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SIR का दबाव? 6 BLOs की सुसाइड से मौत, पश्चिम बंगाल से केरल तक क्या हुआ?

उत्तर प्रदेश में SIR प्रोसेस में शामिल कई BLO पर FIR हुई है.

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(चेतावनी: इस लेख में आत्महत्या का जिक्र है. अगर आपके मन में आत्महत्या से जुड़े ख्याल आ रहे हैं या किसी ऐसे व्यक्ति को जानते हैं जो संकट में है, तो कृपया उनसे संपर्क करें. आप स्थानीय आपातकालीन सेवाओं, हेल्पलाइन और मानसिक स्वास्थ्य NGO से यहां संपर्क कर सकते हैं.)

"वो कहती थी कि BLO के काम का इतना दबाव है कि कुछ संभल ही नहीं रहा. कहीं से मदद नहीं मिली और वो अंदर ही अंदर टूट गई. सुबह हम समझे थे कि खाना बनाने गई है, लेकिन जब देखा तो वो फंदे से लटकी मिली."

यह कहना है सोको एक्का का, जिनकी पत्नी शांतिमणि एक्का की 19 नवंबर को आत्महत्या से मौत हो गई. पश्चिम बंगाल के मालबाजार की रहने वाली 51 वर्षीय शांतिमणि एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता थीं, जिन्हें बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी सौंपी गई थी. परिवार का दावा है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR) के दौरान शांतिमणि अकेले ही पूरे बूथ का काम संभाल रही थीं.

परिवार का आरोप है कि काम के बढ़ते दबाव, गलत फॉर्म ठीक कराने की जिम्मेदारी और अधिकारियों द्वारा मदद न मिलने ने उन्हें मानसिक रूप से बेहद परेशान कर दिया था.

शांतिमणि को 2024 में BLO की जिम्मेदारी मिली थी और तब से ही वह परेशान रहती थीं. SIR के दौरान उनकी मुश्किलें और बढ़ गईं. काम के दबाव से तंग आकर एक दिन वह रिजाइन देने भी गईं, लेकिन अफसरों ने साफ कह दिया कि नाम लग गया है, इसलिए हट नहीं सकता.
सोको एक्का, मृतक शांतिमणि के पति

शांतिमणि रंगमती ग्राम पंचायत के बूथ संख्या 20/101 की BLO थीं. चुनाव आयोग ने इस मामले में जलपाईगुड़ी जिलाधिकारी से रिपोर्ट मांगी है.

इस मामले को लेकर मालबाजार पुलिस स्टेशन ने द क्विंट को बताया कि एक अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया गया है और पुलिस घटना की जांच कर रही है.

ऐसे ही कई मामले देश के अलग-अलग राज्यों से भी सामने आए हैं. चुनाव आयोग की 'विशेष गहन निरीक्षण' (SIR) प्रक्रिया के कारण कई BLOs ने मानसिक दबाव की बात उठाई है. केरल, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ हफ्तों में अबतक छह BLOs ने कथित रूप से आत्महत्या से अपनी जान गंवा दी.

इन मौतों के पीछे परिवारों का आरोप है कि BLOs पर SIR के दौरान लगातार बढ़ता कार्यभार, गलत फॉर्म ठीक कराने का दबाव और अधिकारियों की सख्ती अमानवीय स्तर तक पहुंच गई थी. वहीं उत्तर प्रदेश में सैकड़ों BLOs पर SIR का लक्ष्य पूरा न करने के आरोप में FIR दर्ज की गई हैं, जो इस दबाव की गंभीरता को और उजागर करता है.

इससे सवाल और गहरा होता है कि मौतों के पीछे आखिर क्या वजह थी और BLOs पर FIR क्यों हो रही हैं? एक-एक कर देखते हैं कि किन राज्यों में क्या कुछ हुआ.

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पश्चिम बंगाल: "आत्महत्या नहीं बल्कि आयोग की ओर से की गई हत्या"

एक सप्ताह के अंदर पश्चिम बंगाल में SIR के काम के कथित दबाव के कारण बीएलओ की मौत का दूसरा मामला सामने आया है. 22 नवंबर को नदिया जिले की महिला BLO रिंकू तरफदार की आत्महत्या से मौत हो गई.

पुलिस के अनुसार, उनके पास से मिला सुसाइड नोट चुनाव आयोग को उनकी मौत के लिए जिम्मेदार ठहराता है. नोट में रिंकू ने लिखा कि उन्होंने 95% ऑफलाइन काम पूरा कर लिया था, लेकिन ऑनलाइन प्रक्रिया समझ न आने पर सुपरवाइजर से मदद मांगने के बावजूद कोई सहायता नहीं मिली.

रिंकू के पति असीम तरफदार का आरोप है कि रिंकू ने फॉर्म बांटने और जमा करने का पूरा काम कर लिया था, लेकिन डिजिटल अपलोडिंग की जानकारी न होना, लगातार काम का दबाव और सुपरविजन का तनाव उन्हें तोड़ गया. असीम ने आरोप लगाया कि यह आत्महत्या नहीं बल्कि आयोग की ओर से की गई हत्या है.

राजस्थान: "SIR का भारी दबाव और अधिकारी की धमकियां"

राजस्थान के जयपुर में एक 36 साल के सरकारी शिक्षक की 16 नवंबर को आत्महत्या से मौत हो गई. वह जयपुर के झोटवाड़ा इलाके में बूथ लेवल ऑफिसर के रूप में भी काम कर रहे थे.

पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान मुकेश कुमार जांगिड़ के रूप में हुई है, जो कालवड़ गांव के रहने वाले थे और एक सरकारी स्कूल में तैनात थे. मुकेश चलती ट्रेन के सामने कूद गए.

"उनकी जेब से एक पर्ची मिली. उसमें लिखा था कि SIR के भारी काम का दबाव और एक वरिष्ठ अधिकारी द्वारा लगातार काम का अतिरिक्त बोझ डालना और निलंबन की धमकी देना उनकी परेशानी की बड़ी वजह थी."
गजानंद, मृतक मुकेश भाई

बिंदायका थाना प्रभारी (SHO) विनोद वर्मा ने द क्विंट को बताया कि पुलिस को मुकेश की जेब से एक पर्ची मिली है और परिवार के आरोपों के आधार पर मर्ग रिपोर्ट (पुलिस द्वारा किसी संदिग्ध मौत के मामले में दर्ज की जाने वाली एक प्रारंभिक रिपोर्ट) दर्ज की गई है. उन्होंने कहा, हमें यह भी सूचना मिली है कि परिवार कुछ निजी परेशानियों से भी गुजर रहा था. फिलहाल हम पूरे मामले की जांच कर रहे हैं.”

गुजरात: "मैं अब SIR का काम नहीं कर सकता"

गुजरात के एक BLO की कथित SIR के काम के प्रेशर के कारण 21 नवंबर को आत्महत्या से मौत हो गई. सुसाइड करने से पहले शिक्षक ने अपने कथित सुसाइड नोट में लिखा कि वह BLO के काम की वजह से मानसिक तनाव और थकान महसूस कर रहे थे.

अरविंद मुलजी वढेर (40 ) गिर सोमनाथ जिले के देवली गांव के रहने वाले थे और प्राइमरी स्कूल में शिक्षक के रूप में कार्यरत थे.

पुलिस के अनुसार अरविंद की मौत सुबह अपने घर में फांसी लगाने से हुई.

अरविंद के भाई ने बताया, "उनकी जेब से एक सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने साफ लिखा है कि 'मैं SIR की कामगिरी की वजह से सुसाइड कर रहा हूं'."

उन्होंने आगे बताया कि अरविंद पिछले कुछ दिनों से गहरे डिप्रेशन में थे. "23 तारीख तक 95% टारगेट पूरा करना हमारे लिए इंपॉसिबल जैसा था. कल रात भी हमारी 15 मिनट बात हुई थी, जिसमें उन्होंने यही चिंता जताई थी."

कथित सुसाइड नोट में उन्होंने अपनी पत्नी और बेटे को संबोधित करते हुए लिखा, “मैं अब SIR का काम नहीं कर सकता. पिछले कुछ दिनों से लगातार थकान और मानसिक तनाव महसूस कर रहा हूं. आप दोनों अपना ध्यान रखें. मैं आप दोनों से बहुत प्यार करता हूं, लेकिन अब मेरे पास यह अंतिम कदम छोड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा."

गिर सोमनाथ कलेक्टर एन. वी. उपाध्याय ने द क्विंट से कहा कि अरविंद ने किसी को अपनी परेशानी नहीं बताई. उनका काम पहले चरण में 43% पूरा हो चुका था और दूसरों की मदद भी कर रहे थे. घटना की रात उन्होंने काम पूरी निष्ठा से किया और उन्हें कोई नोटिस भी नहीं मिला था. कलेक्टर ने कहा कि मामले की निष्पक्ष समीक्षा केवल पुलिस रिपोर्ट के बाद होगी.

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केरल: SIR के दबाव में BLO की मौत

केरल के कन्नूर जिले में 16 नवंबर को एक बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) की कथित रूप से काम के दबाव में आत्महत्या से मौत हो गई. BLO अनीश जॉर्ज 44 वर्ष के थे और पय्यानूर विधानसभा क्षेत्र के 18वें बूथ के लिए तैनात थे. अनीश एक सरकारी सहायता प्राप्त उप-प्राथमिक स्कूल में कार्यालय सहायक के रूप में भी काम कर रहे थे. उन्हें रविवार को उनके घर पर मृत पाया गया.

परिवार और पड़ोसियों के अनुसार अनीश बीते कुछ दिनों से BLO के काम को लेकर दबाव में थे और इलाके के कई घरों तक पहुंचकर फॉर्म बांटने में उन्हें परेशानी हो रही थी.

उनके पड़ोसी शिजू वी के ने बताया कि अनीश रविवार सुबह परिवार को चर्च ले गए थे और घर लौटने के बाद उन्होंने यह कदम उठाया. शिजू के अनुसार अनीश कभी-कभी कुछ घरों की पहचान को लेकर भ्रमित हो जाते थे लेकिन लोगों की मदद से काम पूरा करने की कोशिश कर रहे थे.

घटना के बाद पेरिंगोम पुलिस ने अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया है. पुलिस के मुताबिक अनीश की मौत घर की ऊपरी मंजिल के हॉल में फंदा लगाने की वजह से हुई.

जिले के कलेक्टर अरुण के विजयन ने प्रारंभिक जांच के आधार पर कहा कि फिलहाल काम के दबाव का कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिला है.

मध्य प्रदेश: स्कूल में फांसी लगाने से BLO की आत्महत्या से मौत

मध्य प्रदेश के दतिया जिले के ग्राम सालोंन बी स्थित प्राइमरी स्कूल में 50 वर्षीय शिक्षक उदयभान सिहारे की 10 नवंबर को वॉशरूम में फांसी लगाने से आत्महत्या से मौत हो गई.

हाल ही में उदयभान को BLO का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया था.

उदयभान के भाई धर्मेंद्र सिहारे ने बताया कि उन्हें मोबाइल या बाइक चलाने में कठिनाई थी, फिर भी उन्हें SIR और सर्वे संबंधी अतिरिक्त कार्य सौंपे गए. बीएलओ का काम शुरू होने के बाद उनका तनाव और बढ़ गया और उन्होंने कई बार छुटकारा पाने की बात भी कही.

उत्तर प्रदेश: सुसाइड से दो मौतें 

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर में 25 नवंबर को शादी से एक दिन पहले एक SIR सुपरवाइजर की आत्महत्या से मौत हो गई. परिवार का आरोप है कि जहानाबाद के SDM और चुनाव अधिकारी ने SIR फॉर्म भरवाने का दबाव बनाया और धमकियां दीं. मृतक 25 वर्षीय सुधीर कुमार कोरी बिंदकी तहसील में लेखपाल के पद पर तैनात थे.

परिजनों के मुताबिक 26 नवंबर को बारात जानी थी, लेकिन छुट्टी मांगने पर अधिकारियों ने निलंबन की धमकी दी. बहन अमृता सिंह का कहना है कि कानूनगो घर आया, धमकाया और एक कागज थमा गया. इसके बाद लेखपाल सुधीर कुमार तनाव में आ गए और कमरे में फांसी लगा ली.

इस मामले में बिंदकी थाने में कानूनगो शिवराम और एक अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ BNS की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसावे) और SC/ST एक्ट की धारा 3(2)(v) के तहत FIR दर्ज की गई है.

गोंडा जिले के नवाबगंज ब्लॉक में तैनात बीएलओ और सहायक अध्यापक विपिन यादव संदिग्ध हालात में बीमार पड़े और लखनऊ ले जाते समय उनकी मौत हो गई. प्राथमिक जानकारी के अनुसार कथित तौर पर उन्होंने जहरीला पदार्थ खाया था.

मौत से पहले विपिन यादव की पत्नी सीमा यादव का एक वीडियो सामने आया था, जिसमें विपिन ने SDM, BDO और लेखपाल पर दबाव और परेशान करने के आरोप लगाए थे.

हालांकि जिला अधिकारी प्रियंका निरंजन ने इन आरोपों को आधारहीन बताया है और पूरे मामले की जांच के लिए एक समिति गठित की गई है.

तमिलनाडु: महिला BLO की "SIR दबाव" में आत्महत्या से मौत

तमिलनाडु के कल्लाकुरिची जिले में 20 नवंबर को एक महिला बीएलओ की कथित तौर पर SIR के काम के दबाव में आत्महत्या से मौत हो गई. थिरूकोइलूर के पास रहने वाली 45 वर्षीय जहीथा बेगम ने गुरुवार को फांसी लगाकर अपनी जान दे दी.

उनके पति मुबारक और सहकर्मियों का कहना है कि वह पिछले कई दिनों से SIR के फॉर्म इकट्ठा करने और अपलोड करने के भारी दबाव में थीं. पति मुबारक के मुताबिक, जहीथा ने बताया था कि इंटरनेट सेंटर में कनेक्टिविटी बेहद खराब थी, जिसके कारण वह सिर्फ 35 फॉर्म ही डिजिटल कर पाईं थी.

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सैकड़ों BLO पर कार्रवाई, प्रशासन सख्त

उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) अभियान के दौरान कई जिलों में सैकड़ों बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLOs) के खिलाफ कार्रवाई हुई है, जिसमें एफआईआर दर्ज करना, वेतन रोकना और अनुशासनात्मक नोटिस जारी करना शामिल है, जबकि BLOs का कहना है कि स्टाफ की कमी, भारी जिम्मेदारियां और असंगठित कार्य-प्रणाली की वजह से काम करना बेहद दबाव वाला हो गया है.

बुलंदशहर के सिकंदराबाद विधानसभा क्षेत्र में SIR अभियान में लगातार लापरवाही बरतने वाले छह बूथ लेवल ऑफिसर्स के खिलाफ प्रशासन ने एफआईआर दर्ज की है. प्रशासन ने इसे लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 की धारा 32 का उल्लंघन माना है.

मुकेश यादव ने द क्विंट को बताया कि स्कूल में स्टाफ की कमी और परिवार की देखभाल की वजह से वह BLO ड्यूटी पूरी नहीं कर पाए थे. उन्होंने यह जानकारी पहले ही लिखित रूप में एसडीएम को दी थी, लेकिन इसके बावजूद उन पर लापरवाही का मामला दर्ज कर दिया गया.

आत्महत्या से इतर भी कई BLOs की मौतें दर्ज

SIR प्रक्रिया के दौरान देश के कई राज्यों में BLOs की मौतों ने सवाल खड़े कर दिए हैं. परिवारों का आरोप है कि भारी कार्यभार, लंबी यात्राएं और दबाव से उनकी सेहत प्रभावित हुई. गुजरात, मध्य प्रदेश, राजस्थान और पश्चिम बंगाल में हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक और तनाव के कारण कई मौतें हुईं.

  • गुजरात के खेड़ा में 20 नवंबर को प्रिंसिपल और BLO रमेशभाई परमार की हार्ट अटैक से मौत हो गई.

  • मध्य प्रदेश के झाबुआ में 19 नवंबर को BLO भुवान सिंह चौहान की तबीयत अचानक बिगड़ने से मौत हो गई. उन्हें 18 नवंबर को निलंबित किया गया था.

  • राजस्थान के सवाई माधोपुर में 19 नवंबर को BLO हरिओम बैरवा (34 वर्ष) को फोन पर अधिकारी से बात के कुछ ही मिनट बाद हार्ट अटैक से उनकी मौत हो गई.

  • पश्चिम बंगाल के पूर्वी बर्दवान में 9 नवंबर एक महिला BLO नमिता हांसदा की ब्रेन स्ट्रोक से मौत हुई. उनके पति का आरोप है कि SIR के काम के बढ़ते दबाव के कारण वह तनाव में थीं.

  • यूपी के लखनऊ में 22 नवंबर को BLO और शिक्षामित्र विजय कुमार वर्मा की ब्रेन स्ट्रोक से मौत हो गई. पत्नी का आरोप है कि SIR के भारी दबाव से उनकी तबीयत बिगड़ी, हालांकि प्रशासन ने इस दावे को खारिज किया है.

  • मध्य प्रदेश के रायसेन और दमोह में 21 नवंबर को दो BLO रमाकांत पांडे और सीताराम गोंड की मौत हो गई.

  • यूपी के बरेली में 26 नवंबर को SIR की ड्यूटी के दौरान BLO और शिक्षक सर्वेश कुमार गंगवार की अचानक हार्ट अटैक से मौत हो गई.

चुनाव आयोग ने 27 अक्टूबर के आदेश के तहत नौ राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों में SIR अभ्यास शुरू किया. BLOs को हर घर जाकर वोटर्स के न्यूमेरेशन फॉर्म बांटने, भरवाने और ऐप/ECINet पर अपलोड करने का काम करना होता है. जिन्होंने फॉर्म जमा नहीं किए, उनके लिए कारण नोट करना पड़ता है. इसकी डेडलाइन 4 दिसंबर और ड्राफ्ट रोल 9 दिसंबर को जारी होंगे. इसके साथ ही साथ BLOs को अपना रेगुलर काम भी करना है जिससे दबाव और बढ़ गया है.

चुनाव आयोग के अनुसार, 21 नवंबर 2025 तक Special Intensive Revision (SIR) Phase II में कुल 50,97,44,423 मतदाताओं में से 50,43,01,458 मतदाताओं के न्यूमेरेशन फॉर्म फॉर्म बांटे जा चुके हैं, यानी लगभग 98.93% वितरण पूरा हो चुका है. वहीं, कुल 13,64,42,428 फॉर्म डिजिटाइज किए गए हैं, जो कि लगभग 26.77% है.

यूपी इनपुट- नौशाद मलूक

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