सोशल मीडिया पर भीड़ का एक वीडियो वायरल है, दावा किया जा रहा है कि ये इजरायल में नेतन्याहू के खिलाफ हुआ प्रदर्शन है.
सच ? : वायरल वीडियो ईरान पर इजरायल-अमेरिका के संयुक्त हमले से पहले से ही इंटरनेट पर मौजूद है.
हमने ये सच कैसे पता लगाया ? : वायरल वीडियो को हमने की-फ्रेम में बांटकर गूगल लेंस के जरिए रिवर्स सर्च किया.
हमें 28 जनवरी का एक इंस्टाग्राम पोस्ट मिला. इसमें वीडियो को शेयर करते हुए बताया गया था कि वीडियो ईरान के मशहद शहर में हुए प्रदर्शन का है. जहां प्रदर्शनकारियों पर ईरान के सेना बलों ने गोलियां चलाई थीं.
हमें सीएनएन, बीबीसी, जैसे कई इंटरनेशनल न्यूज प्लेटफॉर्म्स पर 28 जनवरी के आसपास ही ईरान में हुए प्रदर्शनों से जुड़ी रिपोर्ट्स मिलीं. यहां से जानकारी मिली कि,
ईरान में जारी विरोध प्रदर्शन में कई जगहों पर हालात हिंसक हो गए थे. तेहरान और मशहद में प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें हुईं. ये विरोध पहले आर्थिक मुद्दों—महंगाई और बेरोजगारी से शुरू हुए थे, लेकिन बाद में सरकार विरोधी नारों तक पहुंच गए. सरकार ने इन्हें दबाने के लिए बल प्रयोग, बड़े पैमाने पर गिरफ्तारियां और इंटरनेट पाबंदियां लागू कीं, जिससे स्थिति काफी तनावपूर्ण बनी रही.
रिपोर्ट्स में वायरल वीडियो से मिलती - जुलते विजुअल थे. पर ऐसी कोई तस्वीर हमें नहीं मिल सकी जो वायरल वीडियो से सटीक तौर पर मेल खाती हो.
X अकाउंट Iran Human Rights (IHRNGO) पर भी वीडियो को ईरान में हुए प्रदर्शन का बताकर 30 जनवरी 2026 को शेयर किया गया था.
हम ये पुष्टि नहीं कर सके कि वीडियो असल में ईरान का है या नहीं. पर ये स्पष्ट है कि वीडियो जिस दावे से शेयर हो रहा है वो सच नहीं.
ईरान पर हालिया बड़े हमले की शुरुआत 28 फरवरी 2026 को हुई. इस दिन अमेरिका और इजराइल ने कई जगहों पर एयरस्ट्राइक की, जिसके बाद संघर्ष तेजी से बढ़ गया. जाहिर है वीडियो इससे पहले से ही इंटरनेट पर मौजूद है, तो इसका हालिया युद्ध से कोई संबंध नहीं.
निष्कर्ष : पुराना वीडियो इजरायल में नेतन्याहू के खिलाफ हुए हालिया प्रदर्शन का बताकर शेयर किया जा रहा है.
(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)
