सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें पुलिस यूनिफॉर्म पहने कुछ लोग सड़क पर खड़े ठेले या रेड़ी वालों को बलपूर्वक वहां से हटाने की कोशिश कर रहे हैं.
दावा: इस वीडियो को नेपाल की घटना बताकर शेयर कर दावा किया जा रहा है कि, "नेपाल में हिंदुओं की सरकार ने अब बांग्लादेशियों को भगाना शुरू कर दिया है."
क्या यह दावा सही है ? नहीं, यह दावा सही नहीं है.
यह वीडियो नेपाल का नहीं है बल्कि बांग्लादेश का है.
वायरल वीडियो में बांग्लादेश पुलिस को ढाका की मार्किट में स्थानीय रेड़ी-पटरी वालों पर एक्शन लेते हुए देखा जा सकता है.
हमने सच का पता कैसे लगाया ? हमने वायरल वीडियो पर गूगल लेंस की मदद से इमेज सर्च ऑप्शन का इस्तेमाल किया. हमारी सर्च में हमें यही वीडियो फेसबुक पर बांग्लादेश के अलग-अलग यूजर्स के अकाउंट (यहां, यहां और यहां ) पर दिखाई दिया, जहां इसे ढाका की घटना बताया गया था.
इस वीडियो के साथ दिए गए कैप्शन में लिखा था, "सरकार ईद से ठीक पहले गरीबों के पेट पर लात मार रही है."
इस वीडियो के बेहतर वर्जन को देखने पर हमें ऐसी कई सबूत मिले जिससे इस वीडियो के बांग्लादेश के होने की पुष्टि होती है. जैसे कि वायरल वीडियो में नजर आ रहे एक पुलिस वाले की कैप पर बांग्लादेश पुलिस लिखा नजर आ रहा था.
इसके साथ ही पुलिसकर्मियों ने जो वर्दी और सिंबल पहन रखा था वो बांग्लादेश की ढाका पुलिस की यूनिफॉर्म थी. इसकी पुष्टि इस रिपोर्ट से भी की जा सकती है.
बांग्ला भाषा में इससे सम्बंधित कीवर्ड्स सर्च करने पर हमें बांग्लादेशी न्यूज वेबसाइट Bd24report के आधिकारिक फेसबुक पेज पर 17 मार्च 2026 की इस पोस्ट में यह वीडियो मिली.
इसके सिवा हमें कुछ न्यूज आउटलेट्स की फेसबुक पोस्ट (यहां, यहां और यहां ) में भी यह वीडियो मिला जिसे बांग्लादेश के ढाका में स्ट्रीट वेंडर्स पर हो रही कार्रवाई का वीडियो बताया गया था.
निष्कर्ष: हालांकि हम स्वतंत्र रूप से वायरल वीडियो की सटीक लोकेशन की पुष्टि नहीं कर पाए लेकिन हमारी पड़ताल में यह साफ है कि वायरल वीडियो बांग्लादेश का है और इसका नेपाल से कोई संबंध नहीं है.
(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)
