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Loksabha Elections : राहुल की चुनावी रैली में आई भीड़ का नहीं ये वीडियो

यह वीडियो इस साल मार्च से ही इंटरनेट पर है, राहुल की रैली से इसका कोई संबंध नहीं

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सोशल मीडिया पर भारी भीड़ का एक वीडियो इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि यह कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) की हालिया चुनावी रैली का है. वीडियो को इस कैप्शन के साथ शेयर किया जा रहा है - "राहुल गांधी के समर्थन में यह जन सैलाब मोदी जी की रातों की नींद हराम कर देगा."

इस पोस्ट को फेसबुक और X (पूर्व में ट्विटर) पर बड़े पैमाने पर शेयर किया गया. दावा करते शेयर किया गया है. आप इसी तरह के पोस्ट के आर्काइव यहां और यहां देख सकते हैं.

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क्या ये दावे सच हैं? नहीं, ये वीडियो 2024 लोकसभा चुनाव के प्रचार के दौरान का नहीं है. वीडियो मार्च के महीने से इंटरनेट पर मौजूद है और आंध्र प्रदेश में मनाए जाने वाले एक ईसाई त्योहार का है.

हमनें सच का पता कैसे लगाया ?: हमनें वायरल वीडियो के कीफ्रेम पर Google Lens की मदद से इमेज सर्च किया. जिसनें हमें एक इंस्टाग्राम हैंडल 'hosanna_fellowship_official' पर शेयर किया गया इसी वीडियो का लंबा वर्जन मिला.

  • यह वीडियो 11 मार्च को अपलोड हुआ था और इसके कैप्शन का हिंदी अनुवाद कुछ यूं होगा, "होसन्ना मिनिस्ट्री से टैबरनेकल के 47 वें अंतर्राष्ट्रीय पर्व को सफलतापूर्वक पूरा करते हुए #glory.''

  • यहां से अंदाजा लेते हुए हमने Google पर "Hosanna Ministries" कीवर्ड्स सर्च किए. हम इस नाम के एक YouTube चैनल पर पहुंचे.

  • चैनल की पड़ताल हुए हमें एक वीडियो मिला, जिसका टाइटल था, "होसन्ना मिनिस्ट्रीज के 47वें पर्व की झलकियां.''

  • इस वीडियो में वायरल वीडियो से मिलते हुए सीन ही दिख रहे हैं. वीडियो की लोकेशन आंध्र प्रदेश के एक गांव गोरंट्ल बताई गई है.

दोनों वीडियोज की तुलना: टीम वेबकूफ ने वायरल वीडियो के कीफ्रेम की तुलना Youtube वीडियो के एक फ्रेम से की, तो साफ हो रहा है कि दोनों वीडियो एक ही उत्सव के हैं.

एक वार्षिक उत्सव: द हिंदू की रिपोर्ट के मुताबिक, इस वार्षिक उस्तव को मनाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु इकट्ठा होते हैं. इसे गोरंट्ल में 'गुदराला पांडुगा' के नाम से भी जाना जाता है.

  • ये तीन दिनों का कार्यक्रम होसन्ना मिनिस्ट्रीज की तरफ से आयोजित किया जाता है, जो मानते हैं कि त्योहार की शुरुआत बाइबिल के प्राचीन नियमों के मुताबिक हुई है.

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निष्कर्ष: साफ है कि वीडियो कांग्रेस नेता राहुल गांधी की रैली का नहीं, एक धार्मिक आयोजन का है.

(एक पोस्ट या जानकारी के बारे में आश्वस्त नहीं हैं जो आप ऑनलाइन आए थे और इसे सत्यापित करना चाहते हैं? विवरण हमें WhatsApp पर 9540511818 पर भेजें या webqoof@thequint.com पर हमें ईमेल करें और हम आपके लिए इसका तथ्य-जाँच करेंगे. आप हमारी सभी तथ्य-जांची गई कहानियों को यहां भी पढ़ सकते हैं

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