भारत-पाकिस्तान (India-Pakistan) के बीच पनपे तनाव के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रही है जिसे शेयर कर यह दावा किया जा रहा है कि पाकिस्तान केपूर्व सूचना मंत्री फवाद चौधरी को रेडिएशन के संपर्क में आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया.
क्या यह दावा सही है ? नहीं, यह वीडियो हालिया नहीं पुराना है.
इस वीडियो में देखा जा सकता है कि फवाद चौधरी जमानत मिलने के बाद दोबारा गिरफ्तारी से बचने के लिए इस्लामाबाद हाई कोर्ट में वापस भाग रहे हैं.
यह वीडियो 2023 से इंटरनेट पर मौजूद है.
हमने सच का पता कैसे लगाया ? मामले की पड़ताल के लिए हमने वायरल क्लिप के कुछ कीफ्रेम्स पर रिवर्स इमेज सर्च ऑप्शन का इस्तेमाल किया.
जिससे हमें Hindustan Times, Lokmat News, और Economic Times, में इस घटना के बारे में न्यूज रिपोर्ट मिलीं.
मई 2023 को छपी इन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इस वीडियो में फवाद चौधरी को इस्लामाबाद हाई कोर्ट ने उनकी रिहाई के आदेश के बाद गिरफ्तारी की कोशिशों से बचते हुए दिखाया गया है.
Hindustan Times में छपी रिपोर्ट के मुताबिक फवाद चौधरी को साल 2023 में इमरान खान की गिरफ्तारी से भड़के हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद पाकिस्तान के “सार्वजनिक व्यवस्था के रखरखाव” विनियमन के तहत हिरासत में लिया गया था.
फवाद चौधरी को रेडिएशन के संपर्क में आने के बाद अस्पताल में भर्ती कराए जाने से सम्बंधित कीवर्ड्स ढूंढने पर हमें इससे सम्बंधित कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली जो इस घटना की पुष्टि करती हो.
निष्कर्ष: गिरफ्तारी से बचने के लिए भागते फवाद चौधरी के पुराने वीडियो को भ्रामक दावों के साथ जोड़कर हालिया बताकर शेयर किया जा रहा है.
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