सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें मुसलमानों की एक बड़ी भीड़ सड़क पर विरोध प्रदर्शन करते हुए दिखाई दे रही हैं.
दावा: इस पोस्ट को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि, "कोलकाता में सड़क पर नमाज़ को लेकर बवाल नए सरकार के आदेश के खिलाफ मुसलमानों का धमकी भरा प्रदर्शन !"
क्या यह दावा सही है ? नहीं, यह दावा सही नहीं है.
यह वीडियो कोलकाता या भारत का नहीं है बल्कि बांग्लादेश का है.
वायरल वीडियो बांग्लादेश के चट्टोग्राम में स्वतंत्रता सेनानी मुशर्रफ हुसैन के जनाजे (अंतिम यात्रा) में शामिल हुई भीड़ का है.
हमने सच का पता कैसे लगाया ? हमने वायरल वीडियो पर गूगल लेंस की मदद से इमेज सर्च ऑप्शन का इस्तेमाल किया. हमारी सर्च में हमें यही वीडियो कुछ बांग्लादेशी यूजर्स के फेसबुक अकाउंट (यहां और यहां) पर दिखाई दिए.
इस पोस्ट में वायरल वीडियो के बारे में लिखा था, "चटगांव दिग्गज वीर स्वतंत्रता सेनानी इंजीनियर मोशर्रफ हुसैन लोगों के प्यार में डूबा हुआ है."
लोकेशन की पहचान: हमने वायरल वीडियो की लोकेशन पर ध्यान दिया तो पाया कि बैकग्राउंड में ज्यादातर बोर्ड बांग्ला भाषा में थे और एक बोर्ड पर अंग्रेजी में The Light PARK लिखा हुआ था.
लोकेशन की पड़ताल के लिए हमने Google Maps पर इससे सम्बंधित कीवर्ड्स सर्च किए. हमारी सर्च में हमने पाया कि वायरल वीडियो की लोकेशन बांग्लादेश के चट्टोग्राम की थी.
बांग्लादेश में छपी इन मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक ( यहां और यहां) स्वतंत्रा सेनानी अवामी लीग के पूर्व नेता और पूर्व मंत्री इंजीनियर मोशर्रफ हुसैन के जनाजे की नमाज में हजारों समर्थक और राजनीतिक कार्यकर्ता शामिल हुए थे.
यह नमाज़-ए-जनाज़ा का कार्यक्रम जमीयतुल फलाह राष्ट्रीय मस्जिद परिसर में आयोजित किया गया था, जिसमें जीवन के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों की भारी भीड़ मौजूद थी; इनमें विभिन्न राजनीतिक दलों के नेता और कार्यकर्ता भी शामिल थे.
कोलकाता से संबंध: इंडियन एक्सप्रेस में छपी इस रिपोर्ट के मुताबिक बीते दिनों कोलकाता के राजाबाजार इलाके में तनाव फैल गया, जब एक समूह ने सड़क पर नमाज पढ़ने की कोशिश की थी. जबकि सुवेंदु अधिकारी के नेतृत्व वाली नई सरकार ने हाल ही में सार्वजनिक स्थानों पर ऐसी गतिविधियों पर प्रतिबंध लगा दिया है.
हालात तब बेकाबू हो गए, जब पुलिसकर्मी सड़क खाली कराने के लिए मौके पर पहुंचे और उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा. प्रदर्शनकारियों का तर्क था कि यह एक परंपरा है, जबकि प्रशासन का कहना था कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सार्वजनिक रास्तों को खुला रखना अनिवार्य है.बाद में सड़क साफ कर दी गई और यातायात फिर से शुरू हो गया.
लेकिन इस पूरे घटनाक्रम का इस वायरल वीडियो कोई भी संबंध नहीं है.
निष्कर्ष: बांग्लादेश में निकले जनाजे के वीडियो को कोलकाता में नमाज पड़ने को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन का बताकर भ्रामक दावों के साथ शेयर किया जा रहा है.
(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)
