कन्नड़ में कहावत है- पायसा मादी नायि बाला अड्डोदु. जिसका हिंदी अनुवाद है- 'खीर'/'पायसम' बनाना और फिर उसमें कुत्ते की पूंछ डुबाना".
तात्पर्य यह है कि अच्छा काम एक आखिरी गलती से पूरी तरह बर्बाद हो जाता है. यह मुहावरा मेरे दिमाग में तब आया जब मैंने मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) को जमानत देने से इनकार करने वाले सुप्रीम कोर्ट के आदेश को पढ़ा.

