-अमेरिका जाने के लिए हमने 17-18 पहाड़ियां पार कीं, अगर कोई फिसल जाता, तो बचना मुश्किल था.. अगर कोई घायल हो जाता, तो उसे मरने के लिए छोड़ दिया जाता. हमने रास्ते में कई डेड बॉडी देखीं.
-हाथों में हथकड़ी, पैरों में बेड़ियां, 40 घंटे तक फ्लाइट में, हथकड़ी लगे हाथों से खाना पड़ा.
-पंजाब के हरविंद्र सिंह ने 42 लाख रुपए जुटाने के लिए अपनी एकमात्र जमीन गिरवी रख दी और ऊंचे ब्याज दर पर कर्ज लिया.
इन सब कहानी में दो बात कॉमन थी. अमेरिकन ड्रीम यानी अमेरिका जानें की चाहत और दूसरा अवैध रास्ता.
दरअसल, 6 फरवरी 2025 को भारत के अमृतसर एयरपोर्ट पर अमेरिकी एयरफोर्स का विमान उतरा. जिसमें करीब 104 भारतीय सवार थे. जो अवैध तरीके से अमेरिका गए थे. इनकी वापसी से कई सवाल उठ रहे हैं.
क्यों भारत के लोग अपना मुल्क छोड़कर, जान जोखिम में डालकर अमेरिका जाना चाहते हैं? कितने भारतीय अवैध रूप से अमेरिका में हैं, और वो वहां कैसे पहुंचे? क्या सरकारें इस बात का पता लगाती हैं कि उनका कोई नागरिक दूसरे देश गया तो वो वापस अपने मुल्क आया या नहीं? और जो लोग डिपोर्ट होकर वापस आते हैं उनके साथ क्या होता है?
जनवरी 2022 में एक खबर आई थी. अमेरिका में अवैध तरीके से एंट्री करने की कोशिश के दौरान भारत के एक ही परिवार के चार लोगों की कनाडा-यूएस बॉर्डर पर ठंड से मौत हो गई.
फिर अप्रैल 2023 में एक और खबर आई कि गुजरात के मेहसाणा जिले के रहने वाले 4 लोगों की डेड बॉडी अमेरिका-कनाडा बॉर्डर पर मिली. ये लोग गैर-कानूनी तरह से नदी पार कर US में घुस रहे थे.
ठीक इसी तरह सितंबर 2024 में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक युवक अवैध रूप से लोहे की एक ऊंची दीवार को फांदकर दूसरी साइ़ड पहुंचकर खुशी का इजहार करता है, ये वीडियो US-मेक्सिको बॉर्डर का बताया गया.
अमेरिका में डोनाल्ड ट्रंप की सरकार बनने के बाद वहां रहने वाले अवैध प्रवासियों को डिपोर्ट यानी उनके देश वापस भेजा जा रहा है. इस लिस्ट में Indian illegal immigrants भी हैं.
अमेरिका की इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इन्फोर्समेंट (ICE) के मुताबिक करीब 18,000 अवैध भारतीय प्रवासी अमेरिका में हैं, जिनकी पहचान कर ली गई है.
इसी के तहत 5 फरवरी 2025 को US एयरफोर्स के C-17 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट से 104 अवैध अप्रवासियों का पहला जत्था अमृतसर पहुंचा. हालांकि ये पहली बार नहीं है जब अमेरिका ने अपने यहां अवैध तरीके से रह रहे भारतीयों को वापस भेजा है. लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग है.
एक illegal Indian immigrants की बढ़ती संख्या और दूसरा अमेरिका की मैसेजिंग
इलिगल तरीकों से अमेरिका पहुंचने वाले भारतीयों की संख्या साल दर साल बढ़ती गई है. साल 2024 में हर घंटे 10 भारतीयों ने अवैध रूप से अमेरिका में घुसने की कोशिश की.
US Customs and Border Protection (CBP) के आंकड़ों के मुताबिक, अक्टूबर 2023 और सितंबर 2024 के बीच मैक्सिको या कनाडा के रास्ते अमेरिका में घुसने की कोशिश करते हुए पकड़े गए लगभग 29 लाख लोगों में से 90,415 भारतीय थे. इन लोगों के पास अमेरिका में एंट्री के लिए वैलिड डॉक्यूमेंट्स नहीं थे.
2022-23 के दौरान करीब 96,917 भारतीयों ने बिना डॉक्यूमेंट्स के अमेरिका में घुसने की कोशिश की थी.
अमेरिका में अवैध रास्ते से घुसने के लिए एजेंट ज्यादातर दो रास्ते का सहारा लेते हैं. मैक्सिको और दूसरा कनाडा. मैक्सिको का रास्ता ज्यादा मुश्किल भरा है, शायद यही वजह है कि साल 2024 में 25,616 भारतीयों ने मेक्सिको के रास्ते अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचे, जबकि 43,764 ने कनाडा के रास्ते एंट्री की. एक तरफ -30,-35 डिग्री टेंप्रेचर तो दूसरी ओर जंगल और गर्मी के साथ डोनाल्ड ट्रंप की बनाई ऊंची दीवार.
माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट (एमपीआई) के मुताबिक अमेरिका में करीब 375,000 भारतीय अवैध तरीके से अमेरिका में रह रहे हैं, थिंकटैंक प्यू रिसर्च सेंटर के आंकड़े बताते हैं कि अनुमान के मुताबिक साल 2022 तक अमेरिका में 7 लाख से ज्यादा ऐसे भारतीय थे, जिनके पास वहां रहने के लिए वैध दस्तावेज नहीं थे. यह मेक्सिको और अल सल्वाडोर के नागरिकों के बाद तीसरी सबसे बड़ी तादाद है.
हमने पहले भी कहा था कि ये पहली बार नहीं है जब अमेरिका illegal Indian immigrants को वापस भेज रहा है. साल 2018 और 2023 के बीच इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इन्फोर्समेंट (आईसीई) ने कुल 5,477 भारतीयों को अमेरिका से डिपोर्ट किया.
2023-24 में US Department of Homeland Security ने 1,100 से ज्यादा भारतीय नागरिकों को डिपोर्ट किया. हालांकि ये 1100 भारत के किस राज्यों के रहने वाले थे, और क्यों और कैसे अमेरिका गए थे इसकी जानकारी सामने नहीं आई थी.
क्यों भारत के लोग अमेरिका जाना चाहते हैं?
UN के साथ काम कर चुके मानव सचदेवा जोकि यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की के ऑफिस में Global Goodwill Ambassador के रूप में काम करते हैं, बताते हैं,
"अमेरिकन ड्रीम के पीछे सबसे बड़ी वजह आर्थिक चुनौतियां. बेहतर सैलरी, बेहतर जिंदगी की उम्मीद, रोजगार. यही वजह है कि लोग अमेरिका जाना चाहते हैं. लेकिन अमेरिका जाने के लिए इमिग्रेशन प्रोसेस इतना मुश्किल है की लोग मजबूर होकर अवैध रास्ते चुनते हैं. अवैध रास्ते चुनने के पीछे एक अहम वजह अनस्किल्ड वर्कर के लिए लीगल इमिग्रेशन ऑपशन की कमी भी है."
बिजनेस स्टैंडर्ड में cross-border transactions and compliance Specialist, Russell A Stamets कहते हैं, "अमेरिका में lowest per capita income मिसिसिपी राज्य में $48,110 है. भारत की net national income इसका लगभग 2.4% है - लगभग $1,161 - और बिहार में प्रति व्यक्ति आय यानी per capita income सबसे कम $708 है."
भारत में गुजरात, पंजाब और हरियाणा से सबसे ज्यादा लोग अवैध तरीके से अमेरिका गए हैं.
भारत लौटने वाले अवैध प्रवासियों का क्या होता है?
यह जानने के लिए हमने रिफ्यूजीज़ और इररेगुलर इमिग्रेंट के साथ काम करने वाली एनजीओ Development and Justice Initiative (DAJI) के डायरेक्टर रवि हेमाद्रि से हमने बात की.
रवि कहते हैं,
"अवैध प्रवासी कई तरह के होते हैं, एक वो जो किसी देश में विजिटिंग वीजा या वर्किंग वीजा पर गए थे, लेकिन वीजा एक्सपायर हो गया फिर भी वहां छिपकर रुक गए. दूसरे वो जो डंकी रूट यानी कि किसी एजेंट के सहारे अवैध तरीके से किसी देश में जाते हैं. दोनों ही हालात में डिपोर्ट का रास्ता बनता है. अगर कोई अवैध तरीके से किसी देश में गया है और वो पकड़ा जाता है तो उसे डिटेंशन सेंटर भेजा जाता है, ताकि उसकी नेशनलिटी कंफर्म किया जा सके."-रवि हेमाद्रि, डायरेक्टर, डेवलपमेंट एंड जस्टिस इनिशिएटिव
यहां बता दें कि डिटेंशन सेंटर में ह्मूयन राइट्स वॉइलेशन और खराब हालात किसी से छिपी नहीं है. रवि बताते हैं कि ऐसे इलिगल इमिग्रेंट्स की पहचान के लिए एंबेसी का सहारा लिया जाता है, फिर एक प्रोसेस के तहत लोकल थाने के जरिए पहचान वेरिफाई की जाती है.
जिसके बाद इंडियन मिशन temporary travel documents देता है. तब उसे भारत डिपोर्ट किया जाता है. फिर भारत में इमिग्रेशन ऑफिसर अपने लेवल पर जांच करता है.
रवि हेमाद्रि बताते हैं कि अगर कोई अपराध करके देश से भागा है तो उसपर उस अपराध से जुड़े कानून के हिसाब से एक्शन होगा, और अगर ऐसा नहीं है तो उसे जरूरी वेरिफिकेशन के बाद छोड़ दिया जाता है. हालांकि ऐसे लोगों को दोबारा नौकरी मिलने से लेकर डॉक्यूमेंट्स बनवाना एक मुश्किल काम होता है.
यहां एक बात समझना होगा कि भारत के पासपोर्ट एक्ट के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति भारत से तब तक बाहर नहीं जा सकता जब तक कि उसके पास इससे जुड़े वैलिड पासपोर्ट या travel documents न हों. इस नियम को तोड़ने वाले को दो साल की सजा हो सकती है.
मानव सचदेवा का मानना है कि इलिगल इमिग्रेटंस को वापस भेजने के ट्रंप के इस कदम से मामूली कूटनीतिक तनाव हो सकता है, हालांकि अमेरिका के साथ भारत के रिश्ते में कोई बड़ी दरार नहीं आएगी. लेकिन दुनिया में ग्लोबल लेवल पर भारत की छवि को डेंट पहुंचा सकती है.
सवाल यही है कि जहां एक तरफ माय डियर फ्रेंड डोनाल्ड कहा जा रहा था वहां अमेरिका ने बिना शोरशराबे के दोतरफा दोस्ती क्यों नहीं दिखाई?
एयरफोर्स के विमान से illegal immigrants को वापस भारत भेजना क्या संदेश देता है? इलिगल इमिग्रेंट क्राइसिस भारत के आर्थिक और सामाजिक हालात पर भी सवाल उठाता है. रोजगार के साथ-साथ सुरक्षित वातावरण, शांति, बेहतर जीवन स्तर की कमी से आंख नहीं मूंदा जा सकता है. नहीं तो देश पूछेगा जनाब ऐसे कैसे?