बिहार विधानसभा चुनाव में इस बार कई नई राजनीतिक पार्टियां मैदान में हैं. नए खिलाड़ियों के आने से राजनीतिक प्रतिस्पर्धा बढ़ने की उम्मीद है, जिससे चुनाव पर असर पड़ सकता है. ये नए खिलाड़ी चुनाव परिणाम को बनाने-बिगाड़ने में अहम भूमिका निभा सकते हैं.
चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के नेतृत्व में जन सुराज के गठन के बाद, दो और राजनीतिक दल का गठन हुआ. अभी तक किसी भी पार्टी ने बड़े गठबंधन का हिस्सा बनने की घोषणा नहीं की है.
ये पार्टियां हैं: पूर्व कांग्रेस नेता आईपी गुप्ता की इंडियन इंकलाब पार्टी (आईआईपी), और सिविल सेवा से इस्तीफा देने वाले पूर्व आईपीएस अधिकारी शिवदीप लांडे की हिंद सेना पार्टी.

