कैलाश मानसरोवर के सामने भारतीय आर्मी का तिरंगा लहराते हुए एक फेक फोटो वायरल हो रहा है. साथ में कैप्शन में दावा किया जा रहा है- '1841 में जनरल जोरावर सिंह ने तिब्बत पर हमला किया था. और 800 किमी तक घुस गए थे. मानसरोवर झील पर कब्जा जमा लिया था. पवित्र झील के किनारे चीनी सेना के साथ युद्ध हुआ. हमारी आर्मी अब माउंट कैलाश पर बैठी हुई है.'
हमने अपनी जांच में पाया कि ये फोटो कैलाश मानसरोवर के ऊपर मॉर्फ्ड किया हुआ है. असल में ये तस्वीर लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) की है.
दावा
इस फोटो को मेजर जनरल जीडी बख्शी ने 14 सितंबर को शेयर किया और इसे करीब 3000 लोगों ने रीट्वीट किया और इस पर करीब 16,000 रिएक्शन देखने को मिले.
हमें क्या मिला?
इस वायरल पोस्ट का पता चलने के बाद हमने सबसे पहले इस फोटो का गूगल पर रिवर्स इमेज सर्च किया. हमें इंडिया टुडे पर इसी तरह की एक और इमेज देखने को मिली जिस पर कैप्शन लिखा हुआ था- 'सेना के जवान गणतंत्र दिवस के मौके पर झंडा पकड़े हुए'
रिवर्स इमेज सर्च में हमें द प्रिंट का एक और आर्टिकल मिला उसमें भी यही तस्वीर लगी हुई थी.
साफ है फोटो के बैकग्राउंड से छेड़छाड़ की गई है ताकि ऐसा लगे कि हमारी सेना के जवान कैलाश मानसरोवर के सामने खड़े हैं. लेकिन असल में ये तस्वीर LoC की है.
हालांकि ये जानना जरूरी है कि भारतीय सेना ने 29-30 अगस्त की रात को चुसुल बोल की विपरीत दिशा में कैलाश रेंज की रिजलाइन को कब्जे में ले लिया था.
