ADVERTISEMENTREMOVE AD

'केजरीवाल का पंजाब सीएम को आदेश' बताकर कांग्रेस नेताओं ने शेयर किया फेक लेटर

कांग्रेस नेता अमरिंदर सिंह राजा और सुखपाल सिंह ने AAP का बताकर एक फेक लेटरहेड शेयर किया

Published: 
story-hero-img
i
Aa
Aa
Small
Aa
Medium
Aa
Large

पंजाब पुलिस ने कांग्रेस (Congress) नेता अमरिंदर सिंह राजा वारिंग और सुखपाल सिंह खैरा पर अरविंद केजरीवाल का बताकर एक फेक लेटर शेयर करने के आरोप में FIR दर्ज की है. इस लेटर में पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों के चेयरमैन के नाम लिखे दिख रहे हैं. लेटर शेयर कर आरोप लगाया गया कि पंजाब सरकार में सभी जरूरी फैसले अरविंद केजरीवाल ले रहे हैं, न कि पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान.

जिन नेताओं पर FIR दर्ज हुई, उनका आरोप है कि AAP के ही एक वॉलेंटियर ने उन्हें ये उपलब्ध कराया था. जाहिर है पुलिस अब इस मामले की जांच करेगी, लेकिन क्विंट की वेबकूफ टीम ने जब इस लेटर को AAP के ऑफिशियल फेसबुक पेज से शेयर किए गए पिछले कुछ असली लेटर्स से मिलाकर देखा, तो सामने आया कि लेटर्स के फॉर्मेट में कई भिन्नताएं हैं. यानी ये लेटर AAP के ऑफिशियल या यूं कहें कि असली लेटर हेड से अलग हैं.

ADVERTISEMENTREMOVE AD

दावा

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष मरिंदर सिंह राजा वारिंग ने पंजाबी में किए ट्वीट में आरोप लगाया कि पंजाब में नियुक्तियां अरविंद केजरीवाल ही कर रहे हैं. ट्वीट के साथ शेयर किए गए लेटर में नीचे हिंदी में अरविंद केजरीवाल लिखा हुआ है, साथ ही ऊपर हस्ताक्षर भी हैं.

पंजाब के भोलाथ से कांग्रेस विधायक सुखपाल सिंह खैरा ने भी वीडियो इसी दावे के साथ शेयर किया है, अर्काइव यहां देखा जा सकता है. कांग्रेस नेताओं के बाद ट्विटर पर कई यूजर्स ने इस लेटर को शेयर किया.

कांग्रेस नेताओं का शेयर किया गया लेटर असली नहीं 

क्विंट की वेबकूफ टीम ने अमरिंदर सिंह राजा वारिंग और सुखपाल सिंह खैरा के शेयर किए गए लेटर की पड़ताल की. हमने आम आदमी पार्टी के पिछले कुछ ओरिजनल लेटर्स से इस लेटर को मिलाकर देखा तो फॉर्मेट में काफी अंतर देखे जा सकते हैं, जिनसे स्पष्ट होता है कि ये लेटर असली नहीं है.

कई ओरिजनल लेटर्स से वायरल लेटर की तुलना करने पर कुछ स्पष्ट अंतर हमें दिखे

  • AAP के जिस ओरिजनल लेटर में पूरा लेटर अंग्रेजी में होता है, वहां लेटर लिखने वाले का नाम भी अंग्रेजी में होता है. जबकि जहां पूरा लेटर हिंदी में होता है, वहां लेटर लिखने वाले का नाम भी हिंदी में. जबकि वायरल लेटर में ऐसा नहीं है, वहां नाम हिंदी में और पूरा लेटर अंग्रेजी में है.

  • इसके अलावा AAP के हर लेटर के शुरुआत में या फिर आखिर में तारीख है, जो कि वायरल लेटर में नहीं है.

  • असली लेटर्स में लिखने वाले का नाम बाईं तरफ है, जबकि वायरल लेटर में अरविंद केजरीवाल का नाम दाईं तरफ है.

AAP के वेरिफाइड फेसबुक अकाउंट से 20 अप्रैल, 2014 को किए गए एक फेसबुक पोस्ट में हमें लेटर मिला. ये लेटर अरविंद केजरीवाल ने चुनाव आयोग को लिखा था. इस पोस्ट में लेटर बड़ा होने के चलते 2 हिस्सों में पोस्ट किया गया था.

ADVERTISEMENTREMOVE AD

AAP द्वारा पोस्ट किए गए असली लेटर और वायरल लेटर का अंतर यहां देखा जा सकता है.

ADVERTISEMENTREMOVE AD

AAP के ऑफिशियल फेसबुक पेज से 2016 में शेयर किए गए इस लेटर में पूरा लेटर हिंदी में है, तो केजरीवाल का नाम भी हिंदी में ही है. इसके साथ लेटर में तारीख है. लिखने वाले का नाम बाईं तरफ है,.

AAP की तरफ से 2017 में निर्वाचन आयोग और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स को लिखा एक और लेटर. ये पूरा लेटर अंग्रेजी में है तो लिखने वाले यानी आप के राष्ट्रीय संयोजक का नाम भी इंग्लिश में ही लिखा है. इस लेटर में तारीख भी है. लिखने वाले का नाम बाईं तरफ है,.

पंजाब की AAP सरकार ने फेक लेटर शेयर करने पर दर्ज कराई FIR

पंजाब कांग्रेस प्रमुख अमरिंदर सिंह राजा वारिंग और सुखपाल सिंह खैरा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है. यह एफआईआर उनके द्वारा "फर्जी तरीके से आम आदमी पार्टी के लेटरपैड और अरविंद केजरीवाल के हस्ताक्षर को लेकर की गई है." FIR के बाद खेहरा ने कहा कि बीजेपी नेताओं ने भी ट्वीट शेयर किया था, लेकिन उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई. खेहरा ने ये भी आरोप लगाया है कि लेटर सबसे पहले अंकित नाम के AAP वॉलेंटियर ने शेयर किया था.

(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9643651818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं)

Speaking truth to power requires allies like you.
Become a Member
Monthly
6-Monthly
Annual
Check Member Benefits
×
×