ADVERTISEMENTREMOVE AD

MP: भोजशाला में एक साथ होगी पूजा और नमाज, सुप्रीम कोर्ट ने तय की टाइमिंग

सुप्रीम कोर्ट ने भोजशाला-कमाल मौला स्थल पर बसंत पंचमी पर पूजा और नमाज की अनुमति दी.

story-hero-img
i
Aa
Aa
Small
Aa
Medium
Aa
Large

मध्य प्रदेश के धार जिले स्थित विवादित भोजशाला-कमाल मौला स्थल पर 23 जनवरी 2026 को बसंत पंचमी के अवसर पर हिंदू समुदाय को सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा करने और मुस्लिम समुदाय को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक नमाज अदा करने की अनुमति दी गई है. सुप्रीम कोर्ट ने दोनों समुदायों को निर्धारित समय में धार्मिक अनुष्ठान शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए प्रशासन को निर्देशित किया है. सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है.

Live Law के अनुसार, सुप्रीम कोर्ट की पीठ ने स्पष्ट किया कि हिंदू समुदाय बसंत पंचमी के दिन सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा और हवन कर सकता है, जबकि मुस्लिम समुदाय को दोपहर 1 बजे से 3 बजे तक जुम्मा नमाज के लिए अलग क्षेत्र उपलब्ध कराया जाएगा. कोर्ट ने दोनों पक्षों से आपसी सम्मान और प्रशासन के साथ सहयोग की अपील की.

Deccan Herald की रिपोर्ट के मुताबिक, जिला प्रशासन को निर्देश दिया गया है कि नमाज के लिए आने वाले मुस्लिम समुदाय के लोगों की सूची पहले से प्राप्त कर ली जाए और उनके लिए पास जारी किए जाएं. कोर्ट ने यह भी दोहराया कि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए प्रशासन को सतर्क रहना होगा.

The Hindu ने बताया, भोजशाला एक 11वीं सदी का पुरातात्विक स्थल है, जिसे हिंदू समुदाय मां सरस्वती का मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम समुदाय इसे कमाल मौला मस्जिद के रूप में देखता है. 2003 के एएसआई आदेश के अनुसार, मंगलवार को हिंदू पूजा और शुक्रवार को मुस्लिम नमाज की अनुमति है.

Hindustan Times ने एक लेख में कहा, सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासन को निर्देशित किया कि दोनों समुदायों के धार्मिक कार्यक्रमों के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएं. कोर्ट ने दोनों पक्षों से संयम और सहयोग की अपील की.

इस रिपोर्ट में उल्लेख है, सुरक्षा के मद्देनज़र धार जिले में लगभग 8,000 पुलिसकर्मी, सीआरपीएफ और रैपिड एक्शन फोर्स के जवान तैनात किए गए हैं. ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से निगरानी की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके.

स्थानीय प्रशासन ने भोजशाला परिसर को पांच से छह सेक्टरों में बांटकर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है जैसा कि इस रिपोर्ट में उल्लेख है. हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों ने प्रशासन से अपने-अपने धार्मिक अनुष्ठानों के लिए पूर्व अनुमति मांगी थी.

हिंदू और मुस्लिम संगठनों ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश का स्वागत किया है और प्रशासन के साथ सहयोग का आश्वासन दिया है जैसा कि इस रिपोर्ट में उल्लेख है.

ADVERTISEMENTREMOVE AD

Note: This article is produced using AI-assisted tools and is based on publicly available information. It has been reviewed by The Quint's editorial team before publishing.

Speaking truth to power requires allies like you.
Become a Member
Monthly
6-Monthly
Annual
Check Member Benefits
×
×