ADVERTISEMENTREMOVE AD

होली के बाद रंग लगे नोट नहीं बदलेंगे बैंक? क्या कहता है RBI

WhatsApp पर रंग लगे 2000 रुपए के नोट को लेकर मैसेज आया क्या?

Published: 
story-hero-img
i
Aa
Aa
Small
Aa
Medium
Aa
Large

"अगर आप होली के रंग में रंगने के लिए तैयार हैं तो ध्यान रहे कि होली खेलते वक्त पॉकेट में 500 या 2000 रुपये के नोट नहीं हों, क्योंकि 500 और 2,000 रुपये का रंग लगा नोट बेकार हो जाएगा और ऐसे नोट को बैंक बिल्कुल स्वीकार नहीं करेंगे. आरबीआई की गाइडलाइन है." होली के दौरान ऐसे ही मैसेज whatsapp की गलियों में तैरने लगते हैं. लोग सोशल मीडिया पर इस तरह की बातें शेयर करने में जुट जाते हैं. कुछ दुकानदार रंग लगे नोट लेने से इंकार कर देते हैं.

लेकिन सवाल ये है कि क्या सच में ऐसा है. क्या सच में आरबीआई ने ऐसी कोई गाइडलाइन निकाली है? तो जवाब है नहीं. बिलकुल नहीं. लेकिन नोट को लेकर आरबीआई ने 2017 में एक गाइड लाइन जरूर निकाली थी, जिसे जानना जरूरी है.

ये भी पढ़ें- RBI ने कहा था,नोटबंदी का ब्लैक मनी पर नहीं होगा खास असर: RTI

ADVERTISEMENTREMOVE AD

रंग लगे नोटों के बारे में क्या कहती है आरबीआई की गाइडलाइन

दरअसल, होली के बाद अक्सर दुकानदार या खुद आप रंग लगे नोट लेने से बचते हैं, क्योंकि रंग लगे नोट में असली और नकली का फर्क कर पाना मुश्किल हो जाता है. लेकिन अगर आपके पास भी रंग लगा हुआ नोट है या फिर कोई नोट फट गया है, तो आप इन नोटों को आसानी से बैंक में जाकर बदलवा सकते हैं. कोई भी बैंक इन नोटों को बदलने से इनकार नहीं कर सकता है.

भारतीय रिजर्व बैंक ने 3 जुलाई 2017 में को एक नोटिफिकेशन जारी किया था. यह नोटिफिकेशन उन नोटों के लिए हैं जो कट-फट गए हैं, रंग फीके पड़ गए हैं या फिर रंग लगे हुए हैं.

किन नोटों को नहीं बदलेंगे बैंक?

  • नोटिफिकेशन के मुताबिक, अगर किसी भी नोट पर एक सिरे से दूसरे सिरे पर कोई राजनीतिक नारा या संदेश लिखा हो, तो वह नोट लीगल टेंडर नहीं रह जाती है. भारतीय रिजर्व बैंक (नोट वापसी) नियमावली 2009 के तहत ऐसे नोटों को निरस्त कर दिया जाएगा. कोई भी बैंक ये नोट नहीं लेगा. ये पूरी तरह से रद्दी बन जाएंगे.
  • इसके अलावा बैंक ऐसे किसी भी नोट को स्वीकार नहीं करेगा जो जानबूझकर फाड़ा गया हो. आरबीआई कहता है कि वैसे तो जानबूझकर फाड़े गए नोटों की पहचान करना मुश्किल है, लेकिन अगर फटे नोटों को ध्यान से देखा जाए, तो पता चल सकता है.

कहां से शुरू हुआ विवाद

दरअसल, साल 2013 में आरबीआई ने एक नोटिफिकेशन जारी किया गया था, जिसमें लोगों और बैंक से अपील की गई थी कि किसी भी नोट पर कुछ भी ना लिखें. ये नोटिफिकेशन आरबीआई ने क्लीन नोट या कहें स्वच्छ नोट पॉलिसी को देखते हुए लोगों को हिदायत के तौर पर निकाली थी.

अब इन सब बात का मतलब ये नहीं है कि आप होली में जानबूझकर अपने नोटों को भीगने दे या उस पर रंग लगाएं.

ये भी पढ़ें- RBI जारी करेगा 20 रुपये का नया नोट,जानिए डिजाइन में क्या होगा नया?

Speaking truth to power requires allies like you.
Become a Member
Monthly
6-Monthly
Annual
Check Member Benefits
×
×