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उत्तर प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) चल रहा है. वोटर ड्राफ्ट लिस्ट से 2.89 करोड़ नाम बाहर कर दिए गए हैं. द क्विंट ने आंकड़ों का विश्लेषण किया तो पता चला कि नाम कटने वालों में सबसे ज्यादा 61 वर्ष से ऊपर के मतदाता हैं, जिनमें से मृत्यु की वजह से सबसे ज्यादा नाम कटे हैं. दूसरे नंबर पर 31 से 35 साल के मतदाता हैं. इस उम्र के लोगों के सबसे ज्यादा नाम स्थायी रूप से विस्थापित होने की वजह से कटे हैं. आगे उत्तर प्रदेश में हुए डिलीशन का उम्र के हिसाब से पूरा विश्लेषण बताते हैं.

