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PM की रैली के बाद पैसे के लिए रोती महिला का पुराना वीडियो हाल का बताकर शेयर

ये वीडियो साल 2017 से इंटरनेट पर मौजूद है, जिसे पीएम मोदी के हाल के वाराणसी दौरे से जोड़कर शेयर किया जा रहा है.

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सोशल मीडिया पर एक महिला का वीडियो इस दावे से शेयर किया जा रहा है कि उसे पीएम नरेंद्र मोदी की रैली में शामिल होने और नारे लगाने के लिए 400 रुपये और एक साड़ी देने का वादा किया गया था.

वीडियो में, महिला दावा करती है कि ज्यादा रुपये और कपड़े का वादा करने के बाद उसे सिर्फ 150 रुपये दिए गए.

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हालांकि, हमने पाया कि ये वीडियो हाल का नहीं, बल्कि 2017 का है. हम महिला के दावों को स्वतंत्र रूप से वेरिफाई नहीं कर पाए, लेकिन हमने पाया कि ये वीडियो कई सालों से इंटरनेट पर मौजूद है. इसे 2019 में भी उस समय की घटना का बता शेयर किया गया था.

दावा

वीडियो में, रोती हुई महिला आरोप लगा रही है कि उसे 'मोदी' रोड शो में शामिल होने के लिए और नारे लगाने के लिए 400 रुपये और धोती का वादा किया गया था, लेकिन उसे सिर्फ 150 रुपये ही मिले हैं.

कई अन्य महिलाओं को भी इस वीडियो में देखा जा सकता है. इसे कई सोशल मीडिया यूजर्स ने हाल का बता शेयर किया है. इसे पीएम मोदी के हाल के वाराणसी दौरे से जोड़कर शेयर किया जा रहा है.

सोशल मीडिया पर ऐसी और भी पोस्ट के आर्काइव आप यहां और यहां देख सकते हैं.

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पड़ताल में हमने क्या पाया

हमने वीडियो के कुछ स्क्रीनशॉट को Yandex पर रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें यूट्यूब पर 9 मार्च 2017 को अपलोड किया गया एक वीडियो मिला.

वीडियो के डिस्क्रिप्शन के मुताबिक, ये वीडियो वाराणसी का है. साथ ही, ये भी बताया गया है कि वीडियो में दिख रही महिलाओं को मोदी के रोड शो में शामिल होने के लिए 400 रुपये और एक साड़ी का वादा कर, सिर्फ 150 रुपये दिए गए.

यहां से संकेत लेकर, हमने 'महिला रो 4०० रुपये मोदी रैली' जैसे कीवर्ड का इस्तेमाल कर सर्च करके देखा. हमें Punjab Kesari की एक रिपोर्ट मिली, जिसमें आम आदमी पार्टी के पूर्व सदस्य कुमार विश्वास का ट्वीट इस्तेमाल किया गया था. इस ट्वीट में यही वीडियो था.

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इस वीडियो को Indian American Muslim Council के वेरिफाइड फेसबुक पेज से 2017 में और समाजवादी पार्टी के लिए पहले काम करने वाली प्रीति चौबे ने 2019 में शेयर किया था. चौबे ने किराए पर भीड़ इकट्ठा करने के लिए 'बीजेपी' की आलोचना की थी.

हालांकि, क्विंट महिला और वीडियो में बताई गई बातों के बारे में पता नहीं लगा सका, लेकिन ये साफ है कि ये वीडियो हाल का नहीं, बल्कि 2017 का है. सोशल मीडिया यूजर्स के मुताबिक, ये वीडियो वाराणसी का है लेकिन पुराना है.

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