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गुजरात: यूपी-बिहार के लोगों को बांग्लादेशी समझकर क्यों उठा ले गई पुलिस?

अहमदाबाद और सूरत पुलिस ने 1,024 लोगों को बांग्लादेशी होने के शक में हिरासत में लिया. जिसमें 884 भारतीय नागरिक निकलें

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"आपको अवैध बांग्लादेशियों पर कार्रवाई करनी है, कीजिए. लेकिन हम लोग तो इस देश के नागरिक हैं, हमें क्यों परेशान किया जा रहा है? बिहार भी तो इसी देश में है, न?"

यह सवाल है 38 वर्षीय नजीरुल का, जिन्हें 26 अप्रैल को गुजरात पुलिस ने 'अवैध बांग्लादेशी' होने के शक में हिरासत में लिया था. नजीरुल पिछले 20 वर्षों से गुजरात के अहमदाबाद में रहकर कढ़ाई का काम कर रहे हैं. नजीरुल मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी जिले के निवासी हैं.

26 अप्रैल की सुबह, गुजरात पुलिस ने नजीरुल समेत 1,000 से अधिक 'संदिग्ध व्यक्तियों' को हिरासत में लिया. हालांकि, हिरासत में लिए गए अधिकांश लोग अंतर-राज्यीय प्रवासी थे, जिनमें से ज्यादातर मुस्लिम समुदाय से थे. ये लोग मुख्य रूप से बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और कुछ स्थानीय गुजराती थे. इनमें से अधिकांश को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के बाद छोड़ दिया गया.

पुलिस की इस कार्रवाई पर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. ऐसे में द क्विंट ने हिरासत में लिए गए कुछ लोगों से बातचीत की.

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