पश्चिम बंगाल में हुए विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) प्रक्रिया के बाद मतदाताओं की फाइनल लिस्ट प्रकाशित हो चुकी है. अब प्रदेश में कुल 7,04,59,284 वोटर हैं. अगर विधानसभा सीट के हिसाब से देखें तो वोटर ड्राफ्ट रोल पब्लिश होने के बाद सबसे ज्यादा डिलीशन डबग्राम-फुलबाड़ी, बागदा और सोनारपुर उत्तर में हुआ है. सबसे ज्यादा महिलाओं के डिलीशन (Female Deletions) वाली टॉप विधानसभा सीटों की बात करें तो यहां भी डबग्राम-फुलबाड़ी और बागदा सबसे ऊपर हैं. पश्चिम बंगाल में विधानसभा के हिसाब से बताते हैं किस सीट पर सबसे ज्यादा डिलीशन और कहां सबसे ज्यादा नाम जोड़े गए.
पश्चिम बंगाल में वोटर ड्राफ्ट रोल पब्लिश होने के बाद फॉर्म 7 के जरिए 5.46 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए. सबसे अधिक छंटनी डबग्राम-फुलबाड़ी (Dabgram-Fulbari) और बागदा (Bagda) विधानसभा क्षेत्रों (AC) में हुई है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि पूरी मतदाता सूची से पुरुषों की तुलना में महिलाओं के नाम ज्यादा काटे गए हैं.
सबसे ज्यादा नाम कटने वाले क्षेत्र मुख्य रूप से अंतरराष्ट्रीय सीमा (भारत-बांग्लादेश बॉर्डर), औद्योगिक पट्टियों (Industrial Belts) और तेजी से बढ़ते शहरी क्षेत्रों (Urban Sprawl) से जुड़े हैं.
सीमावर्ती और उत्तर बंगाल के क्षेत्र (Border & North Bengal Areas): यहां सबसे अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं.ये क्षेत्र पलायन के लिहाज से बेहद संवेदनशील माने जाते हैं.
डबग्राम-फुलबाड़ी (AC 19): यह सिलीगुड़ी से सटा उत्तर बंगाल का एक महत्वपूर्ण क्षेत्र है.पूरे राज्य में यहां सबसे ज्यादा 16,491 नाम (8,464 पुरुष और 8,026 महिलाएं) फॉर्म 7 के जरिए कटे हैं.
माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी (AC 25): सिलीगुड़ी के पास स्थित इस इलाके की सीमाएं भी अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर्स के करीब हैं. यहां कुल 8,383 वोटर्स (4,175 पुरुष, 4,208 महिलाएं) के नाम हटाए गए हैं.
बागदा (AC 94): उत्तर 24 परगना जिले का यह क्षेत्र पूरी तरह से भारत-बांग्लादेश सीमा पर स्थित है. यह राज्य में दूसरा सबसे ज्यादा छंटनी वाला क्षेत्र है, जहां 15,303 मतदाताओं (7,645 पुरुष, 7,657 महिलाएं) के नाम डिलीट हुए हैं.
बनगांव उत्तर (AC 95): यह भी बागदा से सटा सीमावर्ती इलाका है, जहां 7,926 नाम (3,967 पुरुष, 3,959 महिलाएं) कटे हैं.
ड्राफ्ट रोल पब्लिश होने के बाद सबसे ज्यादा डिलीशन (Total Deletions) वाले टॉप-10 विधानसभा सीटें: चुनाव आयोग के डेटा के अनुसार, शहरी और सीमावर्ती इलाकों में सबसे बड़े पैमाने पर वोटर्स के नाम कटे हैं.
डबग्राम-फुलबाड़ी : 16,491
बागदा : 15,303
सोनारपुर उत्तर : 9,354
कल्याणी : 9,037
जगतदल : 8,778
माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी : 8,383
शांतिपुर : 8,048
बनगांव उत्तर : 7,926
आमडांगा : 7,558
सोनारपुर दक्षिण : 7,390
सबसे ज्यादा महिलाओं के डिलीशन (Female Deletions) वाले टॉप-10 सीटें: अगर सिर्फ महिला वोटर्स की बात करें, तो यहां भी डबग्राम-फुलबाड़ी और बागदा सबसे ऊपर हैं.
डबग्राम-फुलबाड़ी : 8,026
बागदा : 7,657
कल्याणी : 4,845
सोनारपुर उत्तर : 4,679
जगतदल : 4,457
माटीगाड़ा-नक्सलबाड़ी : 4,208
बनगांव उत्तर : 3,959
शांतिपुर : 3,892
सोनारपुर दक्षिण : 3,806
दम दम : 3,721
फॉर्म-7 के जरिए 10 हजार ज्यादा महिलाओं का डिलीशन
पश्चिम बंगाल में फॉर्म-7 के जरिए कुल 5,46,053 नाम कटे हैं, जिनमें 2,77,877 महिलाएं और 2,68,147 पुरुष शामिल हैं. यानी, पुरुषों के मुकाबले करीब 10 हजार ज्यादा महिलाओं के नाम हटाए गए हैं.
इन संशोधनों के बाद, 28 फरवरी 2026 को प्रकाशित अंतिम मतदाता सूची में कुल मतदाताओं की संख्या 7,04,59,284 (7 करोड़ से अधिक) रह गई है, जिसमें 3.60 करोड़ पुरुष और 3.44 करोड़ महिलाएं हैं .
60 लाख से ज्यादा मतदाता जांच के घेरे में: आंकड़ों के अंत में एक बहुत ही महत्वपूर्ण नोट दिया गया है कि 60,06,675 मतदाता अभी भी एडजुडिकेशन (न्यायिक निर्णय/जांच) के अधीन हैं, हालांकि उन्हें फाइनल रोल में शामिल किया गया है.
सबसे कम छंटनी वाले क्षेत्र: जहां कुछ क्षेत्रों में 16 हजार से ज्यादा नाम कटे, वहीं 'रघुनाथपुर ' जैसे क्षेत्र भी हैं जहां पूरी विधानसभा में सिर्फ 11 नाम (7 पुरुष, 4 महिलाएं) फॉर्म 7 के जरिए काटे गए हैं.
