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ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच हुए युद्ध के दौरान 14 दिनों के युद्धविराम की घोषणा की जा चुकी है. असम और बंगाल में चुनावों का दौर जारी है. इसी बीच सोशल मीडिया पर इससे सम्बंधित घटनाओं को लेकर अलग-अलग तरह की भ्रामक खबरें और झूठें दावे सोशल मीडिया पर शेयर किए गए हैं. ईरान-इजरायल युद्ध से लेकर AI से बने वीडियो और चुनावों को लेकर बीते दिनों वायरल हुए भ्रामक और झूठें दावों का सच यहां जानिए.
असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी और कारोबारी रिनिकी भुयान शर्मा के नाम वाला एक दस्तावेज सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि उनके पास संयुक्त अरब अमीरात (UAE) का पासपोर्ट है.
यह दावा 5 अप्रैल को कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा की प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद सामने आया, जिसमें उन्होंने रिनिकी भुयान शर्मा पर कई पासपोर्ट होने के आरोप लगाए थे.
सच क्या है ?: वायरल दस्तावेज फर्जी है. इसमें अमीरात का पहचान पत्र (Emirates ID) दिखाया गया है, न कि UAE का पासपोर्ट.
इसके अलावा, हमें फेसबुक पर एक पुरानी पोस्ट भी मिली, जिसमें दिखाया गया कि यह अमीरात आईडी किसी दूसरे व्यक्ति की है.
इस दावे की पूरी पड़ताल यहां पढ़ें.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें पुलिसकर्मी कुछ युवकों को पीटते हुए दिख रहे हैं.
दावा: वीडियो को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि जिन लड़कों की पिटाई हो रही है वह मुस्लिम हैं और उन्होंने लड़कियों के साथ छेड़छाड़ की थी.
यह सांप्रदायिक दावा भ्रामक है. यह झगड़ा दो लोगों के बीच हुए आपसी विवाद की वजह से भड़का था, और इस घटना में शामिल सभी आरोपी एक ही समुदाय से थे.
विस्तार से इस दावे की पड़ताल को यहां पढ़ा जा सकता है.
बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं ऐसे में सोशल मीडिया पर दो अलग-अलग वीडियो शेयर किए जा रहे हैं, पहले वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिस कुछ लड़कों पर लाठीचार्ज कर रही हैं तो वहीं दूसरे वीडियो में भी भीड़ और सुरक्षाबलों के बीच टकराव देखा जा सकता है.
दावा: इन दोनों वीडियो को पश्चिम बंगाल का बताकर TMC के कार्यकर्ताओं पर हो रही पुलिस की कार्रवाई का बताकर शेयर किया जा रहा है.
यह दावा सही नहीं है.
यह दोनों वीडियो पश्चिम बंगाल के नहीं बल्कि बांग्लादेश के हैं इनका भारत से कोई संबंध नहीं है.
दोनों वीडियो बांग्लादेश की राजधानी ढाका में हुए प्रदर्शनों के हैं.
इन दावों की पूरी पड़ताल यहां पढ़ें.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें देखा जा सकता है कि एयरबेस जैसी दिखने वाली एक जगह पर एक धमाका होता है और उसके बाद वहां अफरा-तफरी का माहौल बन जाता है. इस पोस्ट को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि इस वीडियो में कतर के अल-उदीद अमेरिकी बेस पर ईरान का Ballistic missile-ड्रोन से हुआ हमला दिखाया गया है.
नहीं, यह दावा सही नहीं है.
यह वीडियो असली नहीं है बल्कि इसे AI की मदद से बनाया गया है.
3 मार्च 2026 को एक ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल ने अल-उदीद स्थित अमेरिका के सैन्य अड्डे को निशाना बनाया था लेकिन इस वीडियो का उस घटना से कोई संबंध नहीं है.
पूरी पड़ताल यहां पढ़ें.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रोड शो के दौरान एक युवक ने उनसे गैस की मांग की. ये दावा ऐसे वक्त पर किया जा रहा है जब ईरान पर इजरायल - अमेरिका के संयुक्त हमले के बीच भारत के कई हिस्सों से गैस की कमी और दाम बढ़ने की खबरें आ रही हैं.
वायरल वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं बल्कि उनके हमशक्ल हैं.
पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें.
सोशल मीडिया पर राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा का एक वीडियो हालिया बताकर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि, "संसद से संस्पेड "राघव चड्ढा" पार्टी से दे सकते हैं इस्तीफा."
नहीं, यह दावा सही नहीं है.
यह वीडियो हालिया नहीं है बल्कि 2023 का है जब उन्हें कथित तौर पर सदस्यों की सहमति के बिना एक चयन समिति में उनके नाम शामिल करने के आरोप में राज्यसभा से निलंबित कर दिया गया था.
पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है, जिसमें सैनिक कुछ लोगों को सख्ती से गिरफ्तार कर ले जाते दिख रहे हैं. दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो पश्चिम बंगाल का है जहां होने जा रहे विधानसभा चुनाव के मद्देनजर सेना पहुंच चुकी है.
वायरल वीडियो पश्चिम बंगाल का नहीं, बांग्लादेश का है. ये वीडियो फरवरी से इंटरनेट पर उपलब्ध है, जाहिर है इसका पश्चिम बंगाल में होने जा रहे विधानसभा चुनावों से कोई संबंध नहीं है.
पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें.
समुद्र में एक बड़े जहाज में लगी आग का एक वीडियो सोशल मीडिया पर इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि ईरान ने स्टेट ऑफ होर्मुज में एक पाकिस्तानी तेल टैंकर पर हमला किया है.
यह दावा गलत है. यह वीडियो Safeen Prestige नाम के एक कंटेनर जहाज का है, जो माल्टा के झंडे के तहत चल रहा था.
पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें एक ब्लास्ट के बाद सैनिकों के बीच अफरा-तफरी मचती दिख रही है. दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो लेबनॉन का है, जहां ईरान ने अमेरिकी बेस पर हमला कर दिया.
पोस्ट का अर्काइव यहां देखें
(सोर्स : स्क्रीनशॉट/X)
वायरल वीडियो असली नहीं AI से बना है.
पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें.
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें एक व्यक्ति मंदिर के अंदर एक धारधार हथियार लेकर वहां बैठे पुजारी और अन्य लोगो को डराता-धमकाता हुआ दिख रहा है.
दावा: इस पोस्ट को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि इस वीडियो में एक मुस्लिम व्यक्ति मंदिर में हथियार के साथ पुजारी पर हमला करता हुआ दिख रहा है.
यह दावा सही नहीं है.
यह घटना मध्यप्रदेश की है जहां एक व्यक्ति धारदार हथियार लेकर सीहोर के चिंतामन गणेश मंदिर में घुस गया था और उसने मंदिर के पुजारी और सेवक को धमकाया था.
आरोपी की पहचान महेश यादव के रूप में हुई थी, इस घटना में किसी भी तरह की सांप्रदायिक एंगल शामिल नहीं है.
पूरी रिपोर्ट यहां पढ़ें.
(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)