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पीएम मोदी के करीबी को मिलेगा प्रवासी भारतीय सम्मान अवॉर्ड

भरत बरई अमेरिका के जाने माने कैंसर स्पेशलिस्ट हैं और साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोस्त भी हैं.

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भारतीय मूल के अमेरिकी डॉक्टर भरत बरई और डॉक्टर संपत शिवांगी को सम्मानित प्रवासी भारतीय सम्मान अवॉर्ड के लिए चुना गया है. प्रवासी भारतीय सम्मान अवार्ड दूसरे देशों में रहने वाले भारतीयों और भारतीय मूल के लोगों को दिया जाने वाला यह सबसे बड़ा नागरिक सम्मान है.

बेंगलुरु में प्रवासी भारतीय दिवस सम्मेलन के आखिरी दिन नौ जनवरी को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी दोनों को सम्मानित करेंगे. यह अवार्ड देश से बाहर रह रहे उन लोगों को दिया जाता है जिन्होंने अपने क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान दिया है.

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नरेंद्र मोदी के दोस्त भी हैं भरत बरई

भरत बरई अमेरिका के जाने माने कैंसर स्पेशलिस्ट हैं और साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दोस्त भी हैं. पीएम बनने के बाद नरेंद्र मोदी की पहली अमेरिकी यात्रा में भरत बरई ने ही अपने देखरेख में न्यूयॉर्क के मेडिसन स्क्वायर में प्रधानमंत्री का कार्यक्रम का जिम्मा संभाला था.

बताया जाता है की नरेंद्र मोदी 1993 में जब स्वामी विवेकानंद से जुड़े एक कार्यक्रम के लिए पहली बार अमेरिका गए तो डॉक्टर बरई के घर पर ही रुके थे.

इस अवॉर्ड में नाम आने पर बरई ने कहा, “इस अवार्ड का श्रेय न्यूयॉर्क, न्यू जर्सी और शिकागो में उन सैंकड़ो कार्यकर्ताओं को जाता है जिन्होंने मैडिसन स्क्वायर गार्डन इवेंट को सफल बनाने में साथ दिया. मैं उनकी ओर से यह सम्मान ले रहा हूं.”

डॉक्टर भरत बरई, अमेरिका में रह रहे भारतीयों के बीच में काफी लोकप्रिय हैं. और साथ ही ओबामा सरकार से नजदीकी ने डॉक्टर भरत को बेहद अहम बना दिया है.

कौन है संपत शिवांगी?

डॉ. संपत शिवांगी, इंडियन अमेरिकन फोरम फॉर पॉलिटिकल एड्यूकेशन' के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं. मिसीसिप्पी में रहने वाले डॉक्टर शिवांगी ने सांसदों के जरिए भारत अमेरिकी संबंध को बेहतर बनाने में मुख्य भूमिका निभाई.

इस अवॉर्ड के लिए उनका नाम भी शामिल है इस बात पर शिवांगी ने कहा, “इस प्रतिष्ठित अवार्ड के लिए चुना जाना मेरे लिए सम्मान की बात है.”

अब तक 28 भारतीयों को मिल चुका है यह अवॉर्ड

अब तक इस अवॉर्ड से 28 भारतीयों को सम्मानित किया जा चुका है. रजत गुप्ता, कल्पना चावला (मरणोपरांत), शशि थरूर (जब न्यूयार्क में यूनाइटेड नेशन में काम करते थे), सैम पित्रोदा, प्रोफेसर जगदीश भगवती और डॉक्टर राजीव शाह जैसे लोगों को किया जा चुका है सम्मानित.

साल 2003 में इस अवॉर्ड की शुरुआत विदेश मंत्रालय ने की थी.

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