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बिहार: सुशासन राज में कानून पर भारी भीड़तंत्र, सरेआम महिला से छेड़छाड़ और सवाल

पुलिस ने इस मामले में 27 मार्च को महिला की शिकायत पर FIR दर्ज की थी. अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है.

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(चेतावनी: इस खबर में महिला के उत्पीड़न, छेड़छाड़ और भीड़ द्वारा हिंसा से जुड़ी संवेदनशील जानकारी है, जो कुछ पाठकों को विचलित कर सकती है.)

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के गृह जिले नालंदा से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. जिससे प्रदेश में महिला सुरक्षा पर सवाल खड़े हुए हैं. मामला नूरसराय थाना क्षेत्र का है, जहां 26 मार्च को एक महिला के साथ कुछ लोगों ने सरेआम बदसलूकी की, गलत तरीके से छुआ और सड़क पर घसीटा. जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल है.

महिला की शिकायत के आधार पर 27 मार्च को मामला दर्ज किया गया था. पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है. वायरल वीडियो में तीन लोगों को महिला के साथ बदसलूकी करते, अश्लील हरकत करते और उसे गांव की सड़क पर घसीटते हुए देखा जा सकता है. इस दौरान कुछ लोग वीडियो बनाते नजर आ रहे हैं. वहीं महिला लगातार उनसे छोड़ देने की गुहार लगाती रहती है.

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"कमरे में बंद किया और झूठी अफवाह फैला दी"

मीडिया से बातचीत में घटना को याद करते हुए महिला ने बताया कि वह उस दिन शाम को पैसे ट्रांसफर करवाने के लिए गांव के ही एक दुकानदार के पास गई थी. तभी गांव के कुछ युवकों ने उन्हें दुकानदार से बात करते देखा और उनपर गलत काम करने का आरोप लगाने लगे. महिला के मुताबिक, "युवकों ने मुझे दुकानदार के साथ एक कमरे में बंद कर दिया और झूठी अफवाह फैला दी कि लड़का और लड़की कुछ गलत काम करने आए हैं."

महिला ने बताया कि बाहर से दरवाजे पर ताला लगा दिया गया था. जिसके बाद वह खिड़की से बाहर निकली.

"कमरे की खिड़की पर ईंटें लगी हुई थीं. दुकानदार ने उन ईंटों को हटाकर बाहर निकलने की कोशिश की. जैसे ही वह बाहर निकला, वहां मौजूद लोग उसे मारने लगे. फिर जब मैं बाहर निकली, तो लोगों ने मेरे साथ भी मारपीट की."

"समाज को यह अधिकार किसने दिया?"

महिला ने बताया कि आरोपी यह कहते हुए उनकी जबरन दुकानदार के साथ शादी करवाना चाहते थे कि उन्होंने कुछ गलत किया है. हालांकि, महिला का कहना है कि उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया था. वे कहती हैं,

"मेरा मुंह बंद कर दिया. मेरा हाथ पकड़कर, सड़क पर घसीटते हुए मुझे मंदिर ले जाया गया, जहां मेरी दुकानदार के साथ शादी करवाने की बात की जाने लगी. हमने शादी से इनकार कर दिया, क्योंकि हमने कुछ गलत नहीं किया था. इसके बाद वहां मौजूद लोग जबरन शादी करवाने की कोशिश करने लगे. इस दौरान हम दोनों के साथ बुरी तरह मारपीट की गई."

महिला पहले से शादीशुदा हैं और तीन बच्चों की मां हैं. उनके पति दूसरी जगह काम करते हैं, जबकि वह अपने बच्चों और सास के साथ ससुराल में रहती हैं. आरोपों पर सवाल उठाते हुए उन्होंने आगे कहा,

"लोग मुझे गलत बता रहे हैं, लेकिन इसका सबूत कहां है? अगर मान भी लें कि कुछ गलत था, तो इसका फैसला मेरे पति करेंगे. समाज को यह अधिकार किसने दिया?"

रेप की कोशिश का आरोप, 8 आरोपी गिरफ्तार

महिला ने तीन युवकों के खिलाफ नामजद एफआईआर करवाई है. पुलिस को दी गई शिकायत में उन्होंने रेप की कोशिश, जबरदस्ती करने का आरोप लगाया है. BNS की धारा 74 (महिला की लज्जा भंग करने के इरादे से हमला), 75 (यौन उत्पीड़न), 76 (महिला को निर्वस्त्र करने की नीयत से हमला), 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना), 126(2) (गलत तरीके से रोकना) और 3(5) (सामान्य इरादे से अपराध) के तहत मामला दर्ज किया है.

द क्विंट से बातचीत में नालंदा SP भरत सोनी ने बताया कि महिला की शिकायत पर दो आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया था. इसके बाद वायरल वीडियो के आधार पर 6 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. कुल 8 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई है.

घटना के पीछे के कारणों के सवाल पर उन्होंने कहा कि "ये जांच का विषय है. लोगों ने बदमाशी की है, जिसपर कार्रवाई हुई है."

इससे पहले एक बयान में डीएसपी संजय जायसवाल ने कहा था, "कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि महिला का दुकानवाले से अवैध संबंध है. और ये आरोप लगाते हुए उन लोगों ने महिला के साथ बदतमीजी की है. उसकी लज्जा के साथ छेड़छाड़ का प्रयास किया है."

एसपी सोनी ने बताया कि मामले की जांच के लिए SIT गठित की गई थी. "महिला को सुरक्षा मुहैया करवाई गई है. वीडियो में गांव के काफी लोग दिख रहे हैं. उसमें कुछ महिलाएं भी हैं, जो आरोपियों को उकसाते हुए नजर आ रही हैं. हमने एक महिला की पहचान की है और उनको जल्दी ही गिरफ्तार करेंगे," उन्होंने आगे कहा. साथ ही उन्होंने मामले की स्पीडी ट्रायल करवाने की बात भी कही है.

महिला आयोग ने डीजीपी को लिखा पत्र

इस मामले में राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष अप्सरा ने डीजीपी और नालंदा एसपी को पत्र लिखा है. द क्विंट से बातचीत में उन्होंने कहा, "इस घटना की जितनी भी निंदा की जाए, वह कम है. ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा. महिला आयोग ने डीजीपी और नालंदा एसपी को पत्र लिखा है और सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं."

महिला सुरक्षा के सवाल पर उन्होंने कहा, "महिलाएं सुरक्षित हैं और रहेंगी, उसमें कोई दिक्कत नहीं है. लेकिन इस तरह की घटना नहीं होनी चाहिए. ये गलत मानसिकता का परिचायक है. जो गलत मानसिकता के लोग हैं, उन्हें नहीं बख्शा जाएगा."

"बिहार में मणिपुर जैसी दरिंदगी"

दूसरी तरफ कांग्रेस ने इस घटना को मणिपुर में हुई घटना से जोड़ते हुए राज्य सरकार पर निशाना साधा है. बिहार कांग्रेस ने घटना का वीडियो शेयर करते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर लिखा, "बीजेपी का मुख्यमंत्री बनने से पहले ही बिहार में नीतीश कुमार के गृह जिले से हुई मणिपुर जैसी दरिंदगी की शुरुआत!" पोस्ट में आगे लिखा है, "यह वीडियो बहुत ही शर्मनाक और डरावना है!"

राष्ट्रीय जनता दल ने एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "नीतीश कुमार का तथाकथित "सुशासन" अपने चरम पर है!"

बिहार सरकार में मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि "इस तरह की घटना में राजनीति करने की जरूरत नहीं है. ये घटना पूर्ण रूप से सामाजिक स्तर पर निपटा जाना चाहिए और प्रशासनिक स्तर पर निपटा जा रहा है."

वहीं मंत्री दिलीप जायसवाल ने कहा, "इस घटना में शामिल लोग कौन थे, उन्हें (विपक्ष) ये भी पता करना चाहिए. ये राजद मानसिकता को हमें अभी तक झेलना पड़ रहा है. उस मानसिकता को हम लोग धीरे-धीरे ठीक कर रहे हैं."

(इनपुट: आकाश राज)

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