25 जुलाई को पूर्व सिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद कॉकरोच जनता पार्टी के नेतृत्व में जंतर-मंतर पर चल रहा प्रदर्शन खत्म हो चुका है. सोशल मीडिया पर अब भी प्रदर्शन से जुड़ी अफवाहों का सिलसिला जारी है. एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें बाइक रैली के रूप में बड़ी संख्या में लोगों को गाड़ियों पर नीले झंडे लगाकर जाते हुए देखा जा सकता है.
दावा: इस पोस्ट को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को उनकी भूख हड़ताल के 21वें दिन डिटेन किए जाने के बाद, दिल्ली में बड़ी संख्या में लोग जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे हैं.
क्या यह दावा सही है ? नहीं, यह दावा सही नहीं है.
यह वीडियो सोनम वांगचुक को डिटेन किए जाने से पहले से इंटरनेट पर मौजूद है.
वायरल वीडियो दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचते लोगों का नहीं है ना ही इसका सोनम वांगचुक को हिरासत में लिए जाने से कोई संबंध है.
हमने सच का पता कैसे लगाया ? हमने वायरल वीडियो पर गूगल लेंस की मदद से इमेज सर्च ऑप्शन का इस्तेमाल किया. हमारी सर्च में हमें यही वीडियो एक यूट्यूब चैनल पर दिखाई दिया जिसे 16 जुलाई 2026 को अपलोड किया गया था.
इस वीडियो पर '@SANDEEP MAHI' लिखा हुआ एक वॉटरमार्क था जो किसी इंस्टाग्राम यूजर का प्रतीत होता था, हमने यहां से अंदाजा लेकर यह इंस्टाग्राम अकाउंट चेक किया.
हमारी सर्च में हमें संदीप नाम के यूजर के इंस्टाग्राम अकाउंट पर वायरल वीडियो मिल गई जिसे 16 जुलाई 2026 को अपलोड किया गया था.
हमारी सर्च में हमने पाया कि इस वीडियो को इससे पहले भी 17 अप्रैल 2026 को इस अकाउंट से अपलोड किया गया था.
इस अकाउंट की पड़ताल करने पर हमने पाया कि वायरल वीडियो और इससे मेल खाते हुए अन्य वीडियो को अलग-अलग तारीखों पर अपलोड किया गया है.
क्लाइमेट एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को दिल्ली पुलिस जबरदस्ती जंतर-मंतर से 18 जुलाई, 2026 की सुबह सफदरजंग अस्पताल ले गई थी, इसके साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी ने अपना पहला प्रदर्शन 06 जून 2026 को किया था.
जबकि यह वीडियो उससे पहले से 17 अप्रैल 2026 से इंटरनेट पर मौजदू है, जिससे यह साफ होता है कि इस वीडियो का जंतर-मंतर पर चल रहे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन से कोई संबंध नहीं है.
हालांकि हम स्वतंत्र रूप से इसकी पुष्टि नहीं कर पाए कि यह वायरल वीडियो किस आयोजन या कार्यक्रम का है लेकिन हमारी पड़ताल में यह साफ है कि यह वीडियो एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक को जंतर-मंतर से जबरन उठाने से पहले से इंटरनेट पर मौजूद है इसलिए इस वीडियो का उस घटना से कोई संबंध नहीं है. यह वीडियो CJP के जंतर-मंतर पर जारी धरने से पहले से इंटरनेट पर मौजूद है.
निष्कर्ष: नीले झंडे लेकर बाइक रैली के पुराने वीडियो को CJP प्रोटेस्ट और सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल से जोड़कर भ्रामक दावों के साथ शेयर किया जा रहा है.
