पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान पीएम मोदी का एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें उन्हें बंगाल के झाड़ग्राम के अंदर मौजूद एक दुकान से झालडमुड़ी खरीद कर खाते हुए देखा जा सकता है.
दावा: कुछ पोस्ट्स को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने रोड शो के दौरान बंगाल में जिस दुकान पर जाकर झालमुढ़ी खरीद कर खाई, वो दुकानदार असल में PM की सुरक्षा में तैनात SPG का जवान है.
क्या यह दावा सही है ? नहीं, यह दावा सही नहीं है.
वायरल पोस्ट में शेयर की जा रही कथित SPG जवान की फोटो असली नहीं है, इसे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से बनाया गया है.
फोटो में कथित SPG जवान की जो वर्दी दिखाई गई है वो वर्दी भी असली SPG जवानों से मेल नहीं खाती.
वायरल वीडियो में नजर आ रहे दुकानदार का नाम विक्रम कुमार साहू है, वो मूल रूप से बिहार के गया के रहने वाले हैं.
हमने ये सच कैसे पता लगाया ? : सबसे पहले हमने वायरल वीडियो के साथ शेयर हो रही तस्वीर की पड़ताल करनी शुरू की, दावा किया जा रहा है कि तस्वीर में जो SPG जवान है, ये वही शख्स है जो झालमुड़ी की दुकान पर है. सबसे पहले हमने इस पहलू पर ध्यान दिया कि ये तस्वीर असली है भी या नहीं ?
पीएम मोदी की सुरक्षा में तैनात SPG जवानों की ड्रेस और वायरल फोटो में कोई समानता नहीं है. किसी भी SPG जवान की यूनिफॉर्म में उस तरह बड़े-बड़े अक्षरों में SPG नहीं लिखा, जैसा कि फोटो में दिखाया गया है. तस्वीरें देखने के लिए दाईं और स्वाइप करें.
दैनिक भास्कर की इस रिपोर्ट में विस्तार से बताया गया है कि SPG के जवानों की दो तरह की वर्दी होती है. स्पष्ट है कि वायरल फोटो में दिख रही यूनिफॉर्म काल्पनिक है.
AI से बनी है तस्वीर : हमने इस वायरल तस्वीर को AI से बने कंटेंट की पहचान करने वाले टूल Deepfake-O-Meter पर चेक किया. जहां अलग-अलग डिटेक्टर्स ने इस तस्वीर के AI से बने होने की संभावना जताई गई.
इसके सिवा बूम की इस रिपोर्ट में बूम के एक स्थानीय पत्रकार जो झाड़ग्राम की रहने वाली हैं उन्होंने बताया कि, "वह झाड़ग्राम के कॉलेज मोड़ पर मौजूद विक्रम की दुकान की एक नियमित ग्राहक भी रही हैं, और उन्होंने इस बात की पुष्टि विक्रम साहू यहां कई वर्षों से झालडमुड़ी बेचते हैं और वह SPG या सेना में नहीं है."
पीएम को झालमुड़ी खिलाने वाले दुकानदार का बैकग्राउंड ? : हमें The Lallantop का यह वीडियो मिला, जिसमें 04:21 मिनट पर सुना जा सकता है कि विक्रम साहू अपने और अपने परिवार के बारे में विस्तार से बता रहे हैं.
इस इंटरव्यू में विक्रम साहू ने बताया कि, वे 9वीं कक्षा तक पढ़े हैं और मूल रूप से बिहार के गया के रहने वाले हैं. उन्होंने बताया कि वो लोग 12 साल से बंगाल के झाड़ग्राम में रह रहे हैं और इससे पहले वह एक ठेला लगाकर झालमुड़ी बेचा करते थे लेकिन अब वे झालमुड़ी की यह दुकान चलाते हैं.
अन्य न्यूज रिपोर्ट्स में मिली जानकारी के मुताबिक, विक्रम का परिवार लगभग 12 साल पहले बिहार से झारग्राम आ गया था. सड़क किनारे की छोटी-छोटी जगहों पर जगह बदलते रहने के बाद, आखिरकार उन्हें राज कॉलेज मोड़ के पास सरकार द्वारा आवंटित 77 फीट की जगह मिल गई, जहां उन्होंने झालमुड़ी बेचकर अपनी जिंदगी गुजारने का एक स्थायी जरिया बना लिया.
समय के साथ परिवार ने झाड़ग्राम के बछुरदोहा इलाके में एक घर बनाना भी शुरू कर दिया, जिसमें विक्रम और उनका परिवार रहता है. IANS को दिए गए इस इंटरव्यू में भी विक्रम साहू बताते हैं कि वह मूल रूप से बिहार के गया के रहने वाले है और उनकी जीविका झालमुड़ी की इस दुकान पर निर्भर रहती है.
हमने पश्चिम बंगाल चुनाव कवर कर रहे पत्रकार कपिल सहा से भी संपर्क किया उन्होंने हमें बताया कि दुकानदार का नाम विक्रम साहू के SPG कमांडो होने की कोई पुष्टि नहीं है.
Press Information Bureau (PIB) के आधिकारिक X अकाउंट के जरिए वायरल दावे का खंडन किया गया है.
निष्कर्ष : सोशल मीडिया पर किया जा रहा ये दावा भ्रामक है कि पीएम मोदी को बंगाल में झालमुड़ी खिलाता दिख रहा दुकानदार असल में उनकी सुरक्षा में तैनात SPG का कमांडो है.
(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)
(Edited by Siddharth Sarathe)





