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पर्सीवरेंस रोवर का नहीं है वायरल हो रहा ये वीडियो, झूठा दावा

वायरल वीडियो में दिख रही फुटेज पर्सीवरेंस रोवर की नहीं, बल्कि क्यूरियोसिटी रोवर की है

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नासा के क्यूरियोसिटी मार्स रोवर का एक वीडियो वायरल हो रहा है. इसे इस दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि यह नासा के पर्सीवरेंस रोवर का वीडियो है, जो 18 फरवरी को मंगल ग्रह की जमीन पर लैंड हुआ है. लेकिन इस वीडियो में हेरफेर किया गया है और ऑडियो भी सुनाई दे रहा है.

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दावा

बीजेपी सांसद राजीव चंद्रशेखर ने इस वीडियो को कोट ट्वीट करते हुए लिखा, “Amazing @NASAPersevere.” इस वीडियो को 25 मिलियन से भी ज्यादा व्यू मिल चुके हैं.

इस वायरल वीडियो को फेसबुक और ट्विटर पर कुछ लोगों ने इस दावे के साथ शेयर किया है कि इस वीडियो में सुनाई देने वाला ऑडियो 'लाल ग्रह पर रिकॉर्ड किया गया पहला ऑडियो है.'

पड़ताल में हमने क्या पाया

जब हमने राजीव चंद्रशेखर के ट्वीट पर आए जवाबों को ध्यान से देखा. हमने पाया कि एक यूजर ने जवाब देते हुए लिखा है कि ये नासा के क्यूरियोसिटी रोवर का एक पुराना फुटेज है.

हमने जब इस वीडियो पर रिवर्स इमेज सर्च किया तो हमें नासा की 4 मार्च 2020 को प्रकाशित एक रिपोर्ट मिली. इस रिपोर्ट में मंगल ग्रह की सतह की एक बेहतरीन रिजॉल्यूशन वाली पैनोरमा फोटो थी जिसे क्यूरियोसिटी रोवर ने लिया था.

इस रिपोर्ट में एक वीडियो भी है. इस वीडियो में मंगल ग्रह के पैनारामा विजुअल्स दिख रहे हैं. इसमें नासा के क्यूरियोसिटी प्रोजेक्ट से जुड़े वैज्ञानिक अश्विन मंगल ग्रह की सतह के बारे में बताते हुए सुने जा सकते हैं.

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वायरल हो रहे वीडियो और क्यूरियोसिटी रोवर से जुड़े वीडियो में हैं समानताएं

मार्च 2020 को रिलीज किए गए वीडियो और वायरल हो रहे वीडियो का मिलान करने पर हमने पाया कि दोनों में कई समानताएं हैं.

वायरल वीडियो के आखिर में इंग्लिश में ‘क्यूरियोसिटी' लिखा हुआ देखा जा सकता है. यही शब्द क्यूरियोसिटी पैनोरामा वाले वीडियो के आखिर में भी देखा जा सकता है.

इसके अलावा, नासा के पर्सीवरेंस रोवर ने 18 फरवरी को मंगल पर सफल लैंडिंग के एक दिन बाद मंगल की कुछ तस्वीरें भेजीं. इनमें हाई-रिजॉल्यूशन की एक रंगीन सेल्फी भी थी.

फोटो में देखा जा सकता है कि पर्सीवरेंस रोवर के आकार और वायरल हो रहे वीडियो के आकार में काफी फर्क है.

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ऑडियो

वायरल हो रहे वीडियो में सुनाई देने वाला ऑडियो पर्सीवरेंस रोवर का नहीं है क्योंकि नासा ने अभी तक इस रोवर की रिकॉर्ड की गई किसी भी तरह की आवाज को रिलीज नहीं किया है.

नासा की एक रिपोर्ट के मुताबिक यह रोवर सिर्फ तस्वीरें और पत्थरों के नमूने ही नहीं बल्कि मंगल ग्रह पर कुछ आवाजें भी रिकॉर्ड कर सकता है.

इस रिपोर्ट में लिखा है कि रोवर में एक जोड़ी माइक्रोफोन लगे हुए हैं. अगर सब कुछ योजना के मुताबिक होता है तो मंगल में पहुंचने और लैंडिंग करने का ऐतिहासिक ऑडियो मिल जाएगा. इसके अलावा काम करते हुए रोवर की अवाज और हवा की आवाज के साथ दूसरी आवाजें भी मिल जाएंगी.

इसके अलावा हमें भूकंप विज्ञानी साइमन का भी एक ट्वीट मिला. इस ट्वीट में दावा किया गया था कि वायरल वीडियो में सुनाई दे रही आवाज नासा के इनसाइट साइज्मोमीटर की है.

नासा की ओर से साल 2019 में एक रिपोर्ट पब्लिश की गई थी जिसका शीर्षक था: ''नासा के इनसाइट लैंडर ने मंगल ग्रह पर पहली बार भूकंप का ऑडियो रिकॉर्ड किया.''

इस रिपोर्ट में एक ऑडियो फाइल भी शामिल है जिसमें पहली बार रिकॉर्ड की गई ''कांपती हुई आवाज सुनाई देती है जो सतह के ऊपर हवा जैसी किसी और वजह से नहीं बल्कि जमीन के अंदर से आती हुई मालूम पड़ती है.

हालांकि, हम इस दावे को स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं कर पाए हैं कि वायरल वीडियो में सुना गया ऑडियो वास्तव में ऐसा है जो नासा ने साल 2019 में जारी किया था.

मतलब साफ है कि नासा के क्यूरियोसिटी रोवर के कैप्चर किए गए वीडियो के साथ हेरफेर करके इस झूठे दावे के साथ शेयर किया जा रहा है कि यह वीडियो पर्सीवरेंस रोवर का है.

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