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'मेरे अंगने में तुम्हारा क्या काम है' गाना 1883 में नहीं हुआ था रिकॉर्ड,गलत दावा

ग्रामोफोन का पेटेंट 1887 में कराया गया था और पहली बार किसी भारतीय आवाज को 1902 में रिकॉर्ड किया गया था.

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सोशल मीडिया पर 'मेरे अंगने में' गाने की एक ऑडियो रिकॉर्डिंग शेयर कर ये दावा किया जा रहा है कि इसे पहली बार 1883 में मिस शीला नाम की सिंगर ने रिकॉर्ड किया था.

  • दावे में कहा जा रहा है कि अमिताभ बच्चन (Amitabh Bacchan) की 1981 में रिलीज हुई फिल्म 'लावारिस' में इस्तेमाल होने से 100 पहले ये गाना रिकॉर्ड हो चुका था.

हमारी WhatsApp टिपलाइन पर भी दावे से जुड़ी क्वेरी आई है.

(ऐसे और भी पोस्ट के आर्काइव आप यहां और यहां देख सकते हैं.)

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क्या ये सच है?: नहीं, ये सच नहीं है.

  • दावे में ये कहा जा रहा है कि गाना 1883 में रिकॉर्ड कर लिया गया था, जबकि सच ये है कि एमिल बर्लिनर ने ग्रामोफोन को 1887 में यानी 4 साल बाद पेटेंट कराया था.

  • इसके अलावा, पहली बार किसी भारतीय आवाज को साल 1902 में रिकॉर्ड किया गया था. जिसकी आवाज रिकॉर्ड की गई वो कोलकाता की शशिमुखी थीं.

हमने सच का पता कैसे लगाया?: सबसे पहले हमने ग्रामोफोन के आविष्कार से जुड़ी जानकारी ढूंढी.

  • हमने गूगल की पेटेंट वेबसाइट पर ग्रामोफोन (या फोनोग्राफ) के बारे में देखा.

  • हमें डिवाइस से जुड़ा पेटेंट डॉक्युमेंट मिला. इसके मुताबिक, ये 1887 में फाइल किया गया था.

भारत में पहली रिकॉर्डिंग: भारत में साउंड रिकॉर्डिंग से जुड़ी जानकारी देखते समय हमें Indian Express का 2015 का एक आर्टिकल मिला, जिसमें इस बारे में कुछ जानकारी दी गई थी.

  • आर्टिकल के मुताबिक, भारत में पहली बार नवंबर 1902 में आवाज रिकॉर्ड की गई थी. तब शशिमुखी नाम की एक लड़की ने कोलकाता में एक बंगाली गाना गाया था.

  • आर्टिकल में इस जानकारी का क्रेडिट माइकल किनियर की किताब 'द ग्रामोफोन कंपनीज फर्स्ट इंडियन रिकॉर्डिंग्स, 1899-1908' को दिया गया है.

  • हमने Google Books पर ये किताब देखी. इसके तीसरे चैप्टर 'द फर्स्ट रिकॉर्डिंग टूर 1902' में बताया गया है कि "मिस सोशी मुखी" की आवाज को सबसे पहली बार रिकॉर्ड किया गया था.

  • हमें LiveMint के एक और आर्टिकल में भी यही जानकारी मिली. आर्टिकल के मुताबिक, गौहर जान नहीं, शशिमुखी वो पहली भारतीय थीं, जिनकी आवाज रिकॉर्ड की गई थी.

'मेरे अंगने के बारे में': हमें एक ब्लॉग पोस्ट मिली, जिसके मुताबिक 'मेरे अंगने में' गाना वास्तव में उत्तर प्रदेश का एक लोकगीत है.

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इसके मुताबिक, साल 1981 की फिल्म लावारिस से पहले ये गाना 1975 में आई फिल्म मजे ले लो में इस्तेमाल किया गया था. हमें एक यूट्यूब वीडियो भी मिला, जिसका टाइटल भी यही थी.

हालांकि, क्विंट स्वतंत्र रूप से इस दावे की पुष्टि नहीं करता है.

(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9643651818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं)

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