पश्चिम बंगाल की 294 सीटों में से 206 पर बीजेपी और 81 सीटों पर टीएमसी की जीत हुई. पूरे चुनाव में सबसे ज्यादा चर्चा SIR में एडजुडिकेशन के अंतर्गत काटे गए 27 लाख मतदाताओं की रही. उन्हें वोट नहीं देने दिया गया. इन 27 लाख लोगों के नाम वोटर लिस्ट से काटे जाने के बाद पश्चिम बंगाल के चुनाव नतीजों पर क्या असर पड़ा? कई सीटों पर विक्ट्री मार्जिन से कई गुना ज्यादा मतदाताओं के नाम काटे गए, उससे किसकी सत्ता खिसकी? जहां मुस्लिम आबादी ज्यादा है उन जगहों पर बीजेपी ने कैसे बढ़त बनाई ? क्या एडजुडिकेशन डिलीशन ने 2021 के विजेताओं का 2026 में गणित बिगाड़ दिया ?
49 सीटों पर जीत मार्जिन से ज्यादा एडजुडिकेशन डिलीशन, बीजेपी को फायदा?
पश्चिम बंगाल की 294 में से 49 सीटें ऐसी हैं, जहां हार-जीत का अंतर (Victory Margin), उन सीटों पर काटे गए वोटरों (Deletion Under Adjudication) की संख्या से काफी कम है. इन 49 में से 25 सीटें बीजेपी, 22 टीएमसी और 2 सीटों पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की. जब इन 49 सीटों की तुलना 2021 के नतीजों से करते हैं तो पता चलता है कि एडजुडिकेशन डिलीशन से टीएमसी को बड़ा झटका लगा है.
इन 49 में से 1 सीट है जो 2021 में बीजेपी ने जीती थी. बाकी सभी 48 सीटों पर टीएमसी का कब्जा था, 2026 में 48 में से 26 सीटों पर टीएमसी की हार हुई और बीजेपी के पास चली गईं.
पांडबेश्वर (Pandabeswar) यहां 5,898 डिलीशन हुआ, जबकि बीजेपी के जितेंद्र कुमार तिवारी सिर्फ 1,398 वोटों के बेहद करीबी अंतर से जीते. डिलीशन मार्जिन से चार गुना से भी ज्यादा है.
पांडुआ (Pandua) यहां 11,494 वोट डिलीट हुए, जबकि बीजेपी के तुषार कुमार मजूमदार 5,228 वोटों से जीते. डिलीशन, जीत के मार्जिन से 6,266 ज्यादा है.
नाकाशिपाड़ा (Nakashipara) यहां 21,890 वोट डिलीट हुए हैं और बीजेपी के शांतनु 17,327 वोटों के अंतर से जीते. यहां भी डिलीशन जीत के मार्जिन से ज्यादा है.
आसनसोल उत्तर (Asansol Uttar) यहा 14,531 वोट डिलीट हुए हैं, जबकि बीजेपी के कृष्णेंदु मुखर्जी 11,615 वोटों से आगे हैं और टीएमसी के मलय घटक पीछे चल रहे हैं, यहां भी डिलीशन मार्जिन से अधिक है.
जहां मुस्लिम आबादी ज्यादा, वहां भी टीएमसी को भारी नुकसान- बीजेपी को बढ़त
पश्चिम बंगाल में जिन जिलों में मुस्लिम आबादी सबसे अधिक है, वहां एडजुडिकेशन वोटर डिलीशन की संख्या लाखों में रही है. इन जिलों में टीएमसी (TMC) को भारी नुकसान हुआ.
मुर्शिदाबाद (66.27% मुस्लिम आबादी): राज्य में मुस्लिम आबादी और डिलीशन, दोनों के मामले में यह जिला शीर्ष पर है. यहां सबसे ज्यादा 4,55,137 वोट एडजुडिकेशन की वजह से डिलीट हुए. 2021 में यहां टीएमसी ने 20 सीटें जीती थीं और बीजेपी (BJP) मात्र 2 पर थी. लेकिन 2026 में टीएमसी घटकर 9 सीटों पर आ गई है और बीजेपी ने 8 सीटों पर बढ़त बना ली है.
मालदा (51.27% मुस्लिम आबादी): यहां 28.90% की दर से कुल 2,39,375 वोट डिलीट हुए. 2021 में टीएमसी 8 और बीजेपी 4 पर थी, लेकिन 2026 में भारी कांट-छांट के बाद दोनों 6-6 सीटों की बराबरी पर आ गईं.
उत्तर दिनाजपुर (49.92% मुस्लिम आबादी): यहां 36.85% की डिलीशन दर के साथ 1,76,972 वोट कटे हैं. 2021 में 7 सीटें जीतने वाली टीएमसी 2026 में 5 पर आ गई है, और बीजेपी 2 से बढ़कर 4 सीटों पर हो गई है.
मध्यम मुस्लिम आबादी वाले जिले, एडजुडिकेशन डिलीशन ने पलटा गेम?
यह वह क्षेत्र है जहां मुस्लिम आबादी 15% से 35% के बीच है, लेकिन यहां डिलीशन की दर (Percentage) राज्य में सबसे अधिक रही है. इन जिलों में 2021 के टीएमसी का एकतरफा वर्चस्व 2026 में बीजेपी के पक्ष में पूरी तरह पलट गया.
नदिया (26.76% मुस्लिम आबादी): इस जिले में राज्य का सबसे अधिक 77.86% डिलीशन दर दर्ज किया गया. यहां कुल 2,08,626 वोट कटे हैं. 2021 में टीएमसी यहां 8 और बीजेपी 9 सीटों पर थी. लेकिन 2026 में यहां जबरदस्त उलटफेर हुआ है. बीजेपी 14 सीटों पर पहुंच गई है और टीएमसी मात्र 3 पर सिमट गई है.
हुगली (15.77% मुस्लिम आबादी): यहां दूसरी सबसे अधिक 70.33% डिलीशन दर रही और कुल 1,20,813 वोट कटे. 2021 में यहां 14 सीटें जीतने वाली टीएमसी 2026 में मात्र 2 सीटों पर रह गई है, जबकि बीजेपी 4 से छलांग लगाकर 16 सीटों पर काबिज हो गई है.
उत्तर 24 परगना (25.82% मुस्लिम आबादी): यहां 3,25,666 वोटों का भारी डिलीशन हुआ है. यह टीएमसी का सबसे मजबूत गढ़ था जहां 2021 में उसने 28 सीटें जीती थीं (बीजेपी को 5 मिली थीं). 2026 में यह पूरी तरह पलट गया है; यहां बीजेपी 22 सीटों पर आगे है और टीएमसी 11 पर आ गई है.
SC/ST सीटों पर डिलीशन का असर, सुरक्षित सीटों पर बड़ा उलटफेर
अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षित सीटों पर एडजुडिकेशन डिलीशन ने हार-जीत के समीकरण को प्रभावित किया है. कई आरक्षित सीटों पर जीत का अंतर हजार-दो हजार के बीच सिमट गया है, जबकि डिलीट हुए वोटरों की संख्या दसियों हजार में है.
पश्चिम बंगाल में एससी/एसटी की 84 सीटें हैं. इनमें से 2021 में 39 सीटों पर बीजेपी 45 पर टीएमसी की जीत हुई थी. अबकी बार 67 सीटों पर बीजेपी और 17 पर टीएमसी जीती है. इन 84 में से 10 सीटें ऐसी हैं जहां विक्ट्री मार्जिन ज्यादा डिलीशन हुआ है, जिनमें से 6 पर बीजेपी और 4 पर टीएमसी की जीत हुई.
रैना (Raina SC): 2021 में इसे टीएमसी ने जीता था, लेकिन 2026 में यहां बीजेपी मात्र 834 वोटों से जीत गई. यहां 11,284 वोट डिलीशन हुए हैं.
हेमताबाद (Hemtabad SC) और कुशमंडी (Kushmandi SC): हेमताबाद में 18,215 और कुशमंडी में 13,581 वोट डिलीट हुए हैं. इन दोनों ही SC सीटों पर 2026 में बीजेपी ने टीएमसी को पछाड़कर बढ़त बना ली.
उलुबेरिया उत्तर (Uluberia Uttar SC): 6,193 वोट डिलीट हुए और बीजेपी सिर्फ 4,177 वोटों से जीती.
औद्योगिक और मध्य बंगाल (जैसे बर्धमान-दुर्गापुर, आसनसोल, हुगली) में मध्यम स्तर के डिलीशन हुआ है. यहां 2021 के टीएमसी के दबदबे वाली सीटों पर 2026 में बीजेपी ने कब्जा किया है.
जंगीपुर (Jangipur): राज्य में सबसे अधिक 2,75,900 एडजुडिकेशन वोटर डिलीशन यहीं हुआ है. 2021 में यहां की सभी 9 विधानसभा सीटों पर टीएमसी का कब्जा था, लेकिन 2026 में टीएमसी 5 सीटों पर आ गई है और बीजेपी ने 3 सीटों पर बढ़त बना ली है.
बर्धमान-दुर्गापुर (Bardhaman- Durgapur): यहां 88,087 वोटरों का डिलीशन हुआ है. 2021 में टीएमसी ने यहां 6 सीटें जीती थीं और बीजेपी को मात्र 1 सीट मिली थी, लेकिन 2026 में समीकरण पूरी तरह पलट गए हैं; अब बीजेपी 6 सीटों पर आगे है और टीएमसी 1 सीट पर सिमट गई है.
आसनसोल (Asansol): 62,555 वोटर डिलीशन के साथ इस संसदीय क्षेत्र के नतीजे पूरी तरह बदल गए हैं. 2021 में यहां टीएमसी 5 और बीजेपी 2 सीटों पर थी, जबकि 2026 में बीजेपी यहां की सभी 7 सीटों पर आगे चल रही है और टीएमसी शून्य पर आ गई है.
उत्तर बंगाल के सीमावर्ती जिले (कूचबिहार, जलपाईगुड़ी, अलीपुरद्वार और दार्जिलिंग): बीजेपी का 'क्लीन स्वीप'
उत्तर बंगाल के ये सीमावर्ती जिले (जहां हिन्दू आबादी 74% से 81% के बीच है) पहले से ही बीजेपी के लिए मजबूत माने जाते रहे हैं, लेकिन वोटर डिलीशन के बाद यहां टीएमसी पूरी तरह से साफ होती दिख रही है.
कूचबिहार (Koch Bihar): यहां 1,20,725 वोट डिलीट हुए हैं. 2021 में टीएमसी ने यहां 2 सीटें जीती थीं, जो 2026 में मात्र 1 रह गई है, और बीजेपी 7 से 8 पर पहुंच गई है.
जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार: इन दोनों जिलों में कुल मिलाकर लगभग 71 हजार वोट डिलीट हुए हैं (जलपाईगुड़ी में 35,356 और अलीपुरद्वार में 36,078).
2026 में इन दोनों जिलों की सभी 12 सीटों (जलपाईगुड़ी की 7 और अलीपुरद्वार की 5) पर बीजेपी आगे है और टीएमसी का यहां से पूरी तरह सफाया (शून्य) हो गया है.
दार्जिलिंग: यहां भी 44,230 डिलीशन के साथ बीजेपी सभी 5 सीटों पर अपनी पकड़ मजबूत बनाए हुए है.
