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जनरल मनोज पांडे ने इजरायल और भारतीय सेना पर नहीं कही ये बात, AI वीडियो वायरल

वीडियो में जनरल मनोज पांडे कहते दिख रहे हैं कि इजरायल का साथ देकर भारतीय सेना की पहचान जातीय सेना की तरह बन रही है.

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पूर्व सेना अध्यक्ष जनरल मनोज पांडे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. इस वीडियो में वो कहते दिख रहे हैं कि इजरायल का साथ देकर भारतीय सेना की पहचान एक जातीय सेना की तरह बनती जा रही है.

वीडियो में जनरल मनोज पांडे कहते हैं ''इजरायल का साथ देने का सबसे बड़ा नुकसान यह है कि हमारी भारतीय सेना, जिसे हमेशा एक नैतिक और पेशेवर बल के तौर पर तैयार किया गया, मौजूदा हालात में एक नस्लीय पहचान के आधार पर देखी जाने वाली फोर्स बनती जा रही है. मेरे शब्द याद रखिए, यह स्थिति आगे चलकर पूरी बगावत की तरफ जा सकती है. हम सब देख रहे हैं कि असम में क्या हो रहा है.''(हिंदी में अनुवाद)

रिपोर्ट लिखे जाने तक पोस्ट को 1 लाख से ज्यादा बार देखा जा चुका है. यही दावा करते अन्य पोस्ट के अर्काइव यहां, यहां, यहां और यहां देखें

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क्या ये सच है ? : वीडियो के साथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से छेड़छाड़ की गई है. असली वीडियो में जनरल मनोज पांडे ने भारतीय सेना पर ऐसी कोई बात नहीं कही है.

हमने सच का पता कैसे लगाया? Google Lens की मदद से वायरल वीडियो के कुछ कीफ्रेम्स को हमने रिवर्स सर्च किया.

  • हमें न्यूज एजेंसी प्रेस ट्रस्ट ऑफ इंडिया (PTI) के आधिकारिक X हैंडल पर पोस्ट किया गया एक वीडियो मिला, जिसमें जनरल मनोज पांडे, उन्हीं कपड़ों में नजर आ रहे थे, जैसे कि वायरल वीडियो में हैं.

  • यह वीडियो 14 मार्च को पोस्ट किया गया था. इसके कैप्शन में कहा गया था: दिल्ली में पूर्व सेना प्रमुख जनरल मनोज पांडे (रिटायर्ड) ने कहा, “हम एक जटिल दुनिया में रह रहे हैं. हमें सिर्फ मौजूदा सुरक्षा चुनौतियों से निपटने में सक्षम नहीं होना चाहिए, बल्कि भविष्य की चुनौतियों का अनुमान भी लगाना चाहिए. जब आप भविष्य का अनुमान लगा लेते हैं, तो उसके मुताबिक खुद को तैयार भी करना पड़ता है. आपके पास ऐसी क्षमताएं होनी चाहिए, जो भविष्य के युद्धों को प्रभावी ढंग से लड़ने में मदद करें. सशस्त्र बलों को भविष्य के लिए तैयार रहना होगा...” (हिंदी में अनुवाद)

डिटेक्शन टूल में क्या पता चला? : वीडियो की सच्चाई को और पुख्ता करने के लिए टीम WebQoof ने इसे ‘DeepFake-O-Meter’ टूल पर चेक किया. इस टूल के पांच डिटेक्टर्स ने साफ तौर पर संकेत दिया कि वायरल क्लिप AI टूल्स की मदद से बनाई या बदली गई थी.

PIB ने दावे को गलत बताया: प्रेस इन्फॉर्मेशन ब्यूरो (PIB) की फैक्ट-चेकिंग यूनिट के आधिकारिक X हैंडल ने भी इस वीडियो को डीपफेक बताया है.

निष्कर्ष : मतलब साफ है, जनरल मनोज पांडे के वीडियो के साछ छेड़छाड़ कर ये गलत दावा किया जा रहा है कि उन्होंने भारतीय सेना पर इजरायल के साथ अभ्यास करने को लेकर एक गंभीर टिप्पणी की है.

(अगर आपके पास भी ऐसी कोई जानकारी आती है, जिसके सच होने पर आपको शक है, तो पड़ताल के लिए हमारे वॉट्सऐप नंबर  9540511818 या फिर मेल आइडी webqoof@thequint.com पर भेजें. सच हम आपको बताएंगे. हमारी बाकी फैक्ट चेक स्टोरीज आप यहां पढ़ सकते हैं.)

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