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10 हजार कैश और 10 लाख के ट्रांजेक्शन पर 85% टैक्स का दावा फेक है

दावा किया जा रहा है कि 1 तारीख से 10 लाख से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर 85% टैक्स लगेगा

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सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट में ये दावा किया जा रहा है कि 1 तारीख से भारत शरकार नए टैक्स नियम ला रही है. इसके तहत 10 हजार रुपए कैश मिलने पर 85% टैक्स वसूल लिया जाएगा. वहीं 10 लाख रुपए से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर भी 85% टैक्स वसूला जाएगा.

वायरल पोस्ट में लोगों से अपील की गई है कि बैंक में अपने पैसे रखना बंद करें

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क्या ये सच है ? : नहीं, भारत सरकार ने टैक्स के ऐसे कोई नियम लागू नहीं किए हैं.

इनकम टैक्स एक्ट में ऐसा कोई नियम नहीं है जो यह कहता हो कि घर में 10,000 रुपये या उससे अधिक कैश रखना अपने आप में गैरकानूनी है.

हमने ये सच कैसे पता लगाया ? : सबसे पहले हमने आयकर विभाग के आधिकारिक दस्तावेज चेक किए, जिससे पता चल सके कि 10,000 रुपए से अधिक कैश रखने को लेकर ऐसा कोई खास नियम है या नहीं.

10 हजार से ज्यादा कैश रखना गैर कानूनी? 

  • सरकारी नियमों के मुताबिक, कोई भी व्यक्ति अपने घर में कितनी भी राशि का कैश रख सकता है, बशर्ते वह जरूरत पड़ने पर यह पता सके कि वो पैसा उसके पास कहां से आया. टैक्स कानून में कहीं भी यह नहीं लिखा है कि घर में कैश रखने की कोई तय सीमा है.

  • हालांकि, अगर किसी जांच या रेड के दौरान टैक्स अधिकारी को ऐसा कैश मिलता है जिसका स्रोत व्यक्ति नहीं बता पाता, तो उसे ‘अघोषित आय’ (Unexplained Income) माना जा सकता है.

  • ऐसे मामलों में इनकम टैक्स एक्ट की धारा 68, 69, 69A के तहत उस रकम को आय में जोड़कर टैक्स लगाया जाता है और फिर उस पर भारी टैक्स व जुर्माना भी लगाया जा सकता है.

  • 84% आंकड़ा इनकम टैक्स एक्ट की अलग-अलग धाराओं — धारा 115BBE, सरचार्ज, सेस और जुर्माने — को मिलाकर निकलता है. यह दर तभी लागू होती है जब टैक्स अधिकारी उस कैश को बिना स्रोत की अघोषित आय मान लेते हैं. सिर्फ घर में कैश मिलने से यह टैक्स अपने आप नहीं लग जाता. यह कार्रवाई तभी होती है जब व्यक्ति यह ना बता पाए कि ये कैश उसके पास कहां से आया.

10 लाख से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर जुर्माना ?

बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों को कुछ बड़े ट्रांजेक्शन की जानकारी इनकम टैक्स विभाग को स्टेटमेंट ऑफ फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन (SFT) के तहत देनी होती है, ताकि विभाग ऐसे मामलों पर नजर रख सके. यह प्रक्रिया केवल सूचना देने के लिए होती है, न कि टैक्स वसूलने के लिए.

इनकम टैक्स एक्ट में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है, जिसके तहत सिर्फ ₹10 लाख से ज्यादा का लेन-देन होने पर अपने आप टैक्स लगा दिया जाए.

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10 लाख से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर 85% टैक्स के दावे को केंद्र सरकार की न्यूज एजेंसी PIB ने भी फेक बताया है.

निष्कर्ष : सोशल मीडिया पर किया जा रहा ये दावा सच नहीं है कि 1 तारीख से 10 हजार कैश रखने या 10 लाख से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर 85% टैक्स लगेगा.

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(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर  9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)

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