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किसान नेता राकेश टिकैत पर नहीं फेंकी गई स्याही, एडिटेड है ये फोटो 

जनवरी 2021 की फोटो को एडिट कर सोशल मीडिया पर झूठा दावा किया जा रहा है 

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भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत की एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है. फोटो में टिकैत के चेहरे पर स्याही पुती दिख रही है. दावा किया जा रहा है कि उनके चेहरे पर राजस्थान के कुछ लोगों ने स्याही फेंक दी.

वेबकूफ की पड़ताल में सामने आया कि ये फोटो एडिटेड है. राकेश टिकैत की जनवरी, 2021 की उस वक्त की फोटो को एडिट किया गया है, जब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित की गई कमेटी के समक्ष किसानों की मांगों से कोई भी समझौता करने से मना कर दिया था.

ऐसी कोई घटना अब तक सामने नहीं आई है, जब राकेश टिकैत के चेहरे पर स्याही फेंकी गई हो. हालांकि, 2 अप्रैल को अलवर में टिकैत के काफिले पर पत्थर और स्याही फेंकी गई थी, लेकिन टिकैत के ऊपर स्याही या पत्थर फेंकने में हमलावर कामयाब नहीं हुए थे.

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दावा

फोटो के साथ शेयर किया जा रहा कैप्शन है

भारत बंद करवाने चले थे . राजस्थान के पपलाज मैं जनता ने लात और थप्पड़ों की बारिश के बाद मुंह पर कालिख पोती”

ऐसी ही अन्य पोस्ट के अर्काइव यहां और यहां देखे जा सकते हैं

पड़ताल में हमने क्या पाया

वायरल फोटो को गूगल पर रिवर्स सर्च करने से हमें न्यूज 18 हिंदी की एक न्यूज रिपोर्ट में इस असली फोटो मिली. फोटो का क्रेडिट न्यूज एजेंसी ANI को दिया गया है.

ANI के 19 जनवरी, 2021 के ट्वीट में भी यही फोटो है.

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दोनों तस्वीरों को मिलाने पर साफ हो रहा है कि फोटो में एडिटिंग के जरिए टिकैत के चेहरे पर स्याही लगी दिखाई गई है. टिकैत के साथ असली फोटो में वही लोग उसी लिबास में देखे जा सकते हैं, जो वायरल फोटो में हैं.

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हमें ANI के यूट्यूब चैनल पर राकेश टिकैत के इंटरव्यू का वीडियो भी मिला. वीडियो में टिकैत के चेहरे पर स्याही नहीं दिख रही है. ऐसी कोई न्यूज रिपोर्ट भी हमें नहीं मिली, जिससे पुष्टि होती हो कि उनके चेहरे पर स्याही फेंकी गई.

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राजस्थान में टिकैत पर हमला हुआ ?

BKU नेता राकेश टिकैत के काफिले पर अलवर में हमला हुआ था. टिकैत ने आरोप लगाया था कि स्थानीय बीजेपी नेताओं ने कार पर पत्थऱ और स्याही फेंकने की कोशिश की और किसानों को काले झंडे दिखाए थे. टिकैत का ये भी आरोप था कि हमलावरों ने सुरक्षाकर्मियों की बंदूक छीनने की कोशिश की.

टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने ये पुष्टि की है कि हमले में कोई भी घायल नहीं हुआ और टिकैत की कार इस झड़प से काफी दूर थी.

द न्यू इंडियन एक्स्प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ लोगों ने कार पर पत्थऱ और स्याही फेंकी थी, लेकिन टिकैत उस कार में मौजूद नहीं थे.

रिपोर्ट्स के मुताबिक, मामले में 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. इनमें बीजेपी की छात्र इकाई ABVP का नेता कुलदीप यादव भी शामिल था. कुलदीप ने कथित तौर पर टिकैत पर हमला करने के लिए 50,000 रुपए खर्च कर कुछ युवकों को हायर किया था.

हालांकि, बीजेपी ने यादव से किसी भी तरह के संबंध से साफ इंकार कर दिया है. अलवर के एडिशनल एसपी गुरुशरन राव ने TNIE को बताया कि छात्र नेता ने मशहूर होने और अपनी राजनीतिक जगह बनाने के लिए ये हमला प्रायोजित किया था.

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