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Recap:मणिपुर हिंसा,पाकिस्तान और रोबोट-इंसान के बीच मैच से जुड़े झूठे दावों का सच

न तो पाकिस्तान में पौधे उखाड़ने की घटना के पीछे कोई धार्मिक वजह है और न ही रोबोट इंसान के बीच टेबल टेनिस मैच हुआ.

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मणिपुर हिंसा (Manipur Violence) से जोड़कर इस हफ्ते कई झूठे दावे वायरल हुए. कभी म्यांमार का पुराना वीडियो मणिपुर का बताया गया तो कभी BJP नेता की फोटो शेयर कर उन्हें मणिपुर वायरल वीडियो में आरोपी बताते हुए झूठा दावा किया गया.

पाकिस्तान का पुराना वीडियो एंटी मुस्लिम दावे से शेयर किया गया, जिसमें कुछ लोग पौधे उखाड़ते दिख रहे हैं. इसके अलावा, एक एडिटेड वीडियो शेयर कर ये डर पैदा करने की भी कोशिश की गई कि रोबोट भविष्य में कितने भयानक हो सकते हैं.

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क्विंट की वेबकूफ टीम ने ऐसे तमाम दावों की पड़ताल कर सच आपको बताया, जिन्हें आप यहां एक जगह एक साथ पढ़ सकते हैं.

मणिपुर वायरल वीडियो मामले से जोड़ी गई बीजेपी नेता की फोटो

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वर्दी में दिख रहे दो लोगों की फोटो शेयर कर ये दावा किया गया कि ये मणिपुर वायरल वीडियो मामले में आरोपियों की फोटो है.

पड़ताल में हमने पाया कि ये मणिपुर वायरल वीडियो मामले के आरोपियों की फोटो नहीं, बल्कि मणिपुर में बीजेपी उपाध्यक्ष चिदानंद सिंह और उनके बेटे की फोटो है.

ये फोटो उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट से अक्टूबर 2022 में पोस्ट की थी.

चिदानंद सिंह ने सोशल मीडिया पर उन्हें लेकर गलत दावा करने वालों के खिलाफ एफआईआर भी दर्ज कराई है. इसके अलावा, मणिपुर पुलिस ने भी वायरल दावे को गलत बताया है.

पूरी पड़ताल यहां पढ़ें

मणिपुर में मैतेई लड़की की हत्या का नहीं ये वीडियो

सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया गया जिसमें बीच सड़क पर कुछ लोग एक लड़की के साथ मारपीट करते और उसे गोली मारते दिख रहे हैं.

वीडियो को मणिपुर हिंसा से जोड़ा गया और दावा किया गया कि वीडियो में दिख रही महिला मैतेई समुदाय से है और वीडियो में उसके साथ मारपीट करने वाली महिलाएं ईसाई हैं.

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये वीडियो म्यांमार का है जहां ऐ मार तुन नाम की 24 वर्षीय टीचर को इस शक में गोली मार दी गई कि वो जुंटा यानी मणिपुर सरकार तक कुछ सूचनाएं पहुंचा रही थी.

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पाकिस्तान में पौधे उखाड़ने की घटना के पीछे धार्मिक अंधविश्वास नहीं

पौधे उखाड़कर फेंकते हुए लोगों का एक वीडियो शेयर किया गया. वीडियो को इस दावे से शेयर किया गया कि मुस्लिम धार्मिक अंधविश्वास की वजह से रेगिस्तान में लगाए गए पौधे उखाड़ रहे हैं.

पड़ताल में हमने पाया कि वायरल दावा गलत है. ये वीडियो पाकिस्तान के खैबर का है और अगस्त 2022 का है. पौधे उखाड़ने की वजह कोई धार्मिक अंधविश्वास नहीं थी.

असल में तब पाकिस्तान सरकार ने देशभर में वृक्षारोपण अभियान चलाया था. इस अभियान के तहत खैबर में भी पौधे लगाए गए थे. लेकिन, वहां कुछ लोगों ने सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए ये आरोप लगाया था कि ये पौधे उनकी जमीन पर बिना उनकी अनुमति के लगाए गए थे. इसलिए, उन्होंने पौधे उखाड़ दिए थे.

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पुलिस के साथ झड़प का ये वीडियो मणिपुर का नहीं

मणिपुर हिंसा से जोड़कर सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया गया जिसमें एक शख्स डंडा लेकर पुलिस का धमकाता नजर आ रहा है. दावा किया गया कि ये मणिपुर की घटना है और वीडियो में ईसाई महिलाएं ऐसा करती दिख रही हैं.

पड़ताल में हमने पाया कि ये वीडियो न तो हाल का है और न ही मणिपुर का है. ये वीडियो उत्तर प्रदेश का है और मई 2023 का है. तब चंदौली में नगर निगम चुनाव के दौरान निर्दलीय उम्मीदवार सोनू किन्नर के ट्रांसजेंडर समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया था.

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रोबोट और इंसान के बीच टेबल टेनिस मैच का ये वीडियो एडिटेड है

सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें रोबोट (Robot) और इंसान के बीच टेबल टेनिस का मैच होते देखा जा सकता है.

वीडियो शेयर कर यूजर्स ने लिखा है, ''सोचिए कि रोबोट सिर्फ एक बार हार जाए तो हमारी असली जिंदगी टर्मिनेटर जैसी हो जाएगी.''

पड़ताल में ये वीडियो एडिटेड निकला. एडिटिंग की मदद से वीडियो में रोबोट जोड़ा गया है. ओरिजनल वीडियो यूरोपियन चैंपियनशिप के दौरान हुए मैच को दिखाता है, जिसमें वांग यांग और पावेल सरचेक को मैच खेलते देखा जा सकता है. ओरिजनल वीडियो आप यहां देख सकते हैं.

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(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9643651818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं)

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