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UP SIR: 2.17 करोड़ अनुपस्थित- कुल 2.89 करोड़ नाम कटे, लखनऊ से सबसे ज्यादा

उत्तर प्रदेश में पहले 15.44 करोड़ मतदाता थे. SIR के बाद 12.55 करोड़ मतदाता हैं.

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उत्तर प्रदेश में SIR प्रक्रिया के पहले चरण के पूरे होने के बाद मतदाता ड्राफ्ट सूची जारी कर दी गई. प्रदेश में कुल 12.55 करोड़ मतदाता हैं. 2.89 करोड़ यानी 18 फीसदी मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर हैं. यानी ये नाम काटे जा सकते हैं. 6 जनवरी से दावे-आपत्तियां की जा सकती हैं.

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सबसे पहले जान लीजिए कि कितने लोगों के नाम काटे जा सकते हैं.

1. मृत मतदाता: SIR के दौरान उत्तर प्रदेश में 46.23 लाख (2.99 प्रतिशत) ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई है जिनकी मृत्यु हो चुकी है, लेकिन उनके नाम अभी भी सूची में दर्ज थे. इन नामों को अब निर्धारित प्रक्रिया का पालन करते हुए सूची से हटा दिया जाएगा.

2. स्थानांतरित और अनुपस्थित मतदाता: उत्तर प्रदेश में हुए SIR में सबसे बड़ी संख्या उन मतदाताओं की है जो अपने मूल निवास स्थान से कहीं और स्थायी रूप से चले गए हैं या अपने क्षेत्र में अनुपस्थित पाए गए हैं. ऐसे मतदाताओं की संख्या 2.17 करोड़ (14.06 प्रतिशत) पाई गई है. हालांकि, इन मतदाताओं को सीधे नहीं हटाया जाएगा. अगर वे पात्र हैं तो वे 06 जनवरी 2026 से 06 फरवरी 2026 के बीच फॉर्म-6 भरकर अपना नाम लिस्ट में जुड़वा सकते हैं.

3. दोहरी प्रविष्टि (डुप्लीकेट) वाले मतदाता: SIR डेटा के मुताबिक, 25.47 लाख (1.65 प्रतिशत) मतदाता ऐसे पाए गए जिनके नाम मतदाता सूची में एक से अधिक जगहों पर दर्ज थे. आयोग के स्पष्ट निर्देश हैं कि ऐसे मतदाताओं के नाम केवल एक ही जगह होंगे, बाकी जगहों से हटा दिए जाएंगे.

लखनऊ, गाजियाबाद और बलरामपुर में कटे सबसे ज्यादा नाम

12.55 करोड़ मतदाताओं ने जमा किए फॉर्म

उत्तर प्रदेश में SIR सभी 75 जिलों में हुआ. आंकड़ों के अनुसार, 27 अक्टूबर 2025 को मतदाता सूची में मौजूद कुल 15,44,30,092 मतदाताओं में से 12,55,56,025 मतदाताओं ने 26 दिसंबर 2025 तक अपने गणना प्रपत्र (Enumeration Forms) जमा किए.

SIR के लिए 1,62,486 मतदान केंद्रों पर बूथ लेवल अधिकारी (BLO) तैनात किए गए थे. इसके अलावा, 403 निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी और 2042 सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों ने इस पूरी प्रक्रिया की निगरानी की. राजनीतिक दलों ने भी इसमें सक्रिय भूमिका निभाई और उनके द्वारा नियुक्त 5,76,611 बूथ लेवल एजेंटों ने इस प्रक्रिया में सहयोग किया.

चुनाव आयोग के मुताबिक, किसी भी मतदाता का नाम बिना नोटिस दिए नहीं काटा जाएगा. SIR के पहले फेज के बाद अब दावों और आपत्तियों का चरण शुरू हो गया है.

दावा और आपत्ति दर्ज करने का समय: 6 जनवरी 2026 से 6 फरवरी 2026 तक

दावों और आपत्तियों का निस्तारण: 27 फरवरी 2026 तक

मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन: 6 मार्च 2026

मतदाता अपना नाम कैसे जांचें?

नागरिकों की सुविधा के लिए आयोग ने कई माध्यम उपलब्ध कराए हैं-

- वे अपने बूथ लेवल अधिकारी (BLO) के पास उपलब्ध लिस्ट देख सकते हैं.

- ECINET मोबाइल ऐप के जरिए ऑनलाइन चेक कर सकते हैं.

- ceouttarpradesh.nic.in या voters.eci.gov.in पर जाकर अपना नाम खोज सकते हैं.

अगर किसी पात्र मतदाता का नाम सूची में नहीं है, तो वे फॉर्म-6 भरकर आवेदन कर सकते हैं. इसी तरह अपात्र नामों पर आपत्ति के लिए फॉर्म-7 और विवरण में सुधार के लिए फॉर्म-8 का उपयोग किया जा सकता है. जिन्होंने 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर ली है, वह फॉर्म-6 के माध्यम से पंजीकरण करा सकते हैं. चुनाव आयोग के मुताबिक, अब तक 15.78 लाख से अधिक नए पंजीकरण आवेदन प्राप्त हो चुके हैं.

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