सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें दावा किया गया है कि ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन 2026 ब्रिक्स समिट में एक हिंदू धार्मिक नेता के पैर छू रहे हैं.
नवभारत टाइमस ने भी अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया है कि ईरानी राष्ट्रपति ने शिखर सम्मेलन में एक हिंदू धार्मिक नेता के पैर छुए.
क्या यह सच है?: नहीं, यह दावा गलत है. वीडियो में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन को जमीन से एक दस्तावेज उठाते हुए दिखाया गया है.
हमने सच का पता कैसे लगाया ?: हमने रिवर्स इमेज सर्च ऑप्शन का इस्तेमाल किया जिसमें हमें एक इंस्टाग्राम पोस्ट मिली जिसमें वायरल वीडियो से मेल खाने वाले दृश्य थे.
वीडियो में उसी घटना के दृश्य एक अन्य एंगल से भी दिखाए गए थे.
हालांकि, दूसरे एंगल से देखने पर ऐसा नहीं लगता कि राष्ट्रपति धार्मिक नेता के पैर छू रहे हैं.
ऐसा लगता है जैसे वह जमीन से कुछ उठा रहे हों.
हमें आचार्य लोकेश मुनि नाम के एक यूजर की फेसबुक पोस्ट मिली, जिसमें उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति के साथ खड़े होकर ली गई अपनी तस्वीरें शेयर की थीं.
'The Quint' ने उनसे संपर्क किया, तो उन्होंने बताया कि यह दावा गलत है कि ईरान के राष्ट्रपति ने किसी हिंदू धर्मगुरु के पैर छुए थे.
उन्होंने बताया कि जब वह राष्ट्रपति को अपनी संस्था की मैगजीन 'आह्वान' दिखा रहे थे — जो उनके शुरू किए गए संगठन 'वर्ल्ड पीस सेंटर' के बारे में थी — तो यह मैगजीन उनके हाथों से गिर गई थी.
उन्होंने कहा कि वायरल वीडियो में ईरान के राष्ट्रपति को शिष्टाचार के नाते उसे उठाते हुए देखा जा सकता है, लेकिन इंटरनेट पर इसे एक भ्रामक दावे के साथ बड़े पैमाने पर फैलाया गया. ईरान के राष्ट्रपति ने किसी भी धर्मगुरु के पैर नहीं छुए हैं.
निष्कर्ष: वीडियो में ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान को जमीन से एक दस्तावेज उठाते हुए दिखाया गया है, न कि किसी धार्मिक नेता के पैर छूते हुए.
(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर 9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)
