सोशल मीडिया पर एक पोस्ट और वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि, "गुजरात के सूरत में सामाजिक कार्यकता सतीश मराठे युवक की मुस्लिम युवकों ने झुग्गी के पास ले जाकर दर्दनाक हत्या कर दी और फरसा से काट डाला."
क्या यह दावा सही है ? नहीं, यह दावा सही नहीं है.
इस हत्याकांड में किसी भी तरह का सांप्रदायिक एंगल शामिल नहीं है.
मीडिया में छपी रिपोर्ट्स के मुताबिक इस हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता राहुल मंडल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है.
हमने सच का पता कैसे लगाया ? हमने वायरल दावे से सम्बंधित कीवर्ड्स सर्च किए. हमारी सर्च में हमें Indian Express की यह न्यूज रिपोर्ट मिली जिसमें लिखा था कि, "पुलिस सूत्रों के अनुसार, हत्या की साजिश शहर की लाजपोर सेंट्रल जेल में एक और गैंगस्टर राहुल मंडल उर्फ राहुल 'अपार्टमेंट' ने रची थी थी ताकि अपने गैंग के एक सदस्य पर हुए कथित हमले का बदला ले सके."
इसके सिवा इस रिपोर्ट में आरोपियों के बारे में लिखा था कि, "तीन नाबालिगों को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश किया गया, जिसने उन्हें रिमांड होम भेज दिया. बाकी आरोपियों - केतन सिरसाथ (19), राहुल दुबे (20), करण दुबे (20), अजीत गोस्वामी (25), आकाश ठाकुर (18) और राहुल कपूरे (29) - को, जो सभी सूरत के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं, सूरत जिला अदालत में पेश किया गया. अदालत ने उन्हें 12 अगस्त तक पुलिस कस्टडी में भेज दिया है."
हमारी सर्च में हमें News 18 मराठी और महाराष्ट्र टाइम्स की यह न्यूज रिपोर्ट मिली जिसमें लिखा था कि, "इस पूरे हत्याकांड के मुख्य साजिशकर्ता राहुल मंडल ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है. मुख्य साजिशकर्ता राहुल मंडल पुलिस हिरासत में है उसने बताया है कि सतीश की हत्या की पूरी साजिश जेल के बाहर बैठकर रची गई थी."
इन रिपोर्ट्स में यह भी बताया गया था कि सतीश मराठे कोई सामाजिक कार्यकर्ता नहीं है बल्कि खुद के गैंगस्टर थे जिनकी मौत की वजह आपसी रंजिश और गैंगवार रही.
इसके सिवा हमारी सर्च में हमें IANS की यह न्यूज रिपोर्ट मिली जिसमें सूरत पुलिस आयुक्त, वबांग जमीर ने इस मर्डर केस को लेकर जानकारी दी थी और इस घटनाक्रम में शामिल आरोपियों के नाम बताए थे जो भागने की कोशिश कर रहे थे.
वबांग जमीर ने आरोपियों के नाम केतन सिरसाथ, राहुल दुबे, करण दुबे, अजीत गोस्वामी, और राहुल कपूरे के रूप में बताये थे और यह भी बताया था कि हत्याकांड में 04 नाबालिग भी शामिल है.
इस वायरल दावे के साथ शेयर की जा रही वीडियो और फोटो की हम स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर पाए लेकिन हमारी पड़ताल से यह साफ है कि सतीश मराठे हत्याकांड में किसी भी तरह का सांप्रदायिक एंगल शामिल नहीं है.
निष्कर्ष: गैंगस्टर सतीश मराठे की हत्या की घटना को सांप्रदायिक दावों के साथ जोड़कर गलत जानकारी के साथ शेयर किया जा रहा है.
(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)
