सोशल मीडिया पर एक खुले मैदान में भारी भीड़ की तस्वीर वायरल हो रही है. लोग इसे 'इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूसिव अलायंस' (INDIA) गठबंधन की उस रैली से जोड़ रहे हैं, जो 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में आयोजित की गई थी. इस रैली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेंद्र कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी.
क्या यह दावा सही है ?: नहीं, यह दावा गलत है, क्योंकि यह तस्वीर पुरानी है.
यह तस्वीर फरवरी 2019 की है और इसमें कोलकाता के ब्रिगेड ग्राउंड में 'लेफ्ट फ्रंट' की एक रैली दिखाई गई है.
हमने सच का पता कैसे लगाया ?: वायरल तस्वीर पर 'रिवर्स इमेज सर्च' का ऑप्शन इस्तेमाल करने पर हमें यही फोटो मिली, जिसे मीडिया संगठन People's Dispatch ने शेयर किया था. उन्होंने 4 फरवरी 2019 को इस पर एक रिपोर्ट पब्लिश की थी.
इसमें बताया गया था कि यह रैली 2019 के लोकसभा चुनावों से पहले आयोजित की गई थी. इसका नेतृत्व पश्चिम बंगाल के 'लेफ्ट फ्रंट' गठबंधन ने किया था, जिसने केंद्र से भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राज्य से ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) को "सत्ता से हटाने" का संकल्प लिया था.
हमें यही तस्वीर स्टॉक वेबसाइट 'अलामी' (Alamy) पर भी मिली, जहां इसे 3 फरवरी 2019 को ब्रिगेड ग्राउंड में हुई वामपंथी रैली के बारे में एक कैप्शन के साथ शेयर किया गया था.
The Quint ने 2021 में ही इस तस्वीर से जुड़े एक दावे का खंडन किया था, जब इसे यह दावा करते हुए शेयर किया गया था कि इसमें कोलकाता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के लिए जुटी भारी भीड़ दिख रही है.
जिस अकाउंट ने यह दावा शेयर किया है, जिसका हैंडल 'CJP_for_India' है, यह भी CJP का असली अकाउंट नहीं है.
'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) से जुड़ी गलत जानकारी पर अपनी एक पिछली रिपोर्ट में, 'The Quint' के 'वेबकूफ' (WebQoof) ने पाया था कि यह अकाउंट चार साल पहले बनाया गया था और हाल ही में इसने अपना यूजरनेम बदलकर CJP से मेल खाता हुआ रख लिया है.
निष्कर्ष: कोलकाता की एक पुरानी को दिल्ली में INDIA गठबंधन की CEC-विरोधी हालिया रैली से जोड़कर भ्रामक दावों के साथ शेयर किया जा रहा है.
(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर आईडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)
