सोशल मीडिया पर जामिया मिल्लिया इस्लामिया का बताया जा रहा एक सर्कुलर वायरल है. इस सर्कुलर में लिखा है कि रमजान के महीने में कोई लड़का और लड़की साथ दिखते हैं तो यूनिवर्सिटी उनका निकाह करा देगी.
सच क्या है ? : वायरल नोटिफिकेशन फेक है. जामिया मिल्लिया इस्लामिया यूनिवर्सिटी ने ये पुष्टि की है कि रमजान के महीने को लेकर ऐसी कोई चेतावनी जारी नहीं की है.
हमने ये सच कैसे पता लगाया ? : जामिया मिल्लिया इस्लामिया की आधिकारिक वेबसाइट पर हमने हाल में जारी किए सर्कुलर देखे. ऐसा कोई नोटिस हमें नहीं मिला, जिसमें ऐसी बात कही गई हो, जैसा सोशल मीडिया पर दावा है.
वेबसाइट पर एक स्पष्टीकरण जरूर है, जिसमें कहा गया है कि सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा कथित नोटिस असली नहीं है.
हमने यूनिवर्सिटी के एक वरिष्ठ प्रोफेसर से भी बात की, जिन्होंने पुष्टि की कि जामिया मिल्लिया इस्लामिया की तरफ से ऐसा कोई नोटिस जारी नहीं किया गया है.
निष्कर्ष : रमजान के महीने में लड़का-लड़की के साथ दिखने को लेकर जामिया मिल्लिया इस्लामिया की तरफ से ऐसा कोई नोटिस जारी नहीं हुआ है, जैसा सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है.
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