सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से शेयर किया जा रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) के प्रदर्शनकारी नई हाइड्रोजन ट्रेन पर पत्थर फेंक रहे हैं.
सांसद रेखा शर्मा ने भी इसी दावे के साथ इस वीडियो को रीपोस्ट किया है.
हाइड्रोजन फ्यूल सेल से चलने वाली इस नई ट्रेन का उद्घाटन 17 जुलाई 2026 को किया गया था और यह नॉर्दर्न रेलवे जोन के जींद-सोनीपत सेक्शन के बीच चलती है.
क्या यह सच है?: नहीं, यह दावा सही नहीं है.
इस वायरल वीडियो में बिहार के पाटलिपुत्र स्टेशन पर छात्र एक ट्रेन पर पत्थर फेंकते हुए दिख रहे हैं.
हमने सच का पता कैसे लगाया ?: हमने Google Lens का इस्तेमाल कर वीडियो पर रिवर्स इमेज सर्च किया और यह पाया कि 14 जून 2026 को एक वीडियो अपलोड किया गया था, जिसमें दिख रहे दृश्य वायरल वीडियो से मेल खा रहे थे.
पोस्ट के नीचे दिए गए कैप्शन के मुताबिक यह घटना बिहार में हुई थी.
दोनों वीडियो को मिलाने पर हमने पाया कि इनमें समानताएं देखीं जा सकती हैं.
हमने इससे सम्बंधित कीवर्ड सर्च किए जिसमें हमें इस घटना पर एक रिपोर्ट मिली.
रिपोर्ट में दिए गए विजुअल्स में वही लोकोमोटिव दिख रहा है जो वायरल वीडियो में दिख रहा है.
Live Hindustan के मुताबिक इस वीडियो में बिहार के पाटलिपुत्र रेलवे स्टेशन पर ट्रेन के देर से आने के बाद हंगामा होता दिख रहा है.
परीक्षा देने जा रहे छात्र ट्रेन के देर से आने पर भड़क गए और उन्होंने ट्रेन में तोड़-फोड़ की.
WAG-12B लोकोमोटिव की एक श्रेणी है जिसे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (माल ढुलाई के लिए समर्पित कॉरिडोर) पर इस्तेमाल के लिए विकसित किया गया था, जहां इसका इस्तेमाल मालगाड़ियों को ले जाने के लिए किया जाता है.
वहीं, हाइड्रोजन ट्रेन एक पैसेंजर ट्रेन है जो खास तौर पर जींद-सोनीपत रूट पर चलती है.
नॉर्दर्न रेलवे की ओर से स्पष्टीकरण: नॉर्दर्न रेलवे के आधिकारिक X अकाउंट ने स्पष्ट किया कि पत्थरबाजी की घटना के बारे में वायरल हो रही पोस्ट में हाइड्रोजन ट्रेन नहीं, बल्कि WAG 12 लोकोमोटिव दिखाई दे रहा है.
निष्कर्ष: वीडियो में बिहार के पाटलिपुत्र स्टेशन पर छात्र एक ट्रेन पर पत्थर फेंकते हुए दिखाई दे रहे हैं.
