सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर किया जा रहा है जिसमें ट्रेन के एक लोको पायलट को रेलवे ट्रेक के पास मौजूद बाजार से समोसे खरीदकर इंजन में ले जाते हुए देखा जा सकता है.
दावा: इस पोस्ट को शेयर कर दावा किया जा रहा है कि, "समोसा खाने के लिए लोको पायलट ने बीच रास्ते में रोकी ट्रेन, वीडियो वायरल."
क्या यह दावा सही है ? नहीं, यह दावा सही नहीं है.
रेलवे ने जानकारी दी है कि राऊ यार्ड में चल रहे तय इंजीनियरिंग काम के कारण, नियमों के अनुसार कॉनकोर ग्रीन फील्ड प्राइवेट टर्मिनल की मालगाड़ी (लोको नंबर 27237 और 27600) को राऊ होम सिग्नल पर रोका गया था. मालगाड़ी को खाने-पीने की चीजे खरीदने के लिए नहीं रोका गया था.
रेलवे ने दोनों ही दावों को भ्रामक बताया है ना तो यह ट्रेन सवारी गाड़ी थी और ना ही लोको पायलट ने समोसा खरीदने के मकसद से इसे रोका था.
हमने सच का पता कैसे लगाया ? हमने वायरल वीडियो से सम्बंधित कीवर्ड्स सर्च किए, हमारी सर्च में हमें कुछ reddit पोस्ट मिलीं जिनमें इस वायरल वीडियो को भ्रामक बताया गया था.
यहां से अंदाजा लेकर हमने रेलवे के आधिकारिक X अकाउंट (पूर्व में ट्विटर) चेक किया जहां हमें DRM Ratlam की 08 जुलाई 2026 की यह पोस्ट मिली जिसमें वायरल वीडियो के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई थी.
इस पोस्ट में बताया गया था कि, "राऊ यार्ड में चल रहे तय इंजीनियरिंग काम के कारण, नियमों के मुताबिक कॉनकोर ग्रीन फील्ड प्राइवेट टर्मिनल की मालगाड़ी (लोको नंबर 27237 और 27600) को राऊ होम सिग्नल पर रोका गया था. मालगाड़ी को खाने-पीने की चीजें खरीदने के लिए नहीं रोका गया था."
इसके साथ ही इसमें लिखा था कि, "इसके अलावा, इस वीडियो को गलत तरीके से एक पैसेंजर DEMU ट्रेन से जोड़ा गया है, जबकि असल में यह घटना एक मालगाड़ी से जुड़ी थी."
इसके सिवा हमारी सर्च में हमें Western Railway के आधिकारिक X अकाउंट पर 09 July 2026 यह पोस्ट मिली जिसमें वायरल वीडियो के बारे में DRM Ratlam की पोस्ट से मेल खाती हुई जानकारी दी गई थी.
मराठी में की गई इस पोस्ट में भी लिखा था कि, "राऊ यार्ड में चल रहे तय इंजीनियरिंग काम के कारण, नियमों के मुताबिक कॉनकोर ग्रीन फील्ड प्राइवेट टर्मिनल की मालगाड़ी (लोको नंबर 27237 और 27600) को राऊ होम सिग्नल पर रोका गया था. मालगाड़ी को खाने-पीने की चीजें खरीदने के लिए नहीं रोका गया था."
इसके सिवा हमारी सर्च में हमें न्यूज एजेंसी PTI की यह पोस्ट मिली जिसमें वेस्टर्न रेलवे जोन के PRO मुकेश कुमार का बयान मौजूद था, मुकेश कुमार ने बताया, "वीडियो में गलत दावा किया गया है कि वह एक DEMU पैसेंजर ट्रेन थी. यह पूरी तरह गलत है. वह एक मालगाड़ी थी. रेलवे के नियमों के अनुसार मालगाड़ी को होम सिग्नल पर रोका गया था क्योंकि आगे इंजीनियरिंग का काम चल रहा था और सिग्नल क्लियर नहीं हुआ था."
उन्होंने आगे बताया कि, "इस दौरान, ट्रेन से उतरते हुए जो व्यक्ति दिखाई दे रहा है, वह एक अतिरिक्त ड्राइवर था. मुख्य लोको पायलट और असिस्टेंट लोको पायलट लोकोमोटिव के अंदर ही रहे. इसलिए, वायरल वीडियो में किए गए दोनों दावे - कि लोको पायलट ने समोसे खरीदने के लिए ट्रेन रोकी और वह एक पैसेंजर/DEMU ट्रेन थी - पूरी तरह से गलत और बेबुनियाद हैं.
ट्रेन को सिर्फ इसलिए रोका गया था क्योंकि आगे इंजीनियरिंग के काम के कारण सिग्नल क्लियर नहीं हुआ था. वह एक मालगाड़ी थी, पैसेंजर ट्रेन नहीं."
निष्कर्ष: ट्रेन रोककर समोसा खरीदने के दावे से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो भ्रामक है, रेलवे ने इन दावों का खंडन किया है.
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