी के आधिकारिक X अकाउंट से वीडियो इसी दावे के साथ शेयर किया गया.
पोस्ट का आर्काइव यहां देखें
सोर्स : स्क्रीनशॉट/X
वायरल वीडियो अधूरा है. एडिटेड वीडियो को अधूरे संदर्भ के साथ गलत दावे से शेयर किया जा रहा है.
पूरी पड़ताल यहां पढ़ें.
सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि इज़रायल के वर्तमान प्रभारी प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू पर गोली चलाकर उनकी हत्या कर दी गई है. ये दावा ऐसे वक्त पर किया जा रहा है जब हाल में इज़रायल में हुए चुनाव में बेंजामिन नेतन्याहू के नेतृत्व को पूर्ण बहुमत नहीं मिल सका था. दावे में कहा गया है कि ये घटना नेतन्याहू के चुनाव हारने के बाद हुई है.
कई यूजर्स ने वीडियो शेयर करते हुए AI चैटबोट Grok से भी खबर की पुष्टि करने को कहा है.
नहीं, वायरल वीडियो नेतन्याहू पर हुए हमले का नहीं है. वीडियो 13 साल पुराना है.
पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें.
सोशल मीडिया पर एक खुले मैदान में भारी भीड़ की तस्वीर वायरल हो रही है. लोग इसे 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूसिव अलायंस' (INDIA) गठबंधन की उस रैली से जोड़ रहे हैं, जो 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित की गई थी. इस रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेंद्र कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी.
यह दावा गलत है, क्योंकि यह तस्वीर पुरानी है.
पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें एक बड़ा धमाका देखा जा सकता है. इस वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि इसमें ईरान का परमाणु परीक्षण देखा जा सकता है.
यह वीडियो असली नहीं है और इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI ) का इस्तेमाल करके बनाया गया है.
पूरी पड़ताल यहां पढ़ें.
सोशल मीडिया पर भीड़ का एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि, "रामलीला मैदान के बाहर 2 लाख से ज्यादा लोग जमा हुए हैं राहुल गांधी के लिए अविश्वसनीय दीवानगी. यह बहुत बड़ा है. यह ऐतिहासिक है."
इस कैप्शन के साथ एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि यह दिल्ली के रामलीला मैदान का है.
यह दावा सही नहीं है.
यह वीडियो रामलीला मैदान में हुई हालिया INDIA ब्लॉक की रैली का नहीं है.
पूरी पड़ताल यहां पढ़ें.
(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर आईडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)