शी जिनपिंग को कोई नहीं रोक पाया- न तो कोविड-19 जैसी महामारी, न टुकड़े-टुकड़े होतीं मंडलियां और न ही पूंजीवादी ताकतों का बनावटी अलगाव. जैसी ही शी तीसरी बार चीन के राष्ट्रपति बनते हैं, उनके सबसे भरोसेमंद सिपहसालार ली कियांग प्रधानमंत्री बन जाते हैं. वैसे शी पहले से ही चीनी कम्युनिस्ट पार्टी (सीसीपी) और पीपुल्स लिबरेशन आर्मी के प्रमुख हैं.
पूर्व उप प्रधानमंत्री हान झेंग को चीन के उपराष्ट्रपति के रूप में चुना गया है, जबकि सीसीपी के भ्रष्टाचार विरोधी आयोग के मुखिया- झाओ लेजी- नए संसदीय अध्यक्ष बने हैं. ये सभी लोग शी के विश्वासू हैं.

