ADVERTISEMENTREMOVE AD

आंबेडकर की मूर्ति तोड़े जाने की दो अलग घटनाएं भ्रामक दावों के साथ वायरल

वायरल पोस्ट में दो अलग-अलग तस्वीरों और घटनाओं को मिलाया गया है.

Published
story-hero-img
i
Aa
Aa
Small
Aa
Medium
Aa
Large

सोशल मीडिया पर एक अखबार की तस्वीर वायरल हो रही है जिसमें दावा किया गया है कि हाल ही में एक मुस्लिम भीड़ ने डॉ. भीमराव आम्बेडकर की मूर्ति को तोड़ा और दलित समुदाय के लोगों पर हमला किया है.

दावा: इस पोस्ट में एक ऐसी तस्वीर भी शेयर की गई है जिसमें डॉ. आम्बेडकर की सुनहरे रंग की मूर्ति जमीन पर टूटी हुई पड़ी है, इसे इसी घटना का बताकर शेयर किया जा रहा है.

( ऐसे ही दावे करने वाले अन्य पोस्ट के अर्काइव आप यहां और यहां देख सकते हैं. )

ADVERTISEMENTREMOVE AD

क्या यह दावा सही है ? नहीं, यह दावा सही नहीं है.

  • वायरल पोस्ट में दो अलग-अलग तस्वीरों और घटनाओं को मिलाया गया है.

  • अखबार की कटिंग में जिस घटना का जिक्र है उत्तर प्रदेश के देवरिया में 2019 में हुई घटना का है, वहीं डॉक्टर आम्बेडकर की सुनहरी टूटी हुई मूर्ति की घटना हैदराबाद की है.

  • अखबार की कटिंग इससे पहले भी भ्रामक दावों के साथ वायरल हो चुकी हैं.

हमने सच का पता कैसे लगाया ? वायरल वीडियो पर गूगल लेंस की मदद से इमेज सर्च ऑप्शन का इस्तेमाल करने पर हमें The New Indian Express की यह न्यूज रिपोर्ट मिली जिसमें डॉक्टर आम्बेडकर की सुनहरी मूर्ति टूटने के बारे में खबर थी.

  • इस रिपोर्ट में लिखा था कि, 'डॉ. बीआर आम्बेडकर की 128वीं जयंती की पूर्व संध्या पर उनकी एक नई बनी 10 फुट ऊंची मूर्ति को न सिर्फ परमिशन न होने की वजह से हटा दिया गया, बल्कि कॉर्पोरेशन के कर्मचारियों ने उसे कूड़े में भी फेंक दिया. यह मूर्ति शनिवार सुबह पंजगुट्टा में GHMC से मंजूरी लिए बिना लगाई गई थी.'

The Quint ने 14 अप्रैल 2019 को छपी इस रिपोर्ट में हैदराबाद के ग्रेटर हैदराबाद नगर निगम (GHMC) में हुई इस घटना के बारे में विस्तार से रिपोर्ट किया था, उस रिपोर्ट को यहां पढ़ा जा सकता है.  

ADVERTISEMENTREMOVE AD

अखबार की कटिंग:

अखबार की कटिंग के लिखे दावों की पड़ताल के लिए हमने इससे सम्बंधित कीवर्ड्स इंटरनेट पर सर्च किए. हमारी सर्च में हमें अमर उजाला की यह न्यूज रिपोर्ट मिली जो वायरल पोस्ट में बताई गई जानकारी से मेल खा रही थी.

  • अमर उजाला की रिपोर्ट के मुताबिक गांव के ही एक अन्य टोले से दूसरे वर्ग के एक युवक ने अनुसूचित बस्ती के एक घर में घुसकर किशोरी से छेड़खानी की थी.

  • घर में घुसकर किशोरी से छेड़खानी करने के विरोध पर कुछ लोगों ने अनुसूचित जाति की बस्ती में घुसकर जमकर उत्पात मचाया था और बस्ती में लगी आंबेडकर प्रतिमा तोड़ दी थी.

  • यह रिपोर्ट 21 अप्रैल 2019 को छापी गई थी. 

इस खबर का हमने इससे पहले भी फैक्ट-चेक किया है, इस खबर पर विस्तार से जानकारी के लिए आप हमारी वह रिपोर्ट यहां पढ़ सकते हैं.

ADVERTISEMENTREMOVE AD

निष्कर्ष: डॉक्टर भीमराव आम्बेडकर की मूर्ति तोड़े जाने की अलग-अलग घटनाओं को एक बताकर भ्रामक दावों के साथ शेयर किया जा रहा है.

(अगर आपक पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर  9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)

Speaking truth to power requires allies like you.
Become a Member
Monthly
6-Monthly
Annual
Check Member Benefits
×
×