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अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी और जमानत लगभग असीमित विवेकाधीन शक्ति का मामला है

सत्तारूढ़ शासन के पक्ष में विवेक का प्रयोग करने वाले किसी भी प्राधिकारी के लिए वस्तुतः कोई परिणाम नहीं होते हैं.

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1 जून तक अअरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) को अंतरिम जमानत देने के सुप्रीम कोर्ट के आदेश को हम कैसे समझें?

तीन संभावित तरीके हैं.

एक तरीका यह है कि इसे पूरी तरह से राजनीतिक निहितार्थों के दृष्टिकोण से देखा जाए - यह आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय राष्ट्रीय विकासात्मक समावेशी गठबंधन (INDIA) के लिए एक "जीत" है और इसलिए यह सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के लिए एक "हार" है.

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