पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के दूसरे चरण के बीच तृणमूल कांग्रेस की नेता सायनी घोष के दो वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे हैं.
एक क्लिप में उन्हें हनुमान चालीसा पढ़ते हुए सुना जा सकता है. दूसरी क्लिप में सायनी घोष को "मेरे दिल में है काबा" (जिसमें इस्लामी संदर्भ हैं) बोल वाला एक गाना गाते हुए सुना जा सकता है.
वीडियो शेयर करने वालों ने दावा किया कि वोटिंग के पहले चरण के दौरान सायनी घोष ने अपने चुनाव प्रचार में इस्लाम से जुड़े गाने गाए थे.
इस पोस्ट में आगे आरोप लगाया गया कि "93 प्रतिशत वोटिंग" के बाद, उन्होंने दूसरे चरण में हिंदू वोटरों को लुभाने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ किया.
क्या यह दावा सही है ? नहीं, यह दावा गुमराह करने वाला है. ये दोनों क्लिप अलग-अलग राज्यों की हैं; एक असम की है, जबकि दूसरी पश्चिम बंगाल की.
इसके अलावा जिस क्लिप में वह हनुमान चालीसा का पाठ कर रही हैं, उसमें घोष ने अन्य धर्मों की प्रार्थनाओं का भी जिक्र किया है और खुद को सिर्फ हिंदू श्लोकों तक ही सीमित नहीं रखा है.
हमें क्या मिला: WebQoof टीम ने दोनों वीडियो को अलग-अलग चेक किया जिसमें हमें ये बातें पता चलीं.
क्लिप 1: इस क्लिप को लेकर दावा है कि पश्चिम बंगाल में चुनावों के पहले चरण के दौरान सायनी घोष ने एक ऐसा गाना गाया था जिसमें इस्लामिक संदर्भ थे.
हमने इस क्लिप को कई स्क्रीनशॉट में बांटा और उनमें से कुछ पर Google रिवर्स इमेज सर्च का इस्तेमाल किया. जिसमें हमें 4 अप्रैल का एक Facebook वीडियो मिला.
इस वीडियो में सायनी घोष ने वही कपड़े पहने थे और वे वायरल वीडियो में नजर आ रही जगह पर खड़ी थीं; बैकग्राउंड और पोस्टर भी वायरल क्लिप में नजर आ रहे बैकग्राउंड और पोस्टरों से मेल खा रहे थे.
वीडियो के कैप्शन में लिखा था, "तृणमूल कांग्रेस पार्टी _ सायनी घोष _ लाइव प्रोग्राम में _ बारपेटा जानिया असम"
Google Translate की मदद से, हमने पोस्टर पर लिखे शब्दों का अनुवाद किया, जिनका मोटा-मोटा मतलब था—"जानिया हाई स्कूल."
इसके बाद Team WebQoof ने कुछ संबंधित कीवर्ड सर्च किए और हमें Instagram पर घोष का एक वीडियो मिला, जिसमें वह अपनी कार से भीड़ की ओर हाथ हिला रही थीं; यह वीडियो 5 अप्रैल को अपलोड किया गया था.
वीडियो पर लिखे टेक्स्ट में कहा गया था, "सयोनी घोष असम के जानिया प्लेग्राउंड में @ShermaAliAhmed के साथ."
सायनी घोष का पहनावा वायरल क्लिप में दिख रहे पहनावे जैसा ही था.
हमने “शेरमा अली अहमद असम” सर्च किया और पाया कि ‘MyNeta’ के मुताबिक वे बरपेटा की मांडिया सीट से TMC के उम्मीदवार हैं.
हमने शेरमन अली अहमद को सर्च किया और हमारी सर्च में हमें उनका फेसबुक पेज मिला जहां उन्होंने 5 अप्रैल को सायनी घोष की "मेरे दिल में है काबा" गाते हुए यह क्लिप शेयर की थी.
क्लिप 2: दूसरी क्लिप को लेकर दावा किया गया है कि पश्चिम बंगाल चुनावों के पहले चरण में 93 प्रतिशत वोटिंग होने के बाद सायनी घोष ने हनुमान चालीसा पढ़ा था.
Team WebQoof ने सायनी घोष के सोशल मीडिया पेज सर्च किया और हमें इसमें वही वायरल क्लिप मिली, जिसका कैप्शन था, "हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई आपस में रहेंगे भाई-भाई #BhawaniporeForDidi! #JoyBangla." (sic.)
भवानीपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए सायनी घोष ने इस इलाके को "मिनी इंडिया" बताया था.
उन्होंने कहा कि यहां अलग-अलग धर्मों और जीवन के अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े लोग रहते हैं, और फिर उन्होंने कई धर्मों की प्रार्थनाएं पढ़ीं थी.
उन्होंने कहा कि यहां एक जगह कहा जाता है, "रूपम देहि जयम देहि यशो देहि द्विशो जही, या देवी सर्वभूतेषु शक्ति-रूपेण", वहीं दूसरी जगह "ला इलाहा इल्लल्लाह मुहम्मदुर रसूलुल्लाह." गूंजता है, सायनी घोष ने कहा कि तीसरी पंक्ति यह प्रार्थना करती है, "जय हनुमान ज्ञान गुण सागर जय कपीश..." (जैसा कि वायरल वीडियो में सुना गया), जबकि कुछ अन्य लोगों ने यह प्रार्थना की है, "इक ओंकार सतनाम."
उन्होंने भारतीय जनता पार्टी (BJP) की आलोचना करते हुए अपनी बात खत्म की और कहा कि "यह" बंगाल है और इस पर BJP का शासन नहीं होना चाहिए.
निष्कर्ष: वायरल वीडियो को इस तरह से काटा-छांटा गया है कि यह भ्रामक हो जाता है और इसके साथ यह झूठा दावा किया गया कि सायनी घोष ने पश्चिम बंगाल में चुनावों के दूसरे चरण के दौरान हिंदू मतदाताओं को खुश करने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ किया था.
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