बीते दिनों सोशल भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के महानिदेशक शत्रुजीत सिंह कपूर ने एक बयान दिया कि, "अरुणाचल प्रदेश में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) के साथ कई जगहों पर चीनी सैनिकों के साथ टकराव जारी है."
इस बीच सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसे शेयर कर दावा किया जा रहा है कि, "इस वीडियो में देखा जा सकता है कि चीन की आर्मी से अरुणाचल प्रदेश के लोग लड़ रहे हैं वहां की फोर्स मोदी सरकार ने दिल्ली प्रोटेस्ट में बुला ली है."
क्या यह दावा सही है ? नहीं, यह दावा सही नहीं है.
यह वीडियो हालिया नहीं है, बल्कि मई 2025 से इंटरनेट पर मौजूद है.
इस वीडियो में चीन की आर्मी नहीं, बल्कि अरुणाचल पुलिस के जवान नजर आ रहे हैं.
वायरल वीडियो तब का है जब SIFF नाम के संगठन ने सियांग जिले में 11 हजार मेगावाट के डैम प्रोजेक्ट का विरोध किया था.
हमने सच का पता कैसे लगाया ? हमने वायरल वीडियो पर गूगल लेंस की मदद से इमेज सर्च ऑप्शन का इस्तेमाल किया. हमारी सर्च में हमें यही वीडियो कुछ पुरानी फेसबुक पोस्ट पर मिला जहां इस वीडियो को 03 मई 2025 को अपलोड किया गया था.
इस पोस्ट में वीडियो के बारे में जानकारी देते हुए लिखा था कि, "एंटी-डैम पार्टी' (बांध-विरोधी दल) द्वारा अनिश्चितकालीन धरने का आज का नजारा .आज, सियांग जिले और अपर सियांग जिले की 'एंटी-डैम पार्टी' ने सियांग जिले के बेगिंग गांव में एक अनिश्चितकालीन धरना (विरोध-प्रदर्शन) आयोजित किया.
यह वही जगह है जहां NHPC की सियांग बांध परियोजना प्रस्तावित है. इस प्रदर्शन में लगभग 400 लोग शामिल हुए. विरोध-प्रदर्शन के दौरान, नाराज कार्यकर्ताओं के एक समूह ने गाऊं के झूला पुल में आग लगा दी, जिससे उसे आंशिक रूप से नुकसान पंहुचा था."
इसके सिवा हमारी सर्च में हमें यही वीडियो कुछ लोकल मीडिया रिपोर्ट्स (यहां और यहां ) पर भी दिखाई दिया, जहां इस वीडियो को 23 मई 2025 को अपलोड किया गया था.
इन रिपोर्ट्स में इस वीडियो के बारे में लिखा था कि, "आस-पास के कई गांवों के लोग 'बेगिंग गांव' में इकट्ठा हुए और इलाके में सशस्त्र बलों की तैनाती का कड़ा विरोध किया.यह विरोध मुख्य रूप से सियांग नदी पर एक बहुत बड़ा बांध बनाने के प्रस्ताव के खिलाफ है. लोगों का मानना है कि इससे उनकी आजीविका, पर्यावरण और जीवन-शैली पर खतरा पैदा हो जाएगा."
वर्दी की पहचान: इन सोशल मीडिया पोस्ट्स और रिपोर्ट्स से यह साफ हो गया था कि यह वीडियो हालिया नहीं है बल्कि 2025 का है. इसलिए अब हमने वायरल वीडियो में नजर आ रहे जवान की यूनिफॉर्म की पड़ताल की.
हमने वायरल वीडियो में नजर आ रहे जवान की वर्दी को ध्यान से देखने पर पाया कि उस पर APP लिखा हुआ था, जिसकी फुल फॉर्म अरुणाचल प्रदेश पुलिस है.
इसके सिवा हमने देखा कि इस जवान की वर्दी पर लगा हुआ लोगो भी अरुणाचल प्रदेश पुलिस की वर्दी से मेल खा रहा था, जिससे यह साफ हो गया था कि वीडियो में नजर आ रहे जवान अरुणाचल प्रदेश पुलिस के हैं.
पुलिस से बातचीत और पुष्टि: इस वीडियो के बारे में अधिक जानकारी के लिए हमने सियांग पुलिस से संपर्क किया. सांगे तेनजिन नाम के पुलिस अधिकारी ने हमें बताया कि, "यह चीनी सेना नहीं है. फुटेज में वर्दी पहने जो लोग दिख रहे हैं, वे अरुणाचल प्रदेश पुलिस के हैं. पिछले साल अरुणाचल प्रदेश के सियांग जिले के बेगिंग गांव में हुए SUMP विरोध-प्रदर्शन के दौरान, मैं खुद वहां मौजूद था. मेरे साथ मेरे साथी DySP, टोगुम गोंगो भी वहां थे."
उन्होंने आगे बताया कि, "वायरल वीडियो में टोगुम गोंगो नजर आ रहे हैं जो उस समय सियांग में DySP (कानून-व्यवस्था) थे. उस समय मैं सियांग में DySP (मुख्यालय) था. अब हम दोनों की तैनाती दूसरे जिलों में है. अभी मैं पश्चिम कामेंग के कलाकतांग में SDPO हूं. और टोगुम गोंगो तवांग में DySP (मुख्यालय) हैं."
निष्कर्ष: अरुणाचल प्रदेश में डैम को लेकर हुए विरोध-प्रदर्शन के पुराने वीडियो को चीनी सेना का बताकर भ्रामक दावों के साथ शेयर किया जा रहा है.
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