सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल है जिसमें एक ब्लास्ट के बाद सैनिकों के बीच अफरा-तफरी मचती दिख रही है. दावा किया जा रहा है कि ये वीडियो लेबनॉन का है, जहां ईरान ने अमेरिकी बेस पर हमला कर दिया.
यही दावा करते अन्य पोस्ट के अर्काइव यहां और यहां देखें.
क्या ये सच है ? : वायरल वीडियो असली नहीं AI से बना है.
हमने ये सच कैसे पता लगाया ? : वायरल वीडियो को गौर से देखने पर हमें ऐसी कई खामियां दिखीं, जिनसे लगता है कि ये वीडियो असली नहीं बल्कि AI से बना हुआ है.
धमाका बहुत साफ और एक जैसा फैलता है—असली ब्लास्ट इतना परफेक्ट नहीं होता.
धमाके का असर कमजोर दिखता है—इतना बड़ा ब्लास्ट होने के बावजूद आसपास के लोग और चीज़ें ज्यादा प्रभावित नहीं होतीं.
कैमरा मूवमेंट बहुत कंट्रोल्ड लगता है—असली वीडियो में इतना बड़ा धमाका हो तो कैमरा हिल जाता है या ब्लर आता है.
मलबा (डिब्री) एक जैसे तरीके से गिरता है—असली में हर चीज़ अलग-अलग स्पीड और दिशा में जाती है.
आसपास का माहौल सही से रिएक्ट नहीं करता—लाइट और बैकग्राउंड में वैसा असर नहीं दिखता जैसा असली धमाके में होता है.
हमने AI पहचानने वाले टूल Detectvideo.ai पर वायरल वीडियो को चेक किया. टूल ने वीडियो के AI होने की 72% संभावना जताई.
bitmind.ai टूल ने भी वीडियो के AI से बने होने की 84% संभावना जताई.
निष्कर्ष : AI से बने वीडियो को असली घटना का बताकर ये दावा किया जा रहा है कि ये लेबनॉन के अमेरिकी बेस पर हुए ईरान के हमले का है.
(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)
