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फ्रांस में सावरकर का स्माकर होने के दावे से वायरल हो रही फोटो असली नहीं

फ्रांस में सावरकर की मूर्ति स्थापित करने की मांगें उठती रही हैं, पर अब तक ऐसी कोई मूर्ति नहीं बनी है.

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सोशल मीडिया पर एक भव्य मूर्ति की फोटो वायरल है. दावा किया जा रहा है कि ये मूर्ति हिंदू महासभा के शीर्ष नेता दिवंगत विनायक दामोदर सावरकर की है. कुछ यूजर्स ने ये भी दावा किया कि सावरकर की ये मूर्ति फ्रान्स में है.

जितेंद्र प्रताप सिंह नाम के X प्रिमियम यूजर ने तस्वीर को इसी दावे से शेयर किया. अपने X बायो में इस शख्स ने दावा किया है कि इन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फॉलो करते हैं. यही दावा करते अन्य पोस्ट के अर्काइव यहां और यहां देखें.

क्या ये सच है ? : वायरल फोटो असली नहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से बनाई गई है.

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हमने ये सच कैसे पता लगाया ? : हमने सबसे पहले फ्रान्स के मार्सेलीस में स्थित सावरकर की ऐसी किसी मूर्ति के होने की पुष्टि करना शुरू की.

हमें दक्षिणपंथी संगठनों की तरफ से चलाए जा रहे ऐसे कैंपेन की जानकारी मिली, जिसमें फ्रांस में सावरकर की मूर्ति स्थापित किए जाने की मांग हो रही है.

  • इंडिया टुडे की दिसंबर 2022 की रिपोर्ट के मुताबिक, तत्कालीन महाराष्ट्र सरकार ने फ्रांस के मार्सेय (Marseille) शहर में विनायक दामोदर सावरकर की याद में एक स्मारक बनाने की पहल की थी. यह स्मारक सावरकर के 1910 में किए गए उस प्रयास की याद में प्रस्तावित था, जब वे ब्रिटिश पुलिस की हिरासत से बचकर जहाज से समुद्र में कूद गए थे और तैरकर फ्रांस के तट तक पहुंच गए थे.

  • महाराष्ट्र विधानसभा के तत्कालीन अध्यक्ष राहुल नार्वेकर ने इस परियोजना का प्रस्ताव पेश किया और कहा कि यह घटना भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाली थी.

  • फरवरी 2025 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अपने फ्रांस दौरे के दौरान विनायक दामोदर सावरकर का जिक्र किया था.

हालांकि, हमारी पड़ताल में ऐसी कोई पुष्टि नहीं हुई कि इस रिपोर्ट को लिखे जाने तक सावरकर की मूर्ति फ्रांस में स्थापित हुई है या इसे स्थापित करने की अनुमति मिली है.

पड़ताल में आगे हमने वायरल हो रही फोटो के सही होने की जांच करनी शुरू की. हमने AI पहचानने वाले टूल Hive Moderation पर इस फोटो को चेक किया.

इस टूल के नतीजों में सामने आया कि तस्वीर के AI से बने होने की संभावना 92,9% है.

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निष्कर्ष : AI से बनी तस्वीर को सोशल मीडिया पर असली बताकर इस गलत दावे से शेयर किया जा रहा है कि सावरकर की ये मूर्ति फ्रांस में है.

(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर  9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)

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