ईरान में बीते दिनों सत्ता-विरोधी प्रदर्शन देखे गए, जिसमें हजारों लोगों के मारे जाने की रिपोर्ट सामने आईं थीं. ऐसे में सोशल मीडिया पर ईरान में हिंसा और उग्रवाद की वीडियो और तस्वीरें सामने आ रहीं थीं. इसी बीच सोशल मीडिया पर एक ऐसी वीडियो वायरल हो रही जिसमें एक लड़का ईरान के एक मुस्लिम धर्मगुरु दिखने वाले युवक के साथ मार पीट कर रहा है.
दावा: ईरान में जारी प्रदर्शनों के बीच इसी इस दावे के साथ शेयर किया गया कि ईरान की जनता ने मुल्ला मौलवियों की धुलाई शुरू कर दी है.
क्या यह दावा सही है ? नहीं, यह दावा सही नहीं है.
वायरल वीडियो पुराना है इसका हालिया प्रदर्शनों से कोई संबंध नहीं है.
वायरल वीडियो स्क्रिप्टेड घटना थी जिसके लिए वीडियो में नजर आ रहे दोनों लोगों को गिरफ्तार किया गया था.
हमने सच का पता कैसे लगाया ? हमने वायरल वीडियो पर गूगल लेंस की मदद से इमेज सर्च ऑप्शन का इस्तेमाल किया. हमारी सर्च में हमें Independent Persia की 19 अप्रैल 2021 की यह न्यूज रिपोर्ट मिली जिसमें वायरल वीडियो के बारे में जानकारी दी गई थी.
इस रिपोर्ट में लिखा था कि, "तेहरान के पुलिस डिपार्टमेंट के हेड ने एक मौलवी को थप्पड़ मारते हुए वीडियो क्लिप को "फेक" बताते हुए कहा कि यह वीडियो एक पिता और बेटे ने बनाया था, जो किसी दूसरे देश में शरण लेना चाहते थे."
इस रिपोर्ट में लिखा था कि तेहरान पुलिस ने बताया था, "सोमवार, 20 अप्रैल को इस पिता और बेटे को तब गिरफ्तार किया गया जब वे देश से भागने की प्लानिंग कर रहे थे और देश के पश्चिम में जाकर वहां से निकलने की तैयारी कर रहे थे."
इसके सिवा हमारी सर्च में हमें 2021 में छपी DW न्यूज की फारसी वेबसाइट पर भी इस वीडियो से जुड़ी यह न्यूज रिपोर्ट मिली जिसमें तेहरान पुलिस चीफ हसन रहीमी के हवाले से इस वीडियो को स्क्रिप्टेड बताते हुए कहा गया था कि "इसे एक पिता और बेटे ने बनाया था, जो 'देश से भागने का इरादा कर रहे थे,' और पूछताछ के दौरान उन्होंने कहा कि वह देश से भागने और पश्चिमी देशों में शरण पाने के लिए ऐसा कर रहे थे."
इसके सिवा हमें X (पूर्व में ट्विटर) पर Manoto News नाम की न्यूज वेबसाइट की यह पोस्ट मिली जिसे 18 अप्रैल 2021 को पोस्ट किया गया था और इसमें लिखा था कि, "तेहरान प्रिवेंटिव पुलिस ने एक मौलवी पर हमले का फर्जी वीडियो बनाने वाले बाप-बेटे को गिरफ्तार किया."
ईरान में हालिया प्रदर्शन 2025 के अंत में शुरू हुए हैं जबकि यह वीडियो 2021 से इंटरनेट पर मौजूद है जाहिर है इसका ईरान में हुए हालिया प्रदर्शनों से कोई संबंध नहीं है.
निष्कर्ष: ईरान का एक पुराना वीडियो हाल में हुए प्रदर्शनों से जोड़कर भ्रामक दावों के साथ शेयर किया जा रहा है.
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