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गांधीजी की हत्या की नहीं,पुरानी फिल्म की है सर्कुलेट हो रही तस्वीर

जानिए सोशल मीडिया पर सर्कुलेट हो रही इस तस्वीर का सच क्या है

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दावा

महात्मा गांधी की 150वीं जयंती पर सोशल मीडिया में एक फोटो तेजी से सर्कुलेट हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि ये गांधीजी की हत्या के समय खींची गई असली तस्वीर है.

@MohdMuzzammilK नाम के एक ट्विटर हैंडल से इसे ट्वीट किया गया है. तस्वीर में दिख रहा है कि जमीन पर एक व्यक्ति गिरे हुए हैं, जो गांधी जैसे दिख रहे हैं, जबकि एक अन्य व्यक्ति को दो लोगों ने पकड़ रखा है. ट्वीट के कैप्शन में दावा किया गया कि बैकग्राउंड में मौजूद व्यक्ति नाथूराम गोडसे है.

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ट्वीट के आर्काइव वर्जन को यहां देखा जा सकता है.

सच क्या है

यह तस्वीर असल में मार्क रॉबसन की 1963 में आई हॉलीवुड फिल्म 'नाइन आवर्स टू राम’ का एक शॉट है.

दरअसल इस फिल्म को भारत में रिलीज करने पर बैन कर दिया गया था. दरअसल इस फिल्म में गांधी की हत्या की साजिश का बहुत ही काल्पनिक रूप पेश किया गया था. ये फिल्म स्टेनली वोलपर्ट के लिखे 1962 के उपन्यास पर आधारित थी.   

फिल्म के एक हिस्से के YouTube लिंक में, ट्वीट में इस्तेमाल की गई तस्वीर को 3:01 काउंटर पर देखा जा सकता है.

हमने कैसे पता लगाया

ट्वीट पर आए कई कमेंट्स में कहा गया था कि ये तस्वीर एक फिल्म की है. हमने 'Gandhi assassination documentary image' कीवर्ड से सर्च किया. द क्विंट को स्क्रॉल का एक आर्टिकल मिला, जिसमें इस दावे को खारिज किया गया था.
इसके बाद द क्विंट को फिल्म की क्लिपिंग का यूट्यूब लिंक मिला. इसके बाद हमारी पड़ताल में सामने आया कि सर्कुलेट हो रही ये तस्वीर उसी फिल्म का एक शॉट है.

(क्या आप ऑनलाइन पोस्ट की गई किसी जानकारी के बारे में आश्वस्त नहीं हैं और इसे सत्यापित करना चाहते हैं? 9643651818 पर हमें वॉट्सऐप पर विवरण भेजें, या इसे हमें webqoof@thequint.com पर ई-मेल करें और हम आपके लिए इसकी पड़ताल करेंगे.)

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