देश की सबसे हाईस्पीड ट्रेन कही जा रही ट्रेन 18 का नाम पिछले दिनों बदलकर 'वंदे भारत' एक्सप्रेस रख दिया गया. मेक इन इंडिया के तहत बनी इस ट्रेन को लेकर सरकार हर तरह से वाहवाही लूटने की कोशिश कर रही है. लेकिन अब यही चीज उसके खिलाफ चली गई है.
इस ट्रेन की खूबियां गिनाने के चक्कर में रेल मंत्री पीयूष गोयल एक गलती कर बैठे. गोयल ने शनिवार को एक ट्वीट किया, जिसमें वंदे भारत एक्सप्रेस एकदम तेज गति से गुजरती दिखी.
दावा
इस वीडियो को शेयर करते हुए गोयल ने लिखा, "ये एक चिड़िया है, ये एक प्लेन है. मेक इन इंडिया पहल के तहत बनी देश की सेमी-हाई स्पीड ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस को बिजली की गति से गुजरते देखिए."
सच या झूठ?
क्विंट ने अपनी जांच में पाया कि वंदे भारत एक्सप्रेस का ये वीडियो सही है, लेकिन गोयल ने जिस वीडियो को शेयर किया है, उसकी स्पीड तेज कर दी गई है.
इंटरनेट पर इसका असली वीडियो भी मिला, जिसे 'द रेल मेल' नाम के चैनल ने यूट्यूब पर अपलोड किया था.
ये रहा असली वीडियो-
इस वीडियो को 20 दिसंबर, 2018 को शेयर किया गया था. वीडियो के डिस्क्रिप्शन में लिखा है, 'दिल्ली-आगरा रूट पर ट्रेन 18 का दूसरा ट्रायल किया गया. ट्रेन ने 181 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार पकड़ी. पीएम नरेंद्र मोदी 26 जनवरी को वाराणसी से इस ट्रेन को हरी झंडी दिखा सकते हैं. दिल्ली-इलाहाबाद/प्रयागराज ट्रायल 29 दिसंबर को.'
पीयूष गोयल के वीडियो को अब तक कई लोग एडिट किया हुआ बता चुके हैं. उस ट्वीट पर ही कई लोगों ने जवाब में कहा कि ये वीडियो एडिट/फॉरवर्ड किया गया है.
कांग्रेस ने साधा गोयल पर निशाना
विपक्षी पार्टी कांग्रेस भी इस बहाने बीजेपी पर निशाना साधने से नहीं चूकी.
पीयूष गोयल के ट्वीट के बाद वीडियो को सच मानते हुए कुछ मीडिया ऑर्गनाइजेशन ने इसे बतौर खबर भी चला दिया.