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NDTV में अडानी की हिस्सेदारी से जोड़कर वायरल हो रहा रवीश का 5 साल पुराना वीडियो

वीडियो शेयर कर दावा किया गया कि NDTV में Adani के हिस्सेदारी खरीदने पर दर्द बयां करते रवीश कुमार का है ये वीडियो.

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हाल में ही अडानी ग्रुप (Adani Group) ने NDTV में 29.18 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीदी है. ऐसे में रवीश कुमार का स्टेज में बोलते एक वीडियो यूट्यूब और सोशल मीडिया पर इस दावे से शेयर किया जा रहा है कि NDTV बिक जाने के बाद रवीश कुमार का दर्द छलका है.

करीब 9 मिनट 42 सेकेंड के इस वीडियो की शुरुआत में रवीश कुमार बोलते नजर आ रहे हैं कि 'अब तो सुनने में आया है कि मुझे ही चलता करने का इंतजाम कर लिया गया है और WhatsApp पर शेयर हो रहा है कि मैं बरखा मैम से नौकरी मांग रहा हूं.''

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हालांकि, जब हमने पड़ताल की तो पाया कि वायरल वीडियो का NDTV ग्रुप की हिस्सेदारी बिकने से कोई संबंध नहीं है. असल में ये वीडियो 2017 का है. तब रवीश कुमार ने मंथन संवाद नाम के एक प्रोग्राम में देश, देश के हालात, मीडिया और बाकी तमाम समकालीन मुद्दों पर बोला था.

दावा

गांव Mohalla नाम के एक यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए रवीश कुमार के इस वीडियो का टाइटल है, ''NDTV बिक जाने के बाद सुनिए क्या बोले Ravish Kumar । छलका दर्द, फूटा गुस्सा''

स्टोरी लिखते समय तक 29 अगस्त 2022 को अपलोड किए गए इस वीडियो को 3 लाख 85 हजार से भी ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं.

इस वीडियो को फेसबुक और ट्विटर पर भी इसी दावे से शेयर किया जा रहा है. इनमें से कुछ के आर्काइव आप यहां, यहां और यहां देख सकते हैं.

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पड़ताल में हमने क्या पाया

वीडियो के बैकग्राउंड में दिख रही स्क्रीन में ‘Dr. Reddy’s presents MANTHAN samvaad’ लिखा दिख रहा है. यहां से क्लू लेकर हमने इसे ही कीवर्ड की तरह इस्तेमाल कर रवीश कुमार के नाम के साथ गूगल पर सर्च किया.

हमें Manthan India नाम के एक यूट्यूब चैनल पर 8 अक्टूबर 2017 को अपलोड किया गया वीडियो मिला.

1 घंटे 16 मिनट और 20 सेकेंड के इस वीडियो के 35 मिनट 49वें सेकेंड में वायरल वीडियो का शुरुआती हिस्सा देखा जा सकता है.

वहीं वायरल वीडियो का वो हिस्सा जहां रवीश कुमार कहते दिख रहे हैं कि 'देश को अपनी आंखों से देखिए' करीब 3 मिनट के पास आता है. इस हिस्से को Manthan India पर अपलोड वीडियो के 33 मिनट 24वें सेकेंड के पास से सुना जा सकता है.

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इसके अलावा, वायरल वीडियो के जिस हिस्से में रवीश कुमार कॉर्पोरेट सेक्टर के डर की बात करते नजर आ रहे हैं, वो 3 मिनट 18 वें सेकेंड में देखा जा सकता है. वहीं इस हिस्से को ओरिजिनल वीडियो के 34वें मिनट के बाद देखा जा सकता है.

मतलब साफ है कि ओरिजिनल वीडियो के कई अलग-अलग हिस्सों को काटा गया और बेतरतीब ढंग से जोड़ा गया और एक नया वीडियो बनाकर ये दावा किया गया कि NDTV के अडानी के हाथों बिकने के बाद रवीश कुमार का दर्द छलक रहा है.

जबकि NDTV में अडानी समूह ने हिस्सेदारी खरीदने का ऐलान 23 अगस्त 2022 को किया है और ये वीडियो इससे 5 साल पहले अक्टूबर 2017 से ही ऑनलाइन मौजूद है.

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हमने वीडियो के टाइटल और शुरुआत में आई स्लाइड देखी, जिसके मुताबिक रवीश कुमार 2 अक्टूबर 2017 को हैदराबाद में 'Gandhi & Dimensions of Truth & Alternate Truths' सब्जेक्ट पर बोल रहे थे.

हमें 2 अक्टूबर 2017 को ManthanIndia नाम की वेबसाइट पर पब्लिश इस कार्यक्रम के बारे में जानकारी मिली. जिसमें रवीश कुमार की उपलब्धियों के साथ-साथ ये भी बताया गया था कि मंथन संवाद नाम का प्रोग्राम हर साल 2 अक्टूबर को होता है.

मतलब साफ है कि रवीश कुमार का एक पुराना वीडियो हाल का बताकर इस झूठे दावे से शेयर किया जा रहा है कि NDTV की हिस्सेदारी बिकने के बाद वो अपना दर्द बयां कर रहे हैं.

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(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9643651818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं)

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