सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया गया है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा है कि देश में कोई गरीबी नहीं है और लोग गरीब होने का नाटक कर रहे हैं.
पोस्ट में क्या कहा गया है?: इस पोस्ट में हिंदी में लिखा है कि, "हमारे देश मे कोई ग़रीब नहीं है लोग ग़रीब होने का दिखावा करते है लोग ख़ूब सोना चांदी खरीद रहे हैं. निर्मला सीतारमण, वित्त मंत्री."
सच क्या है?: इस दावे की पुष्टि करने का ऐसा कोई सबूत नहीं है कि वित्त मंत्री ने असल में ऐसा कोई बयान दिया है. 'Molitics' के वॉटरमार्क वाले ग्राफिक से छेड़छाड़ कर यह फर्जी ग्राफिक बनाया गया है.
हमने सच का पता कैसे लगाया ?: 'Molitics' का वॉटरमार्क देखने के बाद, हमने इसे गूगल पर सर्च किया, हमारी सर्च में हमें इसी नाम का एक इंस्टाग्राम हैंडल मिला.
यहां हमें 30 जनवरी को पोस्ट किया गया यह ग्राफिक मिला जिसमें सीतारमण की वही फोटो थी और यह ग्राफिक वायरल पोस्ट से मेल खा रहा था.
इस पोस्ट के कैप्शन में लिखा था कि, "वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में इकोनॉमिक सर्वे पेश किया. सर्वे के मुताबिक, भारत में 15 वर्ष से अधिक उम्र के 56.2 करोड़ लोग रोजगार में हैं. GDP ग्रोथ (सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि दर) 6.5% से 7% की रेंज में रहने का अनुमान है.
सुझाव दिया गया है कि जंक फूड के विज्ञापनों पर सुबह 6 बजे से रात 11 बजे तक पाबंदी लगाई जानी चाहिए."
कोई न्यूज रिपोर्ट नहीं: टीम वेबकूफ को ऐसी कोई भरोसेमंद न्यूज रिपोर्ट नहीं मिली जिसमें निर्मला सीतारमण के देश में गरीबी के अस्तित्व को खारिज करने की बात कही गई हो.
इसके अलावा हमने वित्त मंत्री का हालिया सालाना बजट का भाषण देखा और उसमें हमें ऐसा कोई बयान नहीं मिला.
इसे 1 फरवरी को DD News के ऑफिशियल YouTube चैनल पर इस कैप्शन के साथ शेयर किया गया था, "बजट सत्र लाइव: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026 पेश कर रही हैं."
आप भाषण का ट्रांसक्रिप्ट यहां देख सकते हैं.
निष्कर्ष: यह साफ है कि गुमराह करने वाला दावा करने के लिए वायरल ग्राफिक को बदला गया है.
(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)
